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किसानों को न हो कोई असुविधा, गांव में चेकिंग करने पहुंचे DM, यूं जमीन पर बैठकर खाया खाना

First Published Apr 22, 2020, 4:12 PM IST
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पीलीभीत (Uttar Pradesh)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना से लड़ाई में पीलीभीत को प्रदेश का मॉडल जिला घोषित किया है। डीएम वैभव श्रीवास्तव की भी मुक्त कंठ से प्रशंसा भी की थी। इसके बाद डीएम का उत्साह और बढ़ गया है। वे लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने जुट गए है। इतना ही नहीं जरूरतमंदों को खाना, राशन आदि वितरण के कार्यों की खुद मानीटरिंग कर रहे हैं। इसी बीत उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर छा गई है। दरअसल इस तस्वीर में वे गेहूं की खेत में मजदूरों के साथ लंच करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि खेत में कटाई कर रहे मजदूरों को अब भी यकीन नहीं हो रहा हैं कि उनके जिले का मुखिया उनके साथ ऐसा भी कर सकता है।

पीलीभीत के डीएम वैभव श्रीवास्तव दोपहर बिलसंडा विकास खंड में लॉकडाउन की स्थिति का जायजा लेने भ्रमण पर निकले थे। भ्रमण के दौरान जब उनका काफिला गौहनियां गांव के पास से गुजरा तो उन्हें खेतों पर कुछ मजदूर काम करते दिखाई दिए।
 

पीलीभीत के डीएम वैभव श्रीवास्तव दोपहर बिलसंडा विकास खंड में लॉकडाउन की स्थिति का जायजा लेने भ्रमण पर निकले थे। भ्रमण के दौरान जब उनका काफिला गौहनियां गांव के पास से गुजरा तो उन्हें खेतों पर कुछ मजदूर काम करते दिखाई दिए।
 

डीएम ने दूर से ही पसीने में तरबतर होकर कटाई का काम कर रहे मजदूरों को देख अपनी गाड़ी रुकवा दी और नीचे उतर आए। काफिला रुकते ही अन्य अधिकारी भी अपने वाहनों से नीचे उतर आए।

डीएम ने दूर से ही पसीने में तरबतर होकर कटाई का काम कर रहे मजदूरों को देख अपनी गाड़ी रुकवा दी और नीचे उतर आए। काफिला रुकते ही अन्य अधिकारी भी अपने वाहनों से नीचे उतर आए।

जब तक कोई कुछ समझ पाता, तब तक डीएम ने अपने अर्दली से गाड़ी में रखे लंच पैकेट लाने का आदेश दिया। इसके साथ ही वह खेत में काम कर रहे मजदूरों की ओर चल दिए। 

जब तक कोई कुछ समझ पाता, तब तक डीएम ने अपने अर्दली से गाड़ी में रखे लंच पैकेट लाने का आदेश दिया। इसके साथ ही वह खेत में काम कर रहे मजदूरों की ओर चल दिए। 

खेत में कटाई कर रहे मजदूरों से पहले तो उन्होंने बात की। उनसे कुछ जानकारी भी ली। इसके बाद उन्होंने सभी को लंच पैकेट दिए, और उन्हीं के साथ बैठकर लंच करने लगे।
 

खेत में कटाई कर रहे मजदूरों से पहले तो उन्होंने बात की। उनसे कुछ जानकारी भी ली। इसके बाद उन्होंने सभी को लंच पैकेट दिए, और उन्हीं के साथ बैठकर लंच करने लगे।
 

पहले तो डीएम से मजदूर बात करने में हिचक रहे थे। हालांकि डीएम ने लंच के दौरान फिजिकल डिस्टेंस का पूरा ख्याल रखा। इसके साथ मजदूरों की समस्या पूछते हुए उन्हें संक्रमण से बचने का पाठ भी पढ़ाया। 
 

पहले तो डीएम से मजदूर बात करने में हिचक रहे थे। हालांकि डीएम ने लंच के दौरान फिजिकल डिस्टेंस का पूरा ख्याल रखा। इसके साथ मजदूरों की समस्या पूछते हुए उन्हें संक्रमण से बचने का पाठ भी पढ़ाया। 
 

डीएम के साथ बैठकर लंच कर चुके मजदूरों को अब भी विश्वास नहीं हो रहा है। आपको बता दें कि कोरोना की लड़ाई में पीलीभीत को जिला प्रदेश का मॉडल सीएम पहले ही घोषित कर चुके है। इसके अलावा उन्होंने डीएम की भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की थी। 

डीएम के साथ बैठकर लंच कर चुके मजदूरों को अब भी विश्वास नहीं हो रहा है। आपको बता दें कि कोरोना की लड़ाई में पीलीभीत को जिला प्रदेश का मॉडल सीएम पहले ही घोषित कर चुके है। इसके अलावा उन्होंने डीएम की भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की थी। 

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