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वरमाला पहनाई..मांग भी भर गई, फेरे से पहले दुल्हन की मौत, शव रखा रहा..साली से हुई दूल्हे की शादी

First Published May 27, 2021, 1:12 PM IST
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इटावा (उत्तर प्रदेश). महिलाएं खुशियों के मंगलगीत गा रही थीं। बेटी की शादी के लिए बारात भी आ चुकी थी। घरवालों ने बड़ी धूमधाम से वर पक्षा स्वागत सत्कार भी किया। दूल्हा-दूल्हन ने एक दूसरे को जयमाला पहना चुके थे। इतना ही नहीं दुल्हन की मांग भी भरी जा चुकी थी। विवाह की सभी रस्में चल रहीं थीं। इसी दौरान अचानक सात फेरे से पहले दुल्हन की मंडप में मौत हो गई। समारोह में कोहराम मच गया कोई समझ ही नहीं पाया कि यह क्या हो गया।

दरअसल, खुशियों वाले घर मातम बिखेर देने वाली यह घटना इटावा जिले के भरथना क्षेत्र में घटी। जहां समसपुर गांव में मंगलवार 25 मई को सुरभि की शादी  मंजेश कुमार के साथ हो रही थी। इसी दौरान रात करीब ढाई बजे अचानक दुल्हन फेरों से पहले मंडप में बेसुध होकर गिर पड़ी और हार्ट अटैक से मौत हो गई। 

दरअसल, खुशियों वाले घर मातम बिखेर देने वाली यह घटना इटावा जिले के भरथना क्षेत्र में घटी। जहां समसपुर गांव में मंगलवार 25 मई को सुरभि की शादी  मंजेश कुमार के साथ हो रही थी। इसी दौरान रात करीब ढाई बजे अचानक दुल्हन फेरों से पहले मंडप में बेसुध होकर गिर पड़ी और हार्ट अटैक से मौत हो गई। 

इस घटना के बाद हाहाकार मच गया, कोई समझ नहीं पा रहा था कि यह क्या हो गया। जहां कुछ देर पहले खुशियों के मंगलगीत गाए जा रहे थे वहां मातम की चीखें सुनाई देने लगीं। दुल्हन के परिजन महेश चन्द्र ने बताया कि दूल्हे ने जैसी मांग भरी उसके कुछ  मिनट में दुल्हन बेसुध हो गई। किसी तरह हम लोग आनन-फानन में  एक निजी डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने जांच पड़ताल कर कहा कि ह्रदय गति रूक जाने से मौत हो गई।

इस घटना के बाद हाहाकार मच गया, कोई समझ नहीं पा रहा था कि यह क्या हो गया। जहां कुछ देर पहले खुशियों के मंगलगीत गाए जा रहे थे वहां मातम की चीखें सुनाई देने लगीं। दुल्हन के परिजन महेश चन्द्र ने बताया कि दूल्हे ने जैसी मांग भरी उसके कुछ  मिनट में दुल्हन बेसुध हो गई। किसी तरह हम लोग आनन-फानन में  एक निजी डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने जांच पड़ताल कर कहा कि ह्रदय गति रूक जाने से मौत हो गई।

अब सवाल यह था कि दूल्हे का क्या होगा जो शादी की आधी रस्में कर चुका था। दुल्हन की मौत के कुछ बाद ही दोनों पक्षों में सहमति बनी कि दुल्हन की छोटी बहन निशा के साथ इसी मंडप में अभी शादी कर दी जाए। इस तरह से दूल्हे को जीजा कहने वाली साली निशा की शादी उससे हो गई। 

अब सवाल यह था कि दूल्हे का क्या होगा जो शादी की आधी रस्में कर चुका था। दुल्हन की मौत के कुछ बाद ही दोनों पक्षों में सहमति बनी कि दुल्हन की छोटी बहन निशा के साथ इसी मंडप में अभी शादी कर दी जाए। इस तरह से दूल्हे को जीजा कहने वाली साली निशा की शादी उससे हो गई। 

बता दें कि बड़ी बहन जो पहले दुल्हन बनी थी उसका शव घर में रखा रहा और उसकी छोटी बहन निशा ने इस दौरान सात फेरे लिए। निशी की सुबह किसी तरह विदाई की गई। इसके तुरंत बाद सुरभि की अर्थी उठाई गई और अंतिम संस्कार किया गया।
 

बता दें कि बड़ी बहन जो पहले दुल्हन बनी थी उसका शव घर में रखा रहा और उसकी छोटी बहन निशा ने इस दौरान सात फेरे लिए। निशी की सुबह किसी तरह विदाई की गई। इसके तुरंत बाद सुरभि की अर्थी उठाई गई और अंतिम संस्कार किया गया।
 

 सुरभि की मां गुड्डी देवी बड़ी बेटी की मौत के बाद रो-रोकर बुरा हाल है। किसी तरह उनका बेटा गौरव मां को संभालता रहा। वहीं गांव वालों कहना है कि इस घटना से पूरे गांव में मातम पसर गया है। भाई ने कहा सुरुभि  इस शादी को लेकर बहुत खुश थी। उसने अपनी जिंदगी के सपने देखे थे। लेकिन उसे क्या पता था कि इसी दिन वह दुनिया को छोड़कर चली जाएगी।

 सुरभि की मां गुड्डी देवी बड़ी बेटी की मौत के बाद रो-रोकर बुरा हाल है। किसी तरह उनका बेटा गौरव मां को संभालता रहा। वहीं गांव वालों कहना है कि इस घटना से पूरे गांव में मातम पसर गया है। भाई ने कहा सुरुभि  इस शादी को लेकर बहुत खुश थी। उसने अपनी जिंदगी के सपने देखे थे। लेकिन उसे क्या पता था कि इसी दिन वह दुनिया को छोड़कर चली जाएगी।

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