एक पन्ने में संपूर्ण गीता, 50 पैसे है कीमत
गोरखपुर (Uttar Pradesh) । पूरे विश्व में धार्मिक पुस्तकों के लिए विख्यात गीता प्रेस ने किताबों को लेकर एक और नया प्रयोग किया है। इस बार ताबीजी गीता तैयार किया है। इस ताबीजी श्रीमद्भागवत गीता की खास बात ये है कि संपूर्ण गीता एक ही पेज में समाहित है और इसकी कीमत महज 50 पैसे ही है। प्रेस की तरफ दावा किया गया है कि अब तक इसकी लाखों प्रतियां बिक चुकी हैं।

गीता प्रेस की सबसे सस्ती पुस्तक ताबीजी ताबीजी श्रीमद्भागवत गीता को बनाया गया है, जिसकी कीमत महज 50 पैसे हैं। कहा जा रहा है कि यह पुस्तक सबसे सस्ती है।
गीता प्रेस से 15 से अधिक भाषाओं में हजारों पुस्तकें प्रकाशित होती हैं। लेकिन, बात अगर सबसे महंगी पुस्तक की करें तो श्रीरामचरितमानस वृहदाकार है, जिसकी कीमत 750 रुपये है।
गीताप्रेस, गोविंद भवन कार्यालय ट्रस्ट, कोलकाता की एक इकाई है। यह ट्रस्ट नो प्राफिट नो लॉस के सिद्धांत पर कार्य करती है।
गीता प्रेस के ट्रस्टी ईश्वर प्रसाद पटवारी ने बताया कि गीताप्रेस घाटे से प्रभावित हुए बिना धर्म सेवार्थ प्रकाशन का कार्य करता रहे, इसके लिए गोविंद भवन कार्यालय ट्रस्ट ने आय के अन्य संसाधनों का विकास किया। इस आय से गीताप्रेस का घाटा पूरा किया जाता है।
ईश्वर पटवारी का कहना है कि गीताप्रेस की स्थापना के समय ही इसकी व्यवस्था कर दी गई थी कि भगवान की सेवा का कार्य कभी रुकने न पाए और समाज के अंतिम व्यक्ति तक भगवान की वाणी व धार्मिक पुस्तकें आसानी से पहुंच सकें।
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