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बच्चों से नफरत करती थी ये महिला, करवा चुकी थी नसबंदी लेकिन अब पेट में लेकर घूम रही है 12वां बच्चा

First Published Jun 29, 2020, 12:08 PM IST
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हटके डेस्क: दुनिया में कई तरह के लोग होते हैं। कुछ लोगों को बच्चों से प्यार होता है। वो ना सिर्फ बच्चे प्लान करते हैं बल्कि उनके फ्यूचर से लेकर उनकी सारी जिम्मेदारी का भी अहसास पहले से कर उसकी प्लानिंग करते हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो बिना किसी प्लानिंग के सिर्फ बच्चों को जन्म देते जाते है। उनके पास इन बच्चों के फ्यूचर से लेकर उनके बड़े होने तक की कोई प्लानिंग नहीं होती है। अब देखिये ना, यूके के एक कपल को, जिसे बच्चे पसंद भी नहीं थे, ने एक एक बाद एक 11 बच्चों को जन्म दे दिया। इतना ही नहीं, महिला अभी भी प्रेग्नेंट है। जब इनसे पूछा गया कि 12 बच्चों को ये कैसे पालेंगे तो इनके पास कोई जवाब नहीं था। अब इस कपल ने सोशल मीडिया पर लोगों को बताया कि कैसे ये कपल अपने 3 रूम के बेडरूम में आठ बेटियों और तीन बेटों के साथ जिंदगी बिता रहे हैं। 

कम्ब्रिया में रहने वाले 35 साल के जोसफ सुट्टों और 30 साल की निकोल अपने 3 बेडरूम वाले घर में आठ बेटियों और तीन बेटों के साथ रहते हैं। 

कम्ब्रिया में रहने वाले 35 साल के जोसफ सुट्टों और 30 साल की निकोल अपने 3 बेडरूम वाले घर में आठ बेटियों और तीन बेटों के साथ रहते हैं। 

कपल की मुलाक़ात 2005 में हुई थी। जब दोनों मिले थे तब दोनों ने बच्चों के बारे में सोचा भी नहीं था। लेकिन बिना प्लानिंग के ही अचानक निकोल बड़ी बेटी के साथ प्रेग्नेंट हो गई। 

कपल की मुलाक़ात 2005 में हुई थी। जब दोनों मिले थे तब दोनों ने बच्चों के बारे में सोचा भी नहीं था। लेकिन बिना प्लानिंग के ही अचानक निकोल बड़ी बेटी के साथ प्रेग्नेंट हो गई। 

अब कपल की बड़ी बेटी रिहाना की उम्र 14 साल हो चुकी है। इसके बाद से कपल के लगातार एक के बाद एक बच्चे होते गए। 

अब कपल की बड़ी बेटी रिहाना की उम्र 14 साल हो चुकी है। इसके बाद से कपल के लगातार एक के बाद एक बच्चे होते गए। 

कपल की सोर्स ऑफ इनकम काफी कम है। इसके बावजूद कपल इस बड़े परिवार कोई चला रहा है। कपल काफी खुश है और उनके मुताबिक, मुश्किलों के बावजूद उनकी लाइफ अच्छी चल रही है। 
 

कपल की सोर्स ऑफ इनकम काफी कम है। इसके बावजूद कपल इस बड़े परिवार कोई चला रहा है। कपल काफी खुश है और उनके मुताबिक, मुश्किलों के बावजूद उनकी लाइफ अच्छी चल रही है। 
 

ये कपल चाइल्ड बेनिफिट्स में मिलने वाली राशि पर डिपेंड करता है। परिवार को चलाने के लिए जोसफ कोच ड्राइवर की नौकरी करते हैं जबकि निकोल पार्ट टाइम शॉप असिस्टेंट का काम करती हैं। 

ये कपल चाइल्ड बेनिफिट्स में मिलने वाली राशि पर डिपेंड करता है। परिवार को चलाने के लिए जोसफ कोच ड्राइवर की नौकरी करते हैं जबकि निकोल पार्ट टाइम शॉप असिस्टेंट का काम करती हैं। 

जोसफ ने बताया कि उसे कभी बड़ा परिवार नहीं चाहिए था। इसे तो बच्चे ही नहीं चाहिए थे। लेकिन जब बड़ी बेटी का जन्म हुआ तो दोनों ने उसे बड़े प्यार से पाला। 
 

जोसफ ने बताया कि उसे कभी बड़ा परिवार नहीं चाहिए था। इसे तो बच्चे ही नहीं चाहिए थे। लेकिन जब बड़ी बेटी का जन्म हुआ तो दोनों ने उसे बड़े प्यार से पाला। 
 

बड़ी बेटी के जन्म के दो साल बाद कपल की दूसरी बेटी का जन्म हुआ। जिसके बाद एक के बाद एक कई बच्चे पैदा हुए। पिछले साल कपल का एक मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ था। 

बड़ी बेटी के जन्म के दो साल बाद कपल की दूसरी बेटी का जन्म हुआ। जिसके बाद एक के बाद एक कई बच्चे पैदा हुए। पिछले साल कपल का एक मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ था। 

जोसफ ने कहा कि कभी-कभी उसे पागलों की तरह महसूस होता है। घर पर इतने बच्चे हैं कि कई बार घर  नहीं पागलखाना नजर आता है लेकिन फिर भी वो खुश है। वहीं बच्चों को लेकर निकोल ने बताया कि जब उसे अपनी पहली प्रेग्नेंसी का पता चला तब वो हैरान थी। बच्चों के लिए निकोल ने नसबंदी करवाई हुई थी लेकिन फिर भी जाने कैसे वो प्रेग्नेंट हो गई। 
 

जोसफ ने कहा कि कभी-कभी उसे पागलों की तरह महसूस होता है। घर पर इतने बच्चे हैं कि कई बार घर  नहीं पागलखाना नजर आता है लेकिन फिर भी वो खुश है। वहीं बच्चों को लेकर निकोल ने बताया कि जब उसे अपनी पहली प्रेग्नेंसी का पता चला तब वो हैरान थी। बच्चों के लिए निकोल ने नसबंदी करवाई हुई थी लेकिन फिर भी जाने कैसे वो प्रेग्नेंट हो गई। 
 

अब निकोल के दिन का आधा वक्त बच्चों की देखभाल में बीत जाता है। सुबह 6 बजे उठने के बाद से वो बच्चों में लग जाती है। इसके बाद आधे घंटे में वो बच्चों का बेड बनाती है। फिर तीन बार में सबके कपड़े धोती है। बच्चों के ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर के बाद इस कपल के पास खुद के लिए वक्त नहीं रहता। चूँकि बच्चे इतने छोटे हैं कि उन्हें छोड़कर ये शॉपिंग पर नहीं जा सकते इसलिए राशन ऑनलाइन मंगवाया जाता है। 

अब निकोल के दिन का आधा वक्त बच्चों की देखभाल में बीत जाता है। सुबह 6 बजे उठने के बाद से वो बच्चों में लग जाती है। इसके बाद आधे घंटे में वो बच्चों का बेड बनाती है। फिर तीन बार में सबके कपड़े धोती है। बच्चों के ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर के बाद इस कपल के पास खुद के लिए वक्त नहीं रहता। चूँकि बच्चे इतने छोटे हैं कि उन्हें छोड़कर ये शॉपिंग पर नहीं जा सकते इसलिए राशन ऑनलाइन मंगवाया जाता है। 

एक हफ्ते के राशन में ये कपल 18 हजार रुपए खर्च करता है। साथ ही करीब 12 बास्केट भरकर राशन इनके घर पहुंचता है। अपनी फैमिली के इस हाल पर इस कपल परेशान तो है लेकिन दोनों अपनी फैमिली से काफी प्यार करते हैं। दोनों का कहना है कि इतने बड़े परिवार को संभालना वाकई मुश्किल का काम है लेकिन अब उन्हें इसकी आदत हो चुकी है। 

एक हफ्ते के राशन में ये कपल 18 हजार रुपए खर्च करता है। साथ ही करीब 12 बास्केट भरकर राशन इनके घर पहुंचता है। अपनी फैमिली के इस हाल पर इस कपल परेशान तो है लेकिन दोनों अपनी फैमिली से काफी प्यार करते हैं। दोनों का कहना है कि इतने बड़े परिवार को संभालना वाकई मुश्किल का काम है लेकिन अब उन्हें इसकी आदत हो चुकी है। 

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