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कोरोना वरियर्स: लॉकडाउन में बेसहारों का सहारा बना किन्नर अखाड़ा, रोज हजारों को बांट रहे खाना

First Published Apr 1, 2020, 2:39 PM IST
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(Uttar Pradesh ). कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए देश में चल रहा लॉकडाउन असरदार तो हो रहा लेकिन यह बहुत से लोगों के लिए बेहद परेशानी का कारण बन गया है। लॉकडाउन में दुकाने, सभी प्रतिष्ठान व कंस्ट्रक्शन सब कुछ बंद हैं। ऐसे में मजदूरी कर के परिवार चलाने वाले लोगों के लिए ये बेहद मुश्किल का दौर है। हांलाकि सरकार ऐसे लोगों की मदद को आगे आई है लेकिन इसके बावजूद भी बहुत से ऐसे लोग हैं जो अब भी सरकारी मदद से दूर हैं। ऐसे ही निराश्रित और बेसहारों के लिए सहारा बनकर सामने आया है किन्नर अखाड़ा। प्रयागराज में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर टीना मां और अखाड़े के एक दर्जन किन्नर रोजाना सैकड़ों जरूरतमंदों के लिए भोजन वितरित कर रहे हैं। 
 

गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन किया गया है। देश में जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी दुकाने बंद हैं। ऐसे में गरीबों के लिए ये समय आफत का है। रोजाना मजदूरी कर परिवार पालने वाले लोग भुखमरी की कगार पर हैं। किन्नर अखाड़े की ओर से प्रयागराज में पिछले 26 मार्च से लगातार निराश्रितों को भोजन व राशन वितरित किया जा रहा है।

गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन किया गया है। देश में जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी दुकाने बंद हैं। ऐसे में गरीबों के लिए ये समय आफत का है। रोजाना मजदूरी कर परिवार पालने वाले लोग भुखमरी की कगार पर हैं। किन्नर अखाड़े की ओर से प्रयागराज में पिछले 26 मार्च से लगातार निराश्रितों को भोजन व राशन वितरित किया जा रहा है।

अखाड़े की प्रयागराज महामंडलेश्वर टीना मां ने Asianet news Hindi को बताया कि वह लोग भी इसी समाज का हिस्सा हैं। स्वाभाविक सी बात है कि यदि समाज के लोगों को दुःख होगा तो उनका भी दुखी होना लाजिमी है। इसलिए लॉकडाउन के दौरान लोगों की मदद करने का निर्णय लिया गया है।

अखाड़े की प्रयागराज महामंडलेश्वर टीना मां ने Asianet news Hindi को बताया कि वह लोग भी इसी समाज का हिस्सा हैं। स्वाभाविक सी बात है कि यदि समाज के लोगों को दुःख होगा तो उनका भी दुखी होना लाजिमी है। इसलिए लॉकडाउन के दौरान लोगों की मदद करने का निर्णय लिया गया है।

महामंडलेश्वर टीना मां ने सैकड़ों रिक्शाचालकों, दूसरे प्रांत से से यहां मजदूरी आए मजदूरों व स्टेशन,बसअड्डों पर गुजर-बसर करने वाले लोगों को भोजन वितरित करवाया। उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इस काम में उनके सहयोगियों ने भी बढ़-चढ़ कर सहयोग किया।

महामंडलेश्वर टीना मां ने सैकड़ों रिक्शाचालकों, दूसरे प्रांत से से यहां मजदूरी आए मजदूरों व स्टेशन,बसअड्डों पर गुजर-बसर करने वाले लोगों को भोजन वितरित करवाया। उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इस काम में उनके सहयोगियों ने भी बढ़-चढ़ कर सहयोग किया।

प्रयागराज में दारागंज,अलोपीबाग,तेलियरगंज, संगम, कीडगंज,सिविललाइंस बस स्टाप आदि स्थानों पर जरूरतमंदो को खाना वितरित किया गया। उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि पूरे लॉकडाउन के दौरान लोगों की मदद का ये सिलसिला चले।

प्रयागराज में दारागंज,अलोपीबाग,तेलियरगंज, संगम, कीडगंज,सिविललाइंस बस स्टाप आदि स्थानों पर जरूरतमंदो को खाना वितरित किया गया। उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि पूरे लॉकडाउन के दौरान लोगों की मदद का ये सिलसिला चले।

इसी तरह बरेली में भी किन्नर समुदाय ने इकट्ठा होकर लोगों की मदद की। इस समुदाय ने बरेली में भी भूखो को भोजन कराने व असहायों की मदद करने का अभियान चला रखा है। इसके लिए जिला प्रशासन से भी उनको भरपूर सहयोग दिया जा रहा है।

इसी तरह बरेली में भी किन्नर समुदाय ने इकट्ठा होकर लोगों की मदद की। इस समुदाय ने बरेली में भी भूखो को भोजन कराने व असहायों की मदद करने का अभियान चला रखा है। इसके लिए जिला प्रशासन से भी उनको भरपूर सहयोग दिया जा रहा है।

बरेली में किन्नर समुदाय रोजाना 50 लोगों को खाना खिलाने के साथ ही जरूरत के सामान उपलब्ध करवा रहा है। किन्नर समुदाय की इस मुहीम की हर ओर तारीफ़ हो रही है।

बरेली में किन्नर समुदाय रोजाना 50 लोगों को खाना खिलाने के साथ ही जरूरत के सामान उपलब्ध करवा रहा है। किन्नर समुदाय की इस मुहीम की हर ओर तारीफ़ हो रही है।

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