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यूपी में जिस डॉक्टर को नर्स ने मारे थप्पड़, उसकी घर में मिली लाश..इलाके में मचा हड़कंप

First Published May 12, 2021, 1:49 PM IST
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रामपुर (उत्तर प्रदेश). यूपी के रामपुर में कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे एक सरकारी डॉक्टर की संदिग्ध हालात में लाश उनके सरकारी आवास में मिली है। बता दें कि यह वही डॉक्टर हैं जिनकी मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें विवाद के बाद एक नर्स ने उनको थप्पड़ मारे थे। अब 15 दिन बाद उन्हीं डॉक्टर की मौत से स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पढ़िए क्या है पूरा मामला...
 


दरअसल, यह मृतक डॉक्टर का नाम बीएम नागर है जो कि रिटायर्ड थे। रामपुर में बढ़ते कोरोना के चलते जिला प्रशासन ने उनकी सेवाएं फिर से लेना शुरू कर दी थीं। वह रामपुर के जिला अस्पातल में मरीजों को देखते थे। नर्स से विवाद के बाद डीएम ने कुछ दिन के लिए उनकी सेवाएं बंद कर दी थीं। लेकिन बाद में उनकी तैनाती कर दी गई थी। (डॉक्टर-नर्स मारपीट के दौरान की फाइल फोटो)
 


दरअसल, यह मृतक डॉक्टर का नाम बीएम नागर है जो कि रिटायर्ड थे। रामपुर में बढ़ते कोरोना के चलते जिला प्रशासन ने उनकी सेवाएं फिर से लेना शुरू कर दी थीं। वह रामपुर के जिला अस्पातल में मरीजों को देखते थे। नर्स से विवाद के बाद डीएम ने कुछ दिन के लिए उनकी सेवाएं बंद कर दी थीं। लेकिन बाद में उनकी तैनाती कर दी गई थी। (डॉक्टर-नर्स मारपीट के दौरान की फाइल फोटो)
 


मामले की जानकारी मिलते ही  मौके पर स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर पहुंच गए। साथ ही पुलिस के तमाम बड़े अधिकारी भी पहुंचे। शव की पोस्टमार्टम  कराने की तैयारी हो रही थी, लेकिन परिजनों ने कराने से इंकार कर दिया। मौके पर मौजदू एसपी ने यह बाद परिजन से लिखित में ली।


मामले की जानकारी मिलते ही  मौके पर स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर पहुंच गए। साथ ही पुलिस के तमाम बड़े अधिकारी भी पहुंचे। शव की पोस्टमार्टम  कराने की तैयारी हो रही थी, लेकिन परिजनों ने कराने से इंकार कर दिया। मौके पर मौजदू एसपी ने यह बाद परिजन से लिखित में ली।


बताया जाता है कि इस थप्पड़ कांड के बाद डॉक्टर बीएम नागर ने पुलिस अधीक्षक शुगन गौतम को चिट्ठी लिखकर अपनी जान को खतरा बताया था। अब उनकी संदिग्ध हालात में मौत के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस आरके मित्तल ने कहा कि डॉक्टर की मौत नेचुरल हुई है। उनका बीपी-शुगर भी अक्सर बढ़ जाया करता था।


बताया जाता है कि इस थप्पड़ कांड के बाद डॉक्टर बीएम नागर ने पुलिस अधीक्षक शुगन गौतम को चिट्ठी लिखकर अपनी जान को खतरा बताया था। अब उनकी संदिग्ध हालात में मौत के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस आरके मित्तल ने कहा कि डॉक्टर की मौत नेचुरल हुई है। उनका बीपी-शुगर भी अक्सर बढ़ जाया करता था।

 बता दें कि 26 अप्रैल देर रात रामपुर के जिला अस्पताल में अचानक कोरोना मरीजों की संख्या ज्यादा बढ़ गई थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्स के बीच किसी बात पर विवाद इतना बड़ गया कि दोनों के बीच गाली-गलौज हुई और फिर हाथापाई होने लगी। पहले नर्स ने डॉक्टर को तमाचा जड़ दिया। इसके बाद डॉक्टर ने भी नर्स को थप्पड़ मार दिया था।

 बता दें कि 26 अप्रैल देर रात रामपुर के जिला अस्पताल में अचानक कोरोना मरीजों की संख्या ज्यादा बढ़ गई थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्स के बीच किसी बात पर विवाद इतना बड़ गया कि दोनों के बीच गाली-गलौज हुई और फिर हाथापाई होने लगी। पहले नर्स ने डॉक्टर को तमाचा जड़ दिया। इसके बाद डॉक्टर ने भी नर्स को थप्पड़ मार दिया था।

वहीं अस्पताल के अन्य स्टाफ ने बताया था कि इलाज के दौरान किसी कोरोना मरीज की मौत हो गई थी। मरीज के परिजनों ने डॉक्टर से मृत्यु प्रमाण पत्र देने को कह रहे थे। इस दौरान डॉक्टर ने कोविड वार्ड में तैनात नर्स से मरीज की मौत लिखकर लाने को कहा। इसी दौरान मरीज के परिजन नर्स के पास पहुंचे तो वह भड़क गई। जिसके बाद डॉक्टर और नर्स के बीच कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया।

वहीं अस्पताल के अन्य स्टाफ ने बताया था कि इलाज के दौरान किसी कोरोना मरीज की मौत हो गई थी। मरीज के परिजनों ने डॉक्टर से मृत्यु प्रमाण पत्र देने को कह रहे थे। इस दौरान डॉक्टर ने कोविड वार्ड में तैनात नर्स से मरीज की मौत लिखकर लाने को कहा। इसी दौरान मरीज के परिजन नर्स के पास पहुंचे तो वह भड़क गई। जिसके बाद डॉक्टर और नर्स के बीच कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया।


जब इस घटना जानकारी डीएम को लगी तो उन्होंने दोनों को हिदायत दी थी। नगर मजिस्ट्रेट रामजी मिश्र ने दोनों को बुलाया और समझाया। साथ ही कहा था कि कोरोना वायरस लोगों को बीमार तो कर ही रहा। लेकिन दिन रात मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर और नर्सों के मन और मस्तिष्क पर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है। जिसकी वजह से तनाव बढ़ रहा है। 


जब इस घटना जानकारी डीएम को लगी तो उन्होंने दोनों को हिदायत दी थी। नगर मजिस्ट्रेट रामजी मिश्र ने दोनों को बुलाया और समझाया। साथ ही कहा था कि कोरोना वायरस लोगों को बीमार तो कर ही रहा। लेकिन दिन रात मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर और नर्सों के मन और मस्तिष्क पर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है। जिसकी वजह से तनाव बढ़ रहा है। 

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