Asianet News Hindi

प्रवासियों को स्वरोजगार के लिए डेढ़ से दो लाख लोन देगी योगी सरकार, 50% छूट के साथ ट्रेनिंग भी देगी

First Published Jun 2, 2020, 3:42 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

लखनऊ(Uttar Pradesh).  कोरोना संक्रमण के चलते शहर छोड़कर गांव लौटे प्रवासियों के लिए योगी सरकार एक खास योजना चलाने जा रही है। बाबा साहब अम्बेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना तहत प्रवासी श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने का फैसला किया गया है । बताया जा रहा है कि इस योजना से करीब एक लाख लोग लाभान्वित होंगे। इस योजना के तहत प्रवासी श्रमिकों को स्वरोजगार के लिए डेढ़ से दो लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। सबसे खास बात ये होगी कि इस ऋण में 35 से 50 प्रतिशत की छूट भी मिलेगी। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से प्रवासी श्रमिकों को काफी फायदा होने जा रहा है। 

ग्राम्य विकास आयुक्त के. रविन्द्र नाइक ने बताया कि पहले चरण में दस हजार प्रवासी मजदूरों को स्वरोजगार उपलब्ध कराया जाएगा योजना में 50 प्रतिशत लाभार्थी अनुसूचित जाति और जनजाति के होंगे, जबकि इसमें दिव्यांगों को पांच प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। पहले चरण में सरकार ने इसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 
 

ग्राम्य विकास आयुक्त के. रविन्द्र नाइक ने बताया कि पहले चरण में दस हजार प्रवासी मजदूरों को स्वरोजगार उपलब्ध कराया जाएगा योजना में 50 प्रतिशत लाभार्थी अनुसूचित जाति और जनजाति के होंगे, जबकि इसमें दिव्यांगों को पांच प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। पहले चरण में सरकार ने इसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 
 

गांव में कम्प्यूटर, मोबाइल, टीवी रिपेयर, किराना, दूध डेयरी, पोल्ट्री व्यवसाय, ब्यूटी पार्लर, मछली पालन और फर्नीचर कार्य के साथ स्थानीय स्तर पर गांव के प्रचलित या परंपरागत व्यवसाय के लिए दो लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। 
 

गांव में कम्प्यूटर, मोबाइल, टीवी रिपेयर, किराना, दूध डेयरी, पोल्ट्री व्यवसाय, ब्यूटी पार्लर, मछली पालन और फर्नीचर कार्य के साथ स्थानीय स्तर पर गांव के प्रचलित या परंपरागत व्यवसाय के लिए दो लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। 
 

इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी की संस्तुति पर ही ऋण स्वीकृत किया जाएगा। दिव्यांग लाभार्थी को ऋण की 50 प्रतिशत या अधिकतम 70 हजार रुपये, अन्य श्रेणी के लाभार्थियों को 35 प्रतिशत या अधिकतम 50 हजार सब्सिडी दी जाएगी। 
 

इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी की संस्तुति पर ही ऋण स्वीकृत किया जाएगा। दिव्यांग लाभार्थी को ऋण की 50 प्रतिशत या अधिकतम 70 हजार रुपये, अन्य श्रेणी के लाभार्थियों को 35 प्रतिशत या अधिकतम 50 हजार सब्सिडी दी जाएगी। 
 

इस योजना के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों/कामगारों कि रोजी-रोटी के सिलसिले में प्रदेश से बाहर जाने से रोकने की कोशिश होगी। सरकार का मानना है कि और प्रवासी कामगारों को उनके स्किल के अनुसार प्रशिक्षित कर यहीं उन्हें स्वरोजगार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए तो बड़ी संख्या में पलायन पर रोक लगाई जा सकती है। 

इस योजना के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों/कामगारों कि रोजी-रोटी के सिलसिले में प्रदेश से बाहर जाने से रोकने की कोशिश होगी। सरकार का मानना है कि और प्रवासी कामगारों को उनके स्किल के अनुसार प्रशिक्षित कर यहीं उन्हें स्वरोजगार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए तो बड़ी संख्या में पलायन पर रोक लगाई जा सकती है। 

सीएम योगी ने इस योजना के क्रियान्वयन पर तेजी लाने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मिलने से प्रदेश में आर्थिक मजबूती आने के साथ ही लोगों में स्वावलंबन भी बढ़ेगा। 

सीएम योगी ने इस योजना के क्रियान्वयन पर तेजी लाने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मिलने से प्रदेश में आर्थिक मजबूती आने के साथ ही लोगों में स्वावलंबन भी बढ़ेगा। 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios