मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में न्यायिक सेवा नियमावली में संशोधन, बुंदेलखंड में डेयरी प्लांट, मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश, अयोध्या में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नए शहरों के विकास और प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के क्रियान्वयन जैसे कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में न्यायिक सेवा नियमावली में संशोधन, बुंदेलखंड में डेयरी परियोजना, मेडिकल डिवाइस निर्माण इकाई, अयोध्या में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नए शहरों के विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के क्रियान्वयन और कांशीराम आवास योजना से जुड़े अहम फैसले लिए गए।

उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली 1975 में संशोधन को मंजूरी

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली, 1975 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उच्च न्यायालय की संस्तुति के आधार पर उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा (अठारहवां संशोधन) नियमावली, 2026 लागू की जाएगी। इस संशोधन के तहत भर्ती, कोटा और चयन प्रक्रिया से जुड़े कई नियमों में बदलाव किए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से नियम-5 (भर्ती स्रोत), नियम-6 (कोटा), नियम-18 (चयन प्रक्रिया), नियम-20 (पदोन्नति), नियम-22 (नियुक्ति) और परिशिष्ट-1 में संशोधन किया जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार सिविल जज (सीनियर डिवीजन) से पदोन्नति का कोटा 65 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। यह पदोन्नति वरिष्ठता, योग्यता और उपयुक्तता परीक्षा के आधार पर दी जाएगी।

वहीं सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से पदोन्नति का कोटा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। इस परीक्षा में वही सिविल जज शामिल हो सकेंगे जिन्होंने कम से कम 3 वर्ष सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर सेवा और उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में कुल 7 वर्ष की सेवा पूरी की हो। इसके अलावा अधिवक्ताओं (बार) से सीधी भर्ती का कोटा पहले की तरह 25 प्रतिशत ही रखा गया है।

बुंदेलखंड में डेयरी प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने का फैसला

कैबिनेट बैठक में बुंदेलखंड क्षेत्र में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत जनपद बांदा में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता का नया डेयरी प्लांट स्थापित किया जाएगा। साथ ही झांसी में पहले से स्थापित 10 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले डेयरी प्लांट का विस्तार कर उसे 30 हजार लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाया जाएगा।

इन परियोजनाओं के सिविल और मैकेनिकल कार्य टर्न-की आधार पर इंडियन डेयरी मशीनरी कंपनी लिमिटेड द्वारा कराए जाएंगे। कैबिनेट ने कंपनी को नियमानुसार सेंटेज चार्ज देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जिसका खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है और प्रदेश में दुग्ध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। इस परियोजना के पूरा होने से दूध उत्पादकों को बेहतर मूल्य मिलेगा, दूध खराब होने की समस्या कम होगी और क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

यमुना एक्सप्रेसवे मेडिकल डिवाइस पार्क में 215 करोड़ का निवेश

कैबिनेट ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस निर्माण इकाई स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत टीआई मेडिकल्स प्राइवेट लिमिटेड को भूमि सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया है। कंपनी गौतमबुद्ध नगर में मेडिकल डिवाइस पार्क में 4.48 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 215.20 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

यह परियोजना उत्तर प्रदेश एफडीआई, एफसीआई और फॉर्च्यून इंडिया-500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के अंतर्गत प्रस्तावित है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार कंपनी को 14.77 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। यह राशि केंद्र सरकार की मेडिकल डिवाइस पार्क योजना के तहत पहले से मिली सब्सिडी को समायोजित करने के बाद प्रदान की जाएगी। इस निवेश से प्रदेश में मेडिकल डिवाइस निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

अयोध्या में आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए भूमि हस्तांतरण

कैबिनेट ने जनपद अयोध्या में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह परियोजना मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत बनाई जाएगी। अयोध्या के चक नंबर-4, मोहल्ला वशिष्ठ कुंड, परगना हवेली अवध, तहसील सदर स्थित नजूल भूमि के लगभग 2500 वर्गमीटर क्षेत्रफल को नगर निगम अयोध्या को हस्तांतरित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इस स्थान पर आधुनिक खेल परिसर बनाकर युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

आठ शहरों के विकास के लिए 425 करोड़ रुपये की मंजूरी

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण / नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत ₹425 करोड़ की धनराशि जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस योजना के तहत निम्न शहरों का विकास किया जाएगा-

  • बरेली
  • वाराणसी
  • उरई
  • चित्रकूट
  • बांदा
  • प्रतापगढ़
  • गाजीपुर
  • मऊ

इन शहरों के विकास के लिए भूमि अर्जन में आने वाले खर्च का अधिकतम 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराएगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लिए नई नीति को मंजूरी

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत किफायती आवास (AHP) और किफायती किराया आवास (ARH) योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए नई नीति जारी करने को मंजूरी दी। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को केंद्र सरकार से 1.50 लाख रुपये और राज्य सरकार से 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

इसके अलावा डेवलपर्स को भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क, मानचित्र स्वीकृति शुल्क और बाह्य विकास शुल्क में छूट दी जाएगी, जबकि लाभार्थियों को स्टाम्प शुल्क में राहत मिलेगी।

कांशीराम आवास योजना के मकान पात्र दलितों को दिए जाएंगे

कैबिनेट बैठक में कांशीराम आवास योजना को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में कांशीराम आवासों पर अनधिकृत कब्जे की शिकायतें मिली हैं। ऐसे आवासों की पहचान कर उन्हें खाली कराया जाएगा। इसके बाद उन मकानों की मरम्मत और रंगाई-पुताई कराकर उन्हें पात्र दलित परिवारों को दोबारा आवंटित किया जाएगा। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। सरकार का उद्देश्य इन आवासों को वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है।