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बर्ड फ्लू के बीच खाया जा रहा 26 अरब रुपए का कीड़ा, बिस्किट-ब्रेड में मिलाया जाता है पीले कीड़े का पाउडर

First Published Jan 17, 2021, 7:44 AM IST
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हटके डेस्क: कोरोना के बाद चीन के वुहान मार्केट की काफी चर्चा हुई। उस मार्केट में कई तरह के जीवों का मांस मिलता था। इसमें सांप से लेकर चमगादड़ भी शामिल थे। कुत्तों और बिल्लियों का मांस खाने की वजह से पहले ही चीन बदनाम था। लेकिन कोरोना ने चीनियों के खान-पान को दुनियाभर में बदनाम कर दिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ना सिर्फ चीन, बल्कि पूरी दुनिया में लोग कीड़े खाने के भी शौक़ीन हैं। जी हां, दुनिया के कई देशों में एक ख़ास तरह के पीले कीड़े खाए जाते हैं। सबसे शॉकिंग बात तो ये है कि हर साल दुनिया में इन कीड़ों का बाजार 297 मिलियन यूरो यानी करीब 26 अरब 24 करोड़ रुपए का है। ये कीड़े इन दिनों चर्चा में इसलिए है कि कोरोना महामारी के बीच यूरोपीय देशों में इस कीड़े की बिक्री को मंजूरी दे दी गई है। 

भारत में अभी बर्ड ब्लू का प्रकोप है। कई राज्यों में चिकन और पोल्ट्री प्रोडक्ट्स पर रोक लगा दी गई है। लोग वैसे भी कोरोना के बाद से संभल कर ही नॉन वेज का सेवन कर रहे थे। लेकिन इस बीच यूरोपीय संघ ने वहां एक ख़ास तरह के पीले कीड़ों को खाने की मंजूरी दे दी है। 
 

भारत में अभी बर्ड ब्लू का प्रकोप है। कई राज्यों में चिकन और पोल्ट्री प्रोडक्ट्स पर रोक लगा दी गई है। लोग वैसे भी कोरोना के बाद से संभल कर ही नॉन वेज का सेवन कर रहे थे। लेकिन इस बीच यूरोपीय संघ ने वहां एक ख़ास तरह के पीले कीड़ों को खाने की मंजूरी दे दी है। 
 

इस पीले कीड़े को येलो ग्रब कहा जाता है। इनकी बिक्री यूरोप में नहीं की जाती थी। जो मार्केट था भी, उसे अवैध तरह से चलाया जाता था। ऐसे में अब इसे कानूनी मान्यता मिल गई है। अब लोग इसका इस्तेमाल अलग-अलग डिसेज में कर सकते हैं।  
 

इस पीले कीड़े को येलो ग्रब कहा जाता है। इनकी बिक्री यूरोप में नहीं की जाती थी। जो मार्केट था भी, उसे अवैध तरह से चलाया जाता था। ऐसे में अब इसे कानूनी मान्यता मिल गई है। अब लोग इसका इस्तेमाल अलग-अलग डिसेज में कर सकते हैं।  
 

येलो ग्रब का ज्यादातर यूज बेकरी प्रोडक्ट्स में किया जाता है। इन्हें बिस्किट, पास्ता या ब्रेड में मिक्स किया जाता है, जिससे वो काफी सॉफ्ट बनते हैं और उनका टेस्ट भी काफी उभर कर सामने आता है। 

येलो ग्रब का ज्यादातर यूज बेकरी प्रोडक्ट्स में किया जाता है। इन्हें बिस्किट, पास्ता या ब्रेड में मिक्स किया जाता है, जिससे वो काफी सॉफ्ट बनते हैं और उनका टेस्ट भी काफी उभर कर सामने आता है। 

यूरोपीय खाद्य सुरक्षा एजेंसी (EFSA) के मुताबिक़, अब लोग येलो ग्रब को आसानी से यूज कर पाएंगे। खुद सरकार इसके मार्केट को प्रमोट करेगी। साथ ही साथ उन्होंने बताया कि ना सिर्फ यलो ग्रब बल्कि जल्द कई अन्य तरह के कीड़े भी जो फायदेमंद है, उनकी बिक्री बढ़ाई जाएगी।  

यूरोपीय खाद्य सुरक्षा एजेंसी (EFSA) के मुताबिक़, अब लोग येलो ग्रब को आसानी से यूज कर पाएंगे। खुद सरकार इसके मार्केट को प्रमोट करेगी। साथ ही साथ उन्होंने बताया कि ना सिर्फ यलो ग्रब बल्कि जल्द कई अन्य तरह के कीड़े भी जो फायदेमंद है, उनकी बिक्री बढ़ाई जाएगी।  

यलो ग्रब के ख़ास तरह का इटेबल कीड़ा है, जो प्रोटीन और वसा के साथ ही साथ फाइबर से भी भरा हुआ है। इसके सेवन से इंस्टेंट एनर्जी आती है। साथ ही इसका टेस्ट भी लोगों को काफी पसंद आता है। 

यलो ग्रब के ख़ास तरह का इटेबल कीड़ा है, जो प्रोटीन और वसा के साथ ही साथ फाइबर से भी भरा हुआ है। इसके सेवन से इंस्टेंट एनर्जी आती है। साथ ही इसका टेस्ट भी लोगों को काफी पसंद आता है। 

दुनिया के कई देशों, जैसे अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में इसे चाव से खाया जाता है। वहां तो इन कीड़ों से बना बर्गर और ब्रेड लोगों को काफी पसंद है। लेकिन अभी तक यूरोपीय देशों में इसकी सेल नहीं थी, जो अब होगी। 

दुनिया के कई देशों, जैसे अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में इसे चाव से खाया जाता है। वहां तो इन कीड़ों से बना बर्गर और ब्रेड लोगों को काफी पसंद है। लेकिन अभी तक यूरोपीय देशों में इसकी सेल नहीं थी, जो अब होगी। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक़, फिलहाल वक्त दुनिया में कीड़ों का मार्केट 26 अरब रूपये का है, जिसके अगले तीन साल में दोगुना होने की उम्मीद है। कई जगहों पर इस कीड़े से तेल भी बनाया जाता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़, फिलहाल वक्त दुनिया में कीड़ों का मार्केट 26 अरब रूपये का है, जिसके अगले तीन साल में दोगुना होने की उम्मीद है। कई जगहों पर इस कीड़े से तेल भी बनाया जाता है।

भारत में तो लोग अभी तक पोर्क को भी अपना नहीं पाए हैं, ऐसे में कीड़ों को खाना यहां कब एक्सेप्ट होगा, ये तो आने वाला समय ही बताएगा। 
 

भारत में तो लोग अभी तक पोर्क को भी अपना नहीं पाए हैं, ऐसे में कीड़ों को खाना यहां कब एक्सेप्ट होगा, ये तो आने वाला समय ही बताएगा। 
 

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