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किसान ने मनाई गाय की तेरहवीं, कराया हवन-पूजन और भोज, लोगों को खिलाया पूड़ी-सब्जी, गुलाब जामुन

First Published Jun 7, 2020, 8:34 AM IST
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बागपत (Uttar Pradesh) । किसान ने अपनी गाय के मरने पर शनिवार की देर शाम तेरहवीं पर ब्रह्मभोज कराया। बकायदा तेहरवीं में लोग शामिल हुए। गाय की फोटो पर पुष्प अर्पित कर हवन पूजन किया गया, जिसके बाद लोगों ने भोज किया। खाने में पूड़ी सब्जी के साथ गुलाब जामुन तक परोसा गया। बताते हैं कि गाय इस परिवार की 27 साल तक सदस्य बनी रही। बता दें कि इस किसान परिवार ने वर्ष 2006 में बैल की भी तेरहवीं की थी। य़ह घटना दोघट क्षेत्र के दाहा गांव की है।


कृष्णपाल ने 1993 में अपने रिश्तेदार के यहां से एक बछिया को लेकर आए थे। जिसे वह एक बछिया कम और परिवार का सदस्य ज्यादा मानते थे।


कृष्णपाल ने 1993 में अपने रिश्तेदार के यहां से एक बछिया को लेकर आए थे। जिसे वह एक बछिया कम और परिवार का सदस्य ज्यादा मानते थे।


कृष्णपाल उसे प्यार से उसे राधा बुलाते थे। समय के साथ-साथ बछिया से राधा गाय बन गई और परिवार के साथ खुद भी एक सदस्य की तरह व्यवहार करती। लेकिन, जैसे-जैसे समय बढ़ता रहा राधा गाय की उम्र भी बढ़ती चली गई। आखिरकार एक समय आया जब राधा (गाय) की मौत हो गई।


कृष्णपाल उसे प्यार से उसे राधा बुलाते थे। समय के साथ-साथ बछिया से राधा गाय बन गई और परिवार के साथ खुद भी एक सदस्य की तरह व्यवहार करती। लेकिन, जैसे-जैसे समय बढ़ता रहा राधा गाय की उम्र भी बढ़ती चली गई। आखिरकार एक समय आया जब राधा (गाय) की मौत हो गई।

कृष्णपाल का परिवार राधा गाय को परिवार का सदस्य मानता था। इसी कारण सबने राधा की मौत के बाद उसकी तेरहवीं करने की इच्छा जताई। विधि विधान से बकायदा घर में हवन कराया गया और तेरहवीं का भोज भी हलवाई से बनवाया गया।
 

कृष्णपाल का परिवार राधा गाय को परिवार का सदस्य मानता था। इसी कारण सबने राधा की मौत के बाद उसकी तेरहवीं करने की इच्छा जताई। विधि विधान से बकायदा घर में हवन कराया गया और तेरहवीं का भोज भी हलवाई से बनवाया गया।
 


गांव में न्योता दिया गया और लोगों को आमंत्रित भी किया गया। हालांकि देश में लॉकडाउन के कारण परिवार ने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए लोगों को भोज कराया। जहां गुलाब जामुन, पूड़ी सब्जी तक बनवाई गई।


गांव में न्योता दिया गया और लोगों को आमंत्रित भी किया गया। हालांकि देश में लॉकडाउन के कारण परिवार ने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए लोगों को भोज कराया। जहां गुलाब जामुन, पूड़ी सब्जी तक बनवाई गई।

कृष्णपाल ने बताया कि राधा उनके लिए गाय नहीं बल्कि सदस्य थी। इससे पहले भी यह परिवार बेजुबान जानवरों के लिए अपना यही प्यार दिखा चुके है। गाय के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए ग्रामीणों को ब्रह्मभोज कराया। ग्रामीणों को मास्क बांटे गए।

कृष्णपाल ने बताया कि राधा उनके लिए गाय नहीं बल्कि सदस्य थी। इससे पहले भी यह परिवार बेजुबान जानवरों के लिए अपना यही प्यार दिखा चुके है। गाय के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए ग्रामीणों को ब्रह्मभोज कराया। ग्रामीणों को मास्क बांटे गए।

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