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मां की मौत के बाद 20 दिन के तेंदुए को गाय ने पिलाया था थन से दूध, आज भी रोज रात को मिलने आता है मुंहबोला बेटा

First Published Nov 5, 2020, 4:07 PM IST
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हटके डेस्क: मां की ममता ऐसी होती है, जिसे हर प्राणी महसूस करता है। ना सिर्फ इंसान बल्कि जानवरों में भी अपने बच्चों को लेकर ऐसा ही प्यार होता है। जानवरों की ममता तो अपने बच्चों से इतर किसी के भी बच्चे के लिए देखी जा सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे गाय और तेंदुए की ये तस्वीरें किसी को भी हैरान कर सकती है। एक बार के लिए लगेगा कि आखिर एक तेंदुआ गाय के इतने नजदीक आकर उससे इतना लाड क्यों कर रहा है? लेकिन जब इसके पीछे की कहानी पता चलेगी तो इनके बीच का रिश्ता समझ आएगा। 

सोशल मीडिया पर गाय और तेंदुए की ये तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही है। लोग हैरान हैं कि आखिर एक जंगली जानवर जो जंजीर में बंधी गाय को आसानी से मार कर खा सकता है, वो उसके गोद में जाकर क्यों बैठ जाता है? 
 

सोशल मीडिया पर गाय और तेंदुए की ये तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही है। लोग हैरान हैं कि आखिर एक जंगली जानवर जो जंजीर में बंधी गाय को आसानी से मार कर खा सकता है, वो उसके गोद में जाकर क्यों बैठ जाता है? 
 

इसके पीछे की कहानी सुनने के बाद इस तस्वीर की वैल्यू और बढ़ जाएगी। दरअसल, ये तस्वीरें गुजरात में कैद की गई थी। ये मामला वैसे तो 2003 में सामने आया था लेकिन उसके बाद समय-समय पर ये तस्वीरें वायरल होती रहती हैं। 
 

इसके पीछे की कहानी सुनने के बाद इस तस्वीर की वैल्यू और बढ़ जाएगी। दरअसल, ये तस्वीरें गुजरात में कैद की गई थी। ये मामला वैसे तो 2003 में सामने आया था लेकिन उसके बाद समय-समय पर ये तस्वीरें वायरल होती रहती हैं। 
 

ये मामला गुजरात के वडोदरा से सामने आया जहां अचानक लोगों ने देखा कि एक तेंदुआ गन्ने के खेत में गाय के नजदीक बैठा था। उन्होंने वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट को तुरंत इसकी जानकारी दी। जिसके बाद टीम गांव में पहुंची। 
 

ये मामला गुजरात के वडोदरा से सामने आया जहां अचानक लोगों ने देखा कि एक तेंदुआ गन्ने के खेत में गाय के नजदीक बैठा था। उन्होंने वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट को तुरंत इसकी जानकारी दी। जिसके बाद टीम गांव में पहुंची। 
 

वहां पता चला कि ये तेंदुआ हर रात साढ़े 9 से 10 के बीच गाय से मिलने आता था। इस दौरान गली के कुत्ते काफी भौंकते थे। लेकिन तेंदुआ बिना फेल हुए हर दिन गाय से मिलने पहुंचता था। इसकी वजह भी बाद में सामने आई। 

वहां पता चला कि ये तेंदुआ हर रात साढ़े 9 से 10 के बीच गाय से मिलने आता था। इस दौरान गली के कुत्ते काफी भौंकते थे। लेकिन तेंदुआ बिना फेल हुए हर दिन गाय से मिलने पहुंचता था। इसकी वजह भी बाद में सामने आई। 

दरअसल, जब तेंदुआ मात्र 20 दिन का था, तभी उसकी मां की मौत हो गई थी। इसके बाद गाय ने ही उसे दूध पिलाया था। तब से ये तेंदुआ गाय को अपनी मां समझता है। वो हर रात गाय से मिलने आता है। 
 

दरअसल, जब तेंदुआ मात्र 20 दिन का था, तभी उसकी मां की मौत हो गई थी। इसके बाद गाय ने ही उसे दूध पिलाया था। तब से ये तेंदुआ गाय को अपनी मां समझता है। वो हर रात गाय से मिलने आता है। 
 

गांव वालों को भी इनकी दोस्ती का काफी फायदा हुआ। तेंदुआ गांव में किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है। लेकिन तेंदुए की वजह से वहां जानवर के अटैक कम हुए हैं, जिसके कारण गांव में फसल की उपज में बढ़त हुई। 

गांव वालों को भी इनकी दोस्ती का काफी फायदा हुआ। तेंदुआ गांव में किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है। लेकिन तेंदुए की वजह से वहां जानवर के अटैक कम हुए हैं, जिसके कारण गांव में फसल की उपज में बढ़त हुई। 

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