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दावा: 21 मार्च को धरती के पास से गुजरेगा अब तक का सबसे बड़ा उल्कापिंड, जानें पृथ्वी पर कैसा पड़ेगा असर

First Published Mar 12, 2021, 1:19 PM IST
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हटके डेस्क: कोरोना महामारी से दुनिया को अभी तक छुटकारा नहीं मिला है। हालांकि, अब इस वायरस का वैक्सीन मार्केट में आ चुका है। बावजूद इसके मामले हाल के दिनों में तेजी से बढ़े हैं। लोग कोरोना से परेशान थे ही कि नासा ने अब 21 मार्च को पृथ्वी के नजदीक से गुजरने वाले अब तक के सबसे बड़े एस्टेरॉयड के बारे में जानकारी दी है। इसके बाद से लोगों में खौफ का माहौल है। क्या है ये एस्टेरॉयड और पृथ्वी पर इसका कैसा असर पड़ेगा, सब जानें नीचे की स्लाइड्स में... 

नासा ने दावा किया है कि 21 मार्च को पृथ्वी के पास से अब तक का सबसे बड़ा एस्टेरॉयड गुजरेगा। इसका नाम उन्होंने एफओ 32 बताया है। 

नासा ने दावा किया है कि 21 मार्च को पृथ्वी के पास से अब तक का सबसे बड़ा एस्टेरॉयड गुजरेगा। इसका नाम उन्होंने एफओ 32 बताया है। 

नासा ने एफओ 32 के बारे में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि इसकी खोज अब से 20 साल पहले ही कर दी गई थी। ये एस्टेरॉयड बीते 20 साल पहले ही ढूंढ लिया गया था। 

नासा ने एफओ 32 के बारे में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि इसकी खोज अब से 20 साल पहले ही कर दी गई थी। ये एस्टेरॉयड बीते 20 साल पहले ही ढूंढ लिया गया था। 

एफओ 32 बड़ी तेजी से पृथ्वी की तरफ बढ़ रही है। इसे अब तक का सबसे बड़ा एस्टेरॉयड बताया जा रहा है जो पृथ्वी के पास से गुजरेगा। इसका साइज 3 हजार फ़ीट है। 

एफओ 32 बड़ी तेजी से पृथ्वी की तरफ बढ़ रही है। इसे अब तक का सबसे बड़ा एस्टेरॉयड बताया जा रहा है जो पृथ्वी के पास से गुजरेगा। इसका साइज 3 हजार फ़ीट है। 

21 मार्च को अंतरिक्ष से गिरते हुए ये एस्टेरॉयड पृथ्वी के सबसे नजदीक से गुजरेगा। इसे देखने के लिए वैज्ञानिक काफी उत्सुक हैं। वैज्ञानिकों ने साफ किया कि इसके गिरने से पृथ्वी को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। 

21 मार्च को अंतरिक्ष से गिरते हुए ये एस्टेरॉयड पृथ्वी के सबसे नजदीक से गुजरेगा। इसे देखने के लिए वैज्ञानिक काफी उत्सुक हैं। वैज्ञानिकों ने साफ किया कि इसके गिरने से पृथ्वी को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। 

नासा अनुसंधान केंद्र के डायरेक्टर पॉल चौडास ने बताया कि ये एस्टेरॉयड पृथ्वी से 1.25 मिलियन दूर होगा। इससे कोई नुकसान नहीं होगा। इसकी रफ़्तार 77 हजार मील प्रति घंटे है। फिर भी ये पृथ्वी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा। 

नासा अनुसंधान केंद्र के डायरेक्टर पॉल चौडास ने बताया कि ये एस्टेरॉयड पृथ्वी से 1.25 मिलियन दूर होगा। इससे कोई नुकसान नहीं होगा। इसकी रफ़्तार 77 हजार मील प्रति घंटे है। फिर भी ये पृथ्वी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा। 

ये एस्टेरॉयड आसमान में दक्षिण दिशा में नजर आएगा और बेहद चमकीला होगा। इसे हर कोई देख पाएगा। अब वैज्ञानिक 21 मार्च का इन्तजार कर रहे हैं।   
 

ये एस्टेरॉयड आसमान में दक्षिण दिशा में नजर आएगा और बेहद चमकीला होगा। इसे हर कोई देख पाएगा। अब वैज्ञानिक 21 मार्च का इन्तजार कर रहे हैं।   
 

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