Asianet News Hindi

DIG अनंत देव सस्पेंड,जांच में 60 अफसरों के नाम और उनकी विकास दुबे के साथ रिश्ते का खुलासा,पत्नी पर भी होगा केस

First Published Nov 13, 2020, 11:02 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

लखनऊ (Uttar Pradesh) । कानपुर जिले के बिकरु गांव में दो जुलाई की रात हुए शूटआउट मामले में एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसआईटी (स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम) की सिफारिश पर कानपुर में डीजीपी रहे अनंत देव तिवारी को योगी सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। वे वर्तमान में पीएससी(PSC) मुरादाबाद में डीजीपी (DIG) थे। वहीं, एसएसपी (SSP दिनेश कुमार पी) को नोटिस दिया गया है। हालांकि, इसकी अभी कोई अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। बता दें कि एसआईटी ने करीब 60 अधिकारियों के नाम और उनकी विकास दुबे के साथ रिश्तों के बारे में सरकार को अपनी रिपोर्ट दी है।

गृह विभाग को सौंपी 3500 पन्नों की रिपोर्ट
IT ने पांच दिन पहले 3500 पन्नों की अपनी रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी थी। इसमें पुलिस और अपराधियों के बीच गठजोड़ के अहम खुलासे किए थे। जांच में तत्कालीन एसएसपी रहे डीजीपी अनंत देव तिवारी पर भ्रष्टाचार व पक्षपात के आरोप लगे थे, जो SIT की जांच में पुख्ता भी मिले हैं। उन पर कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। इससे पहले IG रेंज लखनऊ के द्वारा जांच में भी अनंत देव त्रिपाठी की भूमिका और दिवंगत CO देवेंद्र मिश्र द्वारा लिखे गए पत्र की पुष्टि करने की बात सामने आई थी।
 

गृह विभाग को सौंपी 3500 पन्नों की रिपोर्ट
IT ने पांच दिन पहले 3500 पन्नों की अपनी रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी थी। इसमें पुलिस और अपराधियों के बीच गठजोड़ के अहम खुलासे किए थे। जांच में तत्कालीन एसएसपी रहे डीजीपी अनंत देव तिवारी पर भ्रष्टाचार व पक्षपात के आरोप लगे थे, जो SIT की जांच में पुख्ता भी मिले हैं। उन पर कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। इससे पहले IG रेंज लखनऊ के द्वारा जांच में भी अनंत देव त्रिपाठी की भूमिका और दिवंगत CO देवेंद्र मिश्र द्वारा लिखे गए पत्र की पुष्टि करने की बात सामने आई थी।
 


अब इनपर गिरेगी गाज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसआईटी की सिफारिश पर बीते 15 सालों से बिकरु इलाके में तैनात रहे CO, एडिशनल SP समेत 6 सब इंस्पेक्टर/इंस्पेक्टर पर भी जल्द ही कार्रवाई होगी। यहां गैंगस्टर विकास दुबे को गिरफ्तारी करने पहुंची 3 थानों की पुलिस टीम पर बदमाशों ने हमला कर दिया था। इस दौरान CO देवेंद्र मिश्र समेत 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी।

(फोटो में  डीजीपी अनंत देव तिवारी )


अब इनपर गिरेगी गाज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसआईटी की सिफारिश पर बीते 15 सालों से बिकरु इलाके में तैनात रहे CO, एडिशनल SP समेत 6 सब इंस्पेक्टर/इंस्पेक्टर पर भी जल्द ही कार्रवाई होगी। यहां गैंगस्टर विकास दुबे को गिरफ्तारी करने पहुंची 3 थानों की पुलिस टीम पर बदमाशों ने हमला कर दिया था। इस दौरान CO देवेंद्र मिश्र समेत 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी।

(फोटो में  डीजीपी अनंत देव तिवारी )


पत्नी पर भी केस होगा दर्ज
बिकरू कांड की एसआईटी जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। दहशतगर्द विकास दुबे की पत्नी समेत उसके रिश्तेदारों व परिचितों ने फर्जी दस्तावेजों पर सिम लिए थे। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने पुलिस को इन सभी पर केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।


(फाइल फोटो में विकास दुबे की अस्थियां लेकर जाता बेटा साथ में रिचा दुबे)


पत्नी पर भी केस होगा दर्ज
बिकरू कांड की एसआईटी जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। दहशतगर्द विकास दुबे की पत्नी समेत उसके रिश्तेदारों व परिचितों ने फर्जी दस्तावेजों पर सिम लिए थे। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने पुलिस को इन सभी पर केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।


(फाइल फोटो में विकास दुबे की अस्थियां लेकर जाता बेटा साथ में रिचा दुबे)


जांच ये बातें आई सामने
जांच में यह भी पता चला कि जय बाजपेई का पासपोर्ट फर्जी दस्तावेजों पर बनवाया गया था। जांच में खुलासा हुआ है कि विकास दुबे की पत्नी रिचा, मोनू, अरविंद त्रिवेदी, राजू वाजपेयी, विष्णु पाल, दीपक, शिव तिवारी, शांति देवी, खुशी, रेखा ने फर्जी आईडी पर सिम ले रखे थे।

(फोटो में विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे)


जांच ये बातें आई सामने
जांच में यह भी पता चला कि जय बाजपेई का पासपोर्ट फर्जी दस्तावेजों पर बनवाया गया था। जांच में खुलासा हुआ है कि विकास दुबे की पत्नी रिचा, मोनू, अरविंद त्रिवेदी, राजू वाजपेयी, विष्णु पाल, दीपक, शिव तिवारी, शांति देवी, खुशी, रेखा ने फर्जी आईडी पर सिम ले रखे थे।

(फोटो में विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे)

अपर मुख्य सचिव की अगुवाई में हुई जांच
बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कानपुर शूटआउट की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्ड़ी को को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया था। इसके अलावा एडीजी एचआर शर्मा और आईजी जे. रवींद्र गौड़ एसआईटी के सदस्य थे। SIT ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस‚ राजस्व और आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की विकास दुबे से साठगांठ के तमाम पुख्ता प्रमाण जुटाए हैं। जिसे सरकार को सौंप दिया गया।

(फाइल फोटो)

अपर मुख्य सचिव की अगुवाई में हुई जांच
बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कानपुर शूटआउट की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्ड़ी को को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया था। इसके अलावा एडीजी एचआर शर्मा और आईजी जे. रवींद्र गौड़ एसआईटी के सदस्य थे। SIT ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस‚ राजस्व और आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की विकास दुबे से साठगांठ के तमाम पुख्ता प्रमाण जुटाए हैं। जिसे सरकार को सौंप दिया गया।

(फाइल फोटो)

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios