Asianet News Hindi

परचून की दुकान चलाने वाले की लाडली ने लहराया परचम, UP BOARD 10वीं में पूरे प्रदेश में किया टॉप

First Published Jun 27, 2020, 3:59 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

बागपत(Uttar Pradesh).  कहते हैं सफलता किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला है यूपी बोर्ड के आज घोषित हुए रिजल्ट में। बागपत के बड़ौत इलाके में स्थित श्री राम इंटर कालेज में पढ़ने वाले दो छात्रों ने पूरे सूबे में टॉप कर ये दिखा दिया कि वास्तव में सफलता के लिए सिर्फ मेहनत और लग्न की जरूरत होती है न कि किसी सुविधा की। हाईस्कूल में टॉप करने वाली रिया जैन के के पिता अपने गांव में ही छोटी से परचून की दुकान चलाते हैं।
 

बागपत के बड़ौत थाना क्षेत्र के अहरिया गांव के रहने वाले भारत भूषण जैन की बेटी रिया जैन ने हाईस्कूल की परीक्षा में 96.67 % नंबर लाकर पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। रिया ने कभी भी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। उन्होंने ये सफलता अपनी खुद की मेहनत से हासिल की है ।

बागपत के बड़ौत थाना क्षेत्र के अहरिया गांव के रहने वाले भारत भूषण जैन की बेटी रिया जैन ने हाईस्कूल की परीक्षा में 96.67 % नंबर लाकर पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। रिया ने कभी भी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। उन्होंने ये सफलता अपनी खुद की मेहनत से हासिल की है ।

भारत भूषण अपने गांव में ही एक छोटी से परचून की दुकान चलाते हैं। रिया दो बहनों में दूसरे नम्बर पर है। बड़ी बहन की भी पढ़ाई चल रही है। 
 

भारत भूषण अपने गांव में ही एक छोटी से परचून की दुकान चलाते हैं। रिया दो बहनों में दूसरे नम्बर पर है। बड़ी बहन की भी पढ़ाई चल रही है। 
 


रिया के पिता को परचून की दुकान से रोजाना 300 से 500 की आमदनी हो जाती है। उसी से उनका घर चलता है और बच्चों की पढाई भी चल रही है। हांलाकि उन्होंने कभी अपने बच्चों की पढाई- लिखाई में कोई कमी नहीं आने दिया।
 


रिया के पिता को परचून की दुकान से रोजाना 300 से 500 की आमदनी हो जाती है। उसी से उनका घर चलता है और बच्चों की पढाई भी चल रही है। हांलाकि उन्होंने कभी अपने बच्चों की पढाई- लिखाई में कोई कमी नहीं आने दिया।
 

रिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह प्रतिदिन 14-15 घंटे की पढ़ाई करती थीं। वो मैथ्स के साथ आगे की पढ़ाई करना चाहती हैं । मैथ्स और इंग्लिश में उनकी रूचि है और वह इसे ही अपना करियर बनाएगी। रिया आगे चलकर इंग्लिश की प्रोफेसर बनना चाहती हैं। रिया जैन को 600 में से 580 अंक मिले हैं। 
 

रिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह प्रतिदिन 14-15 घंटे की पढ़ाई करती थीं। वो मैथ्स के साथ आगे की पढ़ाई करना चाहती हैं । मैथ्स और इंग्लिश में उनकी रूचि है और वह इसे ही अपना करियर बनाएगी। रिया आगे चलकर इंग्लिश की प्रोफेसर बनना चाहती हैं। रिया जैन को 600 में से 580 अंक मिले हैं। 
 

रिया अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ अपने गुरुजनों को भी देती हैं। रिया का कहना है कि उनकी मां ने कभी उन्हें घर का काम करने के लिए नहीं कहा, क्योकि उन्हें लगता था कि घर का काम करने से पढ़ाई में अड़चन आएगी।

रिया अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ अपने गुरुजनों को भी देती हैं। रिया का कहना है कि उनकी मां ने कभी उन्हें घर का काम करने के लिए नहीं कहा, क्योकि उन्हें लगता था कि घर का काम करने से पढ़ाई में अड़चन आएगी।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios