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शेल्टर होम में रखी गई 7 लड़कियां प्रेग्नेंट, 57 कोरोना पॉजिटिव, प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल

First Published Jun 22, 2020, 8:51 AM IST
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कानपुर (Uttar Pradesh) । कानपुर संवासिनी गृह में सात नाबालिग लड़कियों के प्रेग्नेंट होने और यहां 57 लड़कियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से हड़कंप मचा हआ है। प्रेग्नेंट किशोरियों को  हैलट के जच्चा-बच्चा अस्पताल भर्ती किया गया है। जहां जांच में एक एचआईवी संक्रमित मिली तो दूसरी को हेपेटाइटिस सी का संक्रमण है। इसके चलते उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। वहीं, डीएम ने ट्वीट कर हकीकत के बारे में जानकारी दिया है। 


एक संवासनी के कोरोना पॉजिटिव होने से बालिका संरक्षण गृह की सभी लड़कियों का कोरोना टेस्ट हुआ। इस दौरान 57 लड़कियां कोरोना पॉजिटिव पाई गई, जिसमें 7 लड़कियां प्रेग्‍नेंट पाई गई हैं। इनमें में से 5 में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। ।


एक संवासनी के कोरोना पॉजिटिव होने से बालिका संरक्षण गृह की सभी लड़कियों का कोरोना टेस्ट हुआ। इस दौरान 57 लड़कियां कोरोना पॉजिटिव पाई गई, जिसमें 7 लड़कियां प्रेग्‍नेंट पाई गई हैं। इनमें में से 5 में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। ।


प्रेग्‍नेंट लड़कियों में से एक किशोरी को 8 माह और दूसरी को साढ़े आठ माह का गर्भ है। अब दोनों को हैलट के जच्चा-बच्चा अस्पताल रेफर कर दिया गया है। जहां जांच में एक एचआईवी संक्रमित मिली तो दूसरी को हेपेटाइटिस सी का संक्रमण है। इसके चलते उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है।
 


प्रेग्‍नेंट लड़कियों में से एक किशोरी को 8 माह और दूसरी को साढ़े आठ माह का गर्भ है। अब दोनों को हैलट के जच्चा-बच्चा अस्पताल रेफर कर दिया गया है। जहां जांच में एक एचआईवी संक्रमित मिली तो दूसरी को हेपेटाइटिस सी का संक्रमण है। इसके चलते उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है।
 


डीएम ने ट्वीट किया कि कुछ लोगों द्वारा कानपुर संवासिनी गृह को लेकर गलत उद्देश्य से पूर्णतया असत्य सूचना फैलाई गई हैं। आपदाकाल में ऐसा कृत्य संवेदनहीनता का उदाहरण है। कृपया किसी भी भ्रामक सूचना को जांचे बिना पोस्ट न करें। ज़िला प्रशासन इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए लगातार तथ्य एकत्र कर रहा है।
 


डीएम ने ट्वीट किया कि कुछ लोगों द्वारा कानपुर संवासिनी गृह को लेकर गलत उद्देश्य से पूर्णतया असत्य सूचना फैलाई गई हैं। आपदाकाल में ऐसा कृत्य संवेदनहीनता का उदाहरण है। कृपया किसी भी भ्रामक सूचना को जांचे बिना पोस्ट न करें। ज़िला प्रशासन इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए लगातार तथ्य एकत्र कर रहा है।
 


एसएसपी दिनेश कुमार पी ने कहा है कि सभी बालिकाएं संरक्षण गृह में लाए जाने के वक्त ही गर्भवती थीं। पांच संक्रमित संवासिनी आगरा, एटा, कन्नौज, फिरोजाबाद और कानपुर के बाल कल्याण समिति से संदर्भित करने के बाद यहां रह रही थीं।


एसएसपी दिनेश कुमार पी ने कहा है कि सभी बालिकाएं संरक्षण गृह में लाए जाने के वक्त ही गर्भवती थीं। पांच संक्रमित संवासिनी आगरा, एटा, कन्नौज, फिरोजाबाद और कानपुर के बाल कल्याण समिति से संदर्भित करने के बाद यहां रह रही थीं।


एसएसपी दिनेश कुमार पी ने कहा है कि पॉक्सो एक्ट के तहत एक किशोरी कन्नौज और दूसरी किशोरी आगरा से कानपुर आई है। रेस्क्यू के समय ही दोनों गर्भवती थीं और दिसंबर 2019 में संरक्षण गृह में भेजी गई थीं। दोनों 6 महीने पहले बालिका गृह में आई हैं, जबकि गर्भ 8 महीने का है. संरक्षण के समय से दोनों के गर्भवती होने का रिकॉर्ड है।


एसएसपी दिनेश कुमार पी ने कहा है कि पॉक्सो एक्ट के तहत एक किशोरी कन्नौज और दूसरी किशोरी आगरा से कानपुर आई है। रेस्क्यू के समय ही दोनों गर्भवती थीं और दिसंबर 2019 में संरक्षण गृह में भेजी गई थीं। दोनों 6 महीने पहले बालिका गृह में आई हैं, जबकि गर्भ 8 महीने का है. संरक्षण के समय से दोनों के गर्भवती होने का रिकॉर्ड है।

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