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आज से खुल गए यूपी के धार्मिक स्थल, सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में किया रुद्राभिषेक

First Published Jun 8, 2020, 11:28 AM IST
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गोरखपुर(Uttar Pradesh). कोरोना वायरस संक्रमण के कारण देश में लम्बे लॉकडाउन के बाद धीरे-धीरे सभी सेवाओं का संचालन धीरे-दीरे शुरू हो रहा है। अनलॉक-1 के फेज - 2 में सोमवार से बिना कन्टेंनमेंट वाले सभी जगह पर धार्मिक स्थल के साथ ही शापिंग सेंटर , होटल व रेस्टोरेंट काफी अहतियात के साथ खोलने की इजाजत दी गई है। इसके साथ ही धार्मिक स्थलों को भी खोलने की इजाजत दी गई है , जिसकी काफी समय से लोग मांग कर रहे थे। हर जगह पर सरकार ने एहतियात बरतते हुए सभी धार्मिक  स्थलों को खोलने की अनुमति दी है। मंदिरों में समूह गायन की अनुमति नहीं है जबकि मूर्तियों और पवित्र पुस्तकों आदि को छूने की अनुमति नहीं है। धार्मिक स्थलों के खुलने के पहले दिन ही गोरखपुर में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक किया। इसके बाद लोग बड़ी संख्या में कतार में खड़े होकर दर्शन के लिए इंतजार करते हुए मंदिर में पहुंचे। गेट पर ही लोगों को सेनेटाइज किया जा रहा है। इसके साथ ही बिना मास्क के किसी को भी प्रवेश की इजाजत नहीं है।
 

कोरोना संक्रमण से निजात और लोक कल्याण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार की सुबह गोरखनाथ मन्दिर में रुद्राभिषेक किया। मंदिर के शक्तिपीठ में आयोजित इस आनुष्ठानिक पूजन को प्रधान पुरोहित आचार्य रामानुज त्रिपाठी वैदिक ने वेदपाठी ब्राह्मणों के साथ सम्पन्न कराया। 

कोरोना संक्रमण से निजात और लोक कल्याण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार की सुबह गोरखनाथ मन्दिर में रुद्राभिषेक किया। मंदिर के शक्तिपीठ में आयोजित इस आनुष्ठानिक पूजन को प्रधान पुरोहित आचार्य रामानुज त्रिपाठी वैदिक ने वेदपाठी ब्राह्मणों के साथ सम्पन्न कराया। 

इससे पहले मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर आशीर्वाद लिया। इसी क्रम में उन्होंने मन्दिर परिसर का भ्रमण कर उस इंतजाम को देखा, जिसके लिए उन्होंने रविवार की देर रात निर्देशित किया था।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर आशीर्वाद लिया। इसी क्रम में उन्होंने मन्दिर परिसर का भ्रमण कर उस इंतजाम को देखा, जिसके लिए उन्होंने रविवार की देर रात निर्देशित किया था।

80 दिन बाद सोमवार से मन्दिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गए हैं। अभी तक मंदिर में कम श्रद्धालु ही आये है। मुख्यमंत्री का निर्देश दर्शन-पूजन के दौरान हर हाल में फिजिकल डिस्टेंसिंग के पालन को लेकर है। मुख्यमंत्री आज यहां अब आइएमए और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

80 दिन बाद सोमवार से मन्दिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गए हैं। अभी तक मंदिर में कम श्रद्धालु ही आये है। मुख्यमंत्री का निर्देश दर्शन-पूजन के दौरान हर हाल में फिजिकल डिस्टेंसिंग के पालन को लेकर है। मुख्यमंत्री आज यहां अब आइएमए और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

सरकार ने आज से धार्मिक  स्थलों को फिर से खोलने की अनुमति दी है। हर जगह पर सरकार ने एहतियाती उपायों के साथ आज से सभी धार्मिक  स्थलों को खोलने की अनुमति दी है। मंदिरों में समूह गायन की अनुमति नहीं है जबकि मूर्तियों और पवित्र पुस्तकों आदि को छूने की अनुमति नहीं है।

सरकार ने आज से धार्मिक  स्थलों को फिर से खोलने की अनुमति दी है। हर जगह पर सरकार ने एहतियाती उपायों के साथ आज से सभी धार्मिक  स्थलों को खोलने की अनुमति दी है। मंदिरों में समूह गायन की अनुमति नहीं है जबकि मूर्तियों और पवित्र पुस्तकों आदि को छूने की अनुमति नहीं है।

धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत के बाद आशंका थी कि लाक डाउन थमने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर की ओर उन्मुख होंगे पर ऐसा नहीं हुआ और औसत संख्या में ही श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। ऐसे में कोरोना से बचाव की दृष्टि से शारीरिक दूरी सुनिश्चित कराने और सैनिटाइजेशन को लेकर प्रशासन एवं तमाम मंदिर प्रबंधन सहूलियत महसूस की। 
 

धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत के बाद आशंका थी कि लाक डाउन थमने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर की ओर उन्मुख होंगे पर ऐसा नहीं हुआ और औसत संख्या में ही श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। ऐसे में कोरोना से बचाव की दृष्टि से शारीरिक दूरी सुनिश्चित कराने और सैनिटाइजेशन को लेकर प्रशासन एवं तमाम मंदिर प्रबंधन सहूलियत महसूस की। 
 

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