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अंतरिक्ष से धरती की तरफ तेजी से बढ़ रही है मौत! कल पृथ्वी से टकरा सकता है एफिल टॉवर जितना बड़ा उल्कापिंड

First Published Jun 23, 2020, 1:56 PM IST
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हटके डेस्क: जाने 2020 में ऐसा क्या हो गया है कि एक के बाद एक सिर्फ तबाही की खबरें ही सामने आ रही हैं। दुनिया जहां कोरोना से लड़ रही है, वहीं एक के बाद एक ऐसी आपदाएं पृथ्वी पर आ रही हैं कि लोग त्रस्त हो गए हैं। माया कैलेंडर मुताबिक, 21 जून को दुनिया खत्म होने की अफवाह अभी झूठी साबित हुई ही थी कि अब 24 जून को पृथ्वी के नजदीक से विशालकाय उल्कापिंड गिरने की खबर सामने आ रही है। नासा ने कंफर्म किया है कि ये उल्कापिंड 1 हजार 46 फीट बड़ा है। यानी एफिल टावर जितना। इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना काफी कम है। अगर पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण उसे खींच लें, तभी कोई अनहोनी हो सकती है। इस खबर के सामने आने के बाद लोगों में एक बार फिर खौफ का माहौल है... 
 

नासा एक विशालकाय उल्कापिंड को ट्रैक कर रहा है, जो एफिल टावर जितना बड़ा है। ये 24 जून को पृथ्वी के पास से गुजरेगा। 
 

नासा एक विशालकाय उल्कापिंड को ट्रैक कर रहा है, जो एफिल टावर जितना बड़ा है। ये 24 जून को पृथ्वी के पास से गुजरेगा। 
 

स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ने इसका नाम रॉक 441987 (2010 NY65) रखा है। कहा जा रहा है कि इसका साइज 140 से 319 मीटर तक हो सकता है। 

स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ने इसका नाम रॉक 441987 (2010 NY65) रखा है। कहा जा रहा है कि इसका साइज 140 से 319 मीटर तक हो सकता है। 

नासा ने इसे अपोलो उल्कापिंड कहा है। जो पृथ्वी के बेहद नजदीक से गुजरते हैं। साइंटिस्ट्स के मुताबिक  पृथ्वी से इसके टक्कर की उम्मीद काफी कम है। फिर भी वो लगातार इसपर नजर बनाए हुए हैं। 

नासा ने इसे अपोलो उल्कापिंड कहा है। जो पृथ्वी के बेहद नजदीक से गुजरते हैं। साइंटिस्ट्स के मुताबिक  पृथ्वी से इसके टक्कर की उम्मीद काफी कम है। फिर भी वो लगातार इसपर नजर बनाए हुए हैं। 

बुधवार को सुबह 11:44 में ये उल्कापिंड पृथ्वी के नजदीक से गुजरेगा। ये अंतरिक्ष से पृथ्वी की तरफ एक सेकंड में 12.89 किलोमीटर की रफ़्तार से आ रहा है। 

बुधवार को सुबह 11:44 में ये उल्कापिंड पृथ्वी के नजदीक से गुजरेगा। ये अंतरिक्ष से पृथ्वी की तरफ एक सेकंड में 12.89 किलोमीटर की रफ़्तार से आ रहा है। 

वैसे तो ये उल्कापिंड पृथ्वी से 3.7 मिलियन किलोमीटर की दूसरी से गुजरेगा। लेकिन थोड़ी सी भी संभावना कि पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण इसे खींच सकता है, वैज्ञानिक इसपर नजर बनाए हुए हैं। 
 

वैसे तो ये उल्कापिंड पृथ्वी से 3.7 मिलियन किलोमीटर की दूसरी से गुजरेगा। लेकिन थोड़ी सी भी संभावना कि पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण इसे खींच सकता है, वैज्ञानिक इसपर नजर बनाए हुए हैं। 
 

नासा ने कहा कि अगर ये पृथ्वी के पास से गुजर जाता है तो फिर 2022 में ये एक बार फिर पृथ्वी की तरफ लौटेगा। 

नासा ने कहा कि अगर ये पृथ्वी के पास से गुजर जाता है तो फिर 2022 में ये एक बार फिर पृथ्वी की तरफ लौटेगा। 

एस्ट्रोनॉमर्स ने बताया कि अभी अंतरिक्ष में 2 हजार उल्कापिंड  हैं,जिनपर वो नजर रख रहे हैं। इनसे पृथ्वी को खतरा पहुंचने की संभावना है। 

एस्ट्रोनॉमर्स ने बताया कि अभी अंतरिक्ष में 2 हजार उल्कापिंड  हैं,जिनपर वो नजर रख रहे हैं। इनसे पृथ्वी को खतरा पहुंचने की संभावना है। 

बात दें कि करीब 66 मिलियन साल पहले पृथ्वी से एक उल्कापिंड टकराया था। इसके बाद पृथ्वी से डायनासोर खत्म हो गए थे। 
 

बात दें कि करीब 66 मिलियन साल पहले पृथ्वी से एक उल्कापिंड टकराया था। इसके बाद पृथ्वी से डायनासोर खत्म हो गए थे। 
 

 नासा ने कंफर्म किया है कि ये उल्कापिंड 1 हजार 46 फीट बड़ा है। यानी एफिल टावर जितना। 

 नासा ने कंफर्म किया है कि ये उल्कापिंड 1 हजार 46 फीट बड़ा है। यानी एफिल टावर जितना। 

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