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आज से 15 दिन बाद पृथ्वी के करीब से गुजरेगी मौत, जरा सी गड़बड़ और हो सकता है भयानक हादसा

First Published Dec 10, 2020, 1:23 PM IST
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हटके डेस्क: साल -2020 अब कुछ दिनों का  मेहमान है। शायद इस साल के गुजर जाने का इन्तजार सभी कर रहे होंगे। इस साल  को कई कारणों से मनहूस घोषित कर दिया गया। इसमें सबसे बड़ा योगदान तो कोरोना का है। इस महामारी ने दुनिया को तबाह कर दिया। ज्यादातर देश लॉकडाउन कर दिए गए। इसकी वजह से हर किसी की जिंदगी प्रभावित हुई। ना सिर्फ महामारी से बल्कि अंतरिक्ष से भी इस साल कई खतरे पृथ्वी को छूकर निकल गए।  लेकिन शायद अभी तक साल 2020 का लोगों को तंग करने से मन नहीं भरा है। अब साल के खत्म होने पर फिर से अंतरिक्ष से तबाही आने की खबर है। जानकारी के मुताबिक, 25 दिसंबर को एक उल्कापिंड पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरेगा। सबसे बड़ी बात कि इस उल्कापिंड की खोज आज नहीं, बल्कि 6 साल पहले यानी 2014 में हो गई थी। अब जाकर पृथ्वी को इससे खतरे की संभावना जताई जा रही है। 

अप्रैल 2020 में लॉकडाउन के दौरान दुनिया के खत्म होने की खबर उड़ी थी। माया कैलेंडर के हवाले से कहा गया था कि दुनिया खत्म हो जाएगी। उसी दौरान एक उल्कापिंड पृथ्वी के नजदीक से गुजरने वाला था। इसे ही तबाही का कारण माना जाने लगा। 

अप्रैल 2020 में लॉकडाउन के दौरान दुनिया के खत्म होने की खबर उड़ी थी। माया कैलेंडर के हवाले से कहा गया था कि दुनिया खत्म हो जाएगी। उसी दौरान एक उल्कापिंड पृथ्वी के नजदीक से गुजरने वाला था। इसे ही तबाही का कारण माना जाने लगा। 

दुनिया के खत्म होने की तारीख भी बीत गई। साथ ही उल्कापिंड पृथ्वी को छूकर निकल गया। इससे कोई तबाही नहीं मची। लेकिन इसके बाद कई बार अंतरिक्ष से पृथ्वी की तरफ उल्कापिंड के आने की खबरें सामने आई। 

दुनिया के खत्म होने की तारीख भी बीत गई। साथ ही उल्कापिंड पृथ्वी को छूकर निकल गया। इससे कोई तबाही नहीं मची। लेकिन इसके बाद कई बार अंतरिक्ष से पृथ्वी की तरफ उल्कापिंड के आने की खबरें सामने आई। 

सबसे बड़ी बात ये है कि इन उल्कापिंडों का साइज काफी बड़ा था। ये उल्कापिंड पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से सीधे टकरा भी सकती थीं। अगर ऐसा होता तो भारी तबाही मच सकती थी। लेकिन अभी तक कोई भी उल्कापिंड पृथ्वी से नहीं टकराया। 
 

सबसे बड़ी बात ये है कि इन उल्कापिंडों का साइज काफी बड़ा था। ये उल्कापिंड पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से सीधे टकरा भी सकती थीं। अगर ऐसा होता तो भारी तबाही मच सकती थी। लेकिन अभी तक कोई भी उल्कापिंड पृथ्वी से नहीं टकराया। 
 

हालांकि, अब एक बार फिर एस्ट्रोनॉमर्स ने एक उल्कापिंड के पृथ्वी से टकराने की संभावना जताई है। ये उल्कापिंड 25 दिसंबर को पृथ्वी के नजदीक से गुजरेगा। वैज्ञानिक इसपर लगातार नजर बनाए हुए हैं। 
 

हालांकि, अब एक बार फिर एस्ट्रोनॉमर्स ने एक उल्कापिंड के पृथ्वी से टकराने की संभावना जताई है। ये उल्कापिंड 25 दिसंबर को पृथ्वी के नजदीक से गुजरेगा। वैज्ञानिक इसपर लगातार नजर बनाए हुए हैं। 
 

इस उल्कापिंड को 2014 SD224 नाम दिया गया है। ये आसमान से 36 हजार किलोमीटर की रफ़्तार से पृथ्वी की तरफ आ रहा है। इसकी मोटाई करीब 200 मीटर है। 

इस उल्कापिंड को 2014 SD224 नाम दिया गया है। ये आसमान से 36 हजार किलोमीटर की रफ़्तार से पृथ्वी की तरफ आ रहा है। इसकी मोटाई करीब 200 मीटर है। 

2014 SD224 की खोज आज से 6 साल पहले की गई थी। 2014 में जब इसे ढूंढा गया था तब ऐसा अंदाजा लगाया गया था कि आने वाले समय में हो सकता है कि ये पृथ्वी से टकराए। अब 25 दिसंबर को ऐसा होने की संभावना जताई जा रही है। 
 

2014 SD224 की खोज आज से 6 साल पहले की गई थी। 2014 में जब इसे ढूंढा गया था तब ऐसा अंदाजा लगाया गया था कि आने वाले समय में हो सकता है कि ये पृथ्वी से टकराए। अब 25 दिसंबर को ऐसा होने की संभावना जताई जा रही है। 
 

नासा के सेंटर फॉर नियर अर्थ ऑब्जेक्ट स्टडीज ने अनुमान लगाते हुए कहा कि 25 दिसंबर को पृथ्वी के सबसे करीब से निकलेगा। ऐसे में अगर ये इसके गुरुत्वाकर्षण से प्रभावित हुआ तो पृथ्वी से इसके टकराने के चांसेस बढ़ जाएंगे। 

नासा के सेंटर फॉर नियर अर्थ ऑब्जेक्ट स्टडीज ने अनुमान लगाते हुए कहा कि 25 दिसंबर को पृथ्वी के सबसे करीब से निकलेगा। ऐसे में अगर ये इसके गुरुत्वाकर्षण से प्रभावित हुआ तो पृथ्वी से इसके टकराने के चांसेस बढ़ जाएंगे। 

हालांकि नासा ने कहा कि इसकी संभावना काफी कम है फिर भी वो इसपर नजर बनाए हुए है। इससे एक दिन पहले भी एक उल्कापिंड पृथ्वी के नजदीक से गुजरेगा लेकिन वो पृथ्वी की कक्षा से बाहर होगा। ऐसे में इससे कोई खतरा नहीं होगा। 

हालांकि नासा ने कहा कि इसकी संभावना काफी कम है फिर भी वो इसपर नजर बनाए हुए है। इससे एक दिन पहले भी एक उल्कापिंड पृथ्वी के नजदीक से गुजरेगा लेकिन वो पृथ्वी की कक्षा से बाहर होगा। ऐसे में इससे कोई खतरा नहीं होगा। 

बता दें कि नासा का सेंट्री सिस्टम अंतरिक्ष से आने वाले उल्कापिंडों पर नजर रखता है।  उनकी मानें तो अगले 100 साल में 22 उल्कापिंडों के पृथ्वी से टकराने की संभावना है। इसमें से  है एस्टेरॉयड 29075 (1950 DA)  लेकिन ये 2880 तक पृथ्वी के नजदीक नहीं आएगा। 
 

बता दें कि नासा का सेंट्री सिस्टम अंतरिक्ष से आने वाले उल्कापिंडों पर नजर रखता है।  उनकी मानें तो अगले 100 साल में 22 उल्कापिंडों के पृथ्वी से टकराने की संभावना है। इसमें से  है एस्टेरॉयड 29075 (1950 DA)  लेकिन ये 2880 तक पृथ्वी के नजदीक नहीं आएगा। 
 

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