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आखिर कितनी होती है MLA की सैलरी? ऐसे ही नहीं विधायक को चचा बना लेते हैं लोग

First Published Nov 18, 2020, 1:45 PM IST
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हटके डेस्क : बिहार चुनाव में एक बार एनडीए की जीत हुई। इस बार हुए विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन यानी एनडीए ने बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से 125 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि राजद महागठबंधन ने 110 सीटें जीतीं। 125 विधायकों के साथ एक बार नीतीश कुमार के लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की राह साफ हो गई है। लेकिन क्या आप जानते है एक क्षेत्र के विधायक का कितना रौब और रुतबा होता है? उसकी सैलरी कितनी होती है और पावर क्या-क्या होती हैं? तो चलिए आज आपको इन्हीं सारे सवालों का जवाब देते है और बताते हैं एक एमएलए की तकात के बारे में।

सबसे पहले आपको बता दें कि विधायक विधानमंडल या विधानसभा का सदस्य होता है, जिसे लोकतंत्र में लोगो द्वारा चुनकर विधानसभा में भेजा जाता है। 

सबसे पहले आपको बता दें कि विधायक विधानमंडल या विधानसभा का सदस्य होता है, जिसे लोकतंत्र में लोगो द्वारा चुनकर विधानसभा में भेजा जाता है। 

एक राज्य का मुख्यमंत्री या फिर राज्य का मंत्री बनने के लिए विधायक होना जरूरी होता है। विधायक को इंग्लिश में MLA भी बोलते हैं, इसका  फुल फॉर्म (Member Of Legislative Assembly) होता है। 

एक राज्य का मुख्यमंत्री या फिर राज्य का मंत्री बनने के लिए विधायक होना जरूरी होता है। विधायक को इंग्लिश में MLA भी बोलते हैं, इसका  फुल फॉर्म (Member Of Legislative Assembly) होता है। 

बता दें कि किसी भी क्षेत्र का विधायक बनने के लिए एक व्यक्ति को कम से कम 25 साल का होना जरूरी है। विधायक बनने के वह सरकारी ऑफिस में किसी पद पर कार्यरत नहीं होना चाहिए। उम्मीदवार पागल या दिवालिया घोषित नहीं होना चाहिए।

बता दें कि किसी भी क्षेत्र का विधायक बनने के लिए एक व्यक्ति को कम से कम 25 साल का होना जरूरी है। विधायक बनने के वह सरकारी ऑफिस में किसी पद पर कार्यरत नहीं होना चाहिए। उम्मीदवार पागल या दिवालिया घोषित नहीं होना चाहिए।

क्या आप जानने है विधायक बनने के लिए किसी प्रकार की कोई शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं होती है। अंगूठा टेक इंसान से लेकर पीएचडी होल्डर तक विधानसभा का चुनाव लड़ सकता है।

क्या आप जानने है विधायक बनने के लिए किसी प्रकार की कोई शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं होती है। अंगूठा टेक इंसान से लेकर पीएचडी होल्डर तक विधानसभा का चुनाव लड़ सकता है।

विधायक केवल एक पद नहीं, बल्कि एक स्टेटस आइकन भी है, चाचा विधायक है हमारे ये डायलॉग आपने कई बार सुना होगा, लेकिन क्या आपको पता है, की एक विधायक की शक्तियां क्या है, या फिर एक विधायक राज्य में कितना ताकतवर है?

विधायक केवल एक पद नहीं, बल्कि एक स्टेटस आइकन भी है, चाचा विधायक है हमारे ये डायलॉग आपने कई बार सुना होगा, लेकिन क्या आपको पता है, की एक विधायक की शक्तियां क्या है, या फिर एक विधायक राज्य में कितना ताकतवर है?

एक विधायक की शक्तियों को चार भागो में बांटा जाता है, पहला विधान शक्तियां, यानी वो शक्तियां जो भारत के संविधान के अनुसान इन्हें मिली है, जैसे एक विधायक राज्य सूची और समवर्ती सूची पर अपनी विधायी शक्तियों का प्रयोग कर सकता है। 

एक विधायक की शक्तियों को चार भागो में बांटा जाता है, पहला विधान शक्तियां, यानी वो शक्तियां जो भारत के संविधान के अनुसान इन्हें मिली है, जैसे एक विधायक राज्य सूची और समवर्ती सूची पर अपनी विधायी शक्तियों का प्रयोग कर सकता है। 

दूसरा होता है वित्तीय शक्ति, यानि एक विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में सरकार से वित्तीय मांग कर सकता है, और सरकार को फंड देने के लिए बोल सकता है। 

दूसरा होता है वित्तीय शक्ति, यानि एक विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में सरकार से वित्तीय मांग कर सकता है, और सरकार को फंड देने के लिए बोल सकता है। 

विधायक के पास कार्यकारी शक्तियां भी होती है, जैसे वो अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर डीएम और एसपी को समन भी कर सकता है, हालांकि डीएम और एसपी स्वतंत्र रूप से काम करते है, और इनको विधायक आदेश नहीं दे सकता। विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों और संगठनों से जानकारी भी मांग सकता है।

विधायक के पास कार्यकारी शक्तियां भी होती है, जैसे वो अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर डीएम और एसपी को समन भी कर सकता है, हालांकि डीएम और एसपी स्वतंत्र रूप से काम करते है, और इनको विधायक आदेश नहीं दे सकता। विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों और संगठनों से जानकारी भी मांग सकता है।

विधायक के पास चुनावी शक्तियां भी होती है, जैसे विधायक राज्यसभा के सदस्यों के लिए वोटिंग भी करता है, साथ ही राष्ट्रपति के चुनाव के लिए भी मतदान करता है।

विधायक के पास चुनावी शक्तियां भी होती है, जैसे विधायक राज्यसभा के सदस्यों के लिए वोटिंग भी करता है, साथ ही राष्ट्रपति के चुनाव के लिए भी मतदान करता है।

अब बात करते है एक विधायक की सैलेरी के बारे में। एमएलए का वेतन या भत्ते राज्य सरकार पर निर्भर करते हैं, कई राज्यों में विधायक को पांच लाख से अधिक वेतन दिया जाता है, तो कुछ राज्यों में यह एक लाख है।

अब बात करते है एक विधायक की सैलेरी के बारे में। एमएलए का वेतन या भत्ते राज्य सरकार पर निर्भर करते हैं, कई राज्यों में विधायक को पांच लाख से अधिक वेतन दिया जाता है, तो कुछ राज्यों में यह एक लाख है।

इसके साथ ही विधायक को फ्री मेडिकल सुविधा, बीमा सुविधा, फ्री यात्रा की सुविधा, सरकारी गाडी और सरकारी आवास भी मिलता है। वहीं, जब वो विधायक मंत्री बन जाता है तो उसे ज्यादा सुविधाएं और भत्ते दिए जाते हैं। 
 

इसके साथ ही विधायक को फ्री मेडिकल सुविधा, बीमा सुविधा, फ्री यात्रा की सुविधा, सरकारी गाडी और सरकारी आवास भी मिलता है। वहीं, जब वो विधायक मंत्री बन जाता है तो उसे ज्यादा सुविधाएं और भत्ते दिए जाते हैं। 
 

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