मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों का बड़ा विस्तार हुआ है। योजना 104 से बढ़कर 826 विकास खंडों तक पहुंच गई है। एक करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं और ई-कॉमर्स के जरिए उत्पाद बेच रही हैं।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में तेज बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups) की योजनाएं सीमित क्षेत्रों तक ही सीमित थीं, लेकिन अब यह अभियान पूरे प्रदेश में फैल चुका है। वर्ष 2013–14 से 2016–17 तक यह योजना केवल 104 विकास खंडों तक सीमित थी। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में इसे बढ़ाकर 75 जिलों के 826 विकास खंडों तक पहुंचा दिया गया है। इस तरह योजना का दायरा लगभग आठ गुना बढ़ चुका है।
National Rural Livelihood Mission: ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई पहचान बन रहीं महिलाएं
योगी सरकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत अभियान चलाकर महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। अब तक एक करोड़ छह लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं और अपनी आय बढ़ा रही हैं। महिलाओं को कपड़ा निर्माण, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, सौंदर्य उत्पाद और ऑर्गेनिक खेती जैसे उच्च मूल्य वाले उत्पादों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे वे न केवल कमाई कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई पहचान भी बन रही हैं।
Gram Panchayat Udyami Network: हर गांव में महिला उद्यमिता को बढ़ावा
उत्तर प्रदेश की महिलाएं अब सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं हैं, बल्कि खुद रोजगार पैदा कर रही हैं। योगी सरकार का लक्ष्य है कि हर ग्राम पंचायत में महिला उद्यमियों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाए। ये महिलाएं स्वयं कमाने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण देंगी। स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग सहायता, ऋण सुविधा, विपणन सहयोग और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे ग्रामीण आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
E-Commerce Platform: महिला समूहों के उत्पादों की सीधी बाजार तक पहुंच
प्रदेश के कई जिलों में महिला स्वयं सहायता समूह अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा रहे हैं। इससे उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में महिला उद्यमिता का यह विस्तार सरकार की “विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश” की सोच को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


