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पाकिस्तान में इतनी गंदगी के बीच रखे जा रहे कोरोना संक्रमित, लोगों ने कहा- जेल भी इससे साफ-सुथरा

First Published Apr 13, 2020, 6:19 PM IST
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हटके डेस्क: दुनियाभर में कोरोना के कहर ने लोगों को तबाह कर दिया है। अभी तक कोरोना ने दुनिया में कुल 18 लाख 66 हजार लोगों को संक्रमित किया है। इनमें 1 लाख 15 हजार लोगों की मौत हो गई है। इस वायरस ने दुनिया के कई देशों में तबाही मचाई। इसमें भारत भी शामिल है, जहां तेजी से संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। भारत में संक्रमितों में तब्लीगी जमात के लोगों की संख्या अधिक है। ऐसी खबरें आई थीं कि जमात के लोग क्वारेंटाइन में उत्पात मचा रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में कोरोना के संक्रमित लोगों को रखने के लिए बनाए गए कवारेन्टाइन सेंटर की जो  तस्वीरें सामने आई हैं, उसे देखने के बाद भारत के क्वारेंटाइन सेंटर्स में कमी निकालने वालों की बोलती बंद हो जाएगी।  

पाकिस्तान में कोरोना से संक्रमित लोगों की कुल संख्या अभी 5 हजार 3 सौ के पार है। इससे मरने वालों का आंकड़ा अभी 93 है। 

पाकिस्तान में कोरोना से संक्रमित लोगों की कुल संख्या अभी 5 हजार 3 सौ के पार है। इससे मरने वालों का आंकड़ा अभी 93 है। 

देश में कोरोना लेकर आने का जिम्मेदार ईरान से लौटे नागरिक हैं। पाकिस्तान ने चीन में फंसे अपने नागरिकों के रेस्क्यू से इंकार कर दिया था। लेकिन ईरान से कई लोग पाकिस्तान आ गए। 

देश में कोरोना लेकर आने का जिम्मेदार ईरान से लौटे नागरिक हैं। पाकिस्तान ने चीन में फंसे अपने नागरिकों के रेस्क्यू से इंकार कर दिया था। लेकिन ईरान से कई लोग पाकिस्तान आ गए। 

ईरान से लौटे कुछ यात्रियों में कोरोना संक्रमण दिखा और इसके बाद वायरस ने देश में अपने रंग दिखाने शुरू किये। 

ईरान से लौटे कुछ यात्रियों में कोरोना संक्रमण दिखा और इसके बाद वायरस ने देश में अपने रंग दिखाने शुरू किये। 

पहले से गरीबी से जूझ रहे इस देश में बलूचिस्तान में तफ्तान शहर में कैंप लगाकर कोरोना संक्रमितों को रखा गया।  

पहले से गरीबी से जूझ रहे इस देश में बलूचिस्तान में तफ्तान शहर में कैंप लगाकर कोरोना संक्रमितों को रखा गया।  

इस क्वारेंटाइन सेंटर से लौटे लोगों ने बताया कि ये कैंप किसी जेल से कम नहीं था। कैंप में भारी गंदगी थी। 

इस क्वारेंटाइन सेंटर से लौटे लोगों ने बताया कि ये कैंप किसी जेल से कम नहीं था। कैंप में भारी गंदगी थी। 

लोगों को ना मास्क दिए गए ना सैनिटाइजर। 13 दिनों तक सिर्फ वएक डॉक्टर सुबह आकर उनकी जांच कर चला जाता था। 

लोगों को ना मास्क दिए गए ना सैनिटाइजर। 13 दिनों तक सिर्फ वएक डॉक्टर सुबह आकर उनकी जांच कर चला जाता था। 

लोगों को ना तो खाना दिया जा रहा था, ना कोई और सुविधा। इन सेंटर्स में लोगों के लिए बाथरूम की सुविधा भी नहीं थी। सबको बस एक टेंट में बंद कर दिया गया था। 

लोगों को ना तो खाना दिया जा रहा था, ना कोई और सुविधा। इन सेंटर्स में लोगों के लिए बाथरूम की सुविधा भी नहीं थी। सबको बस एक टेंट में बंद कर दिया गया था। 

गंदगी के बीच संक्रमित लोग मच्छरों से परेशान थे। क्वारेंटाइन में रखे गए लोगों के मुताबिक, दो हफ्ते उनकी जिंदगी के सबसे मुश्किल हफ्ते थे।  

गंदगी के बीच संक्रमित लोग मच्छरों से परेशान थे। क्वारेंटाइन में रखे गए लोगों के मुताबिक, दो हफ्ते उनकी जिंदगी के सबसे मुश्किल हफ्ते थे।  

टेंट में सोने के लिए गद्दे तक नहीं दिए गए। ना ही उन्हें चादर मुहैया करवाई गई थी। 

टेंट में सोने के लिए गद्दे तक नहीं दिए गए। ना ही उन्हें चादर मुहैया करवाई गई थी। 


इस बीच खबर आई कि क्वेटा में एक लड़की में  कोरोना के लक्षण दिखने पर डॉक्टर्स ने उसे छूने से भी इंकार कर दिया। जिसके कुछ दिनों बाद लड़की की मौत हो गई। 

 


इस बीच खबर आई कि क्वेटा में एक लड़की में  कोरोना के लक्षण दिखने पर डॉक्टर्स ने उसे छूने से भी इंकार कर दिया। जिसके कुछ दिनों बाद लड़की की मौत हो गई। 

 

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