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ब्रांडेड कपड़े पहन सड़क पर आ गई ये जवान भिखारन, ऑनलाइन शॉपिंग के Pay Later ऑप्शन ने बना दिया कंगाल

First Published Oct 4, 2020, 9:51 AM IST
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हटके डेस्क: दुनिया में हर एक चीज तभी तक अच्छी लगती है जब तक उसे एक लिमिट में इस्तेमाल किया जाए। अब अगर किसी भी चीज की आपको लत लग जाए, तो अंजाम की कल्पना की जा सकती है। उसमें आपका नुकसान होना तय है, ये तो पक्की बात है। सुविधाएं दी जाती है लेकिन अगर इनका ज्यादा फायदा उठाया जाए, तो अंजाम बुरा हो सकता है। ऑनलाइन शॉपिंग लोगों के लिए घर बैठे अपनी जरुरत के सामान को मंगवाने का आसान तरीका है। कई ऑनलाइन पोर्टल्स ने अब लोगों को पे लेटर का ऑप्शन दिया है। यानी आप सामान अभी खरीद लीजिये, पेमेंट बाद में कर दीजियेगा। अगर अभी आपके पास पैसे नहीं हैं तो बाद में आप पेमेंट कर सकते हैं। लेकिन यूके की टैबी स्मिथ को इस ऑप्शन की ऐसी लत लगी कि उसका घर बिक गया। साथ ही उसके सिर पर अभी भी डेढ़ लाख रुपए का कर्ज है। अब टैबी के पास कुछ बचा है तो वो है ब्रांडेड कपड़ों का ढेर जो उसने ऑनलाइन पे लेटर ऑप्शन के जरिये मंगवाया था। 

24 साल की टैबी ने सोशल मीडिया पर ऑनलाइन शॉपिंग के पे लेटर ऑप्शन की वजह से हुई अपनी दुर्गति को शेयर किया है। टैबी ने बताया कि उसे इस ऑप्शन की ऐसी लत लगी कि बाद में पेमेंट कर देने की सनक में उसने अंधाधुंध शॉपिंग कर डाली। 
 

24 साल की टैबी ने सोशल मीडिया पर ऑनलाइन शॉपिंग के पे लेटर ऑप्शन की वजह से हुई अपनी दुर्गति को शेयर किया है। टैबी ने बताया कि उसे इस ऑप्शन की ऐसी लत लगी कि बाद में पेमेंट कर देने की सनक में उसने अंधाधुंध शॉपिंग कर डाली। 
 

आज टैबी के ऊपर डेढ़ लाख का कर्ज है। साथ ही वो अब अपने घर से भी हाथ धो बैठी है। हालत ऐसी है कि अब उसके पास सिर्फ ब्रांडेड कपड़े बचे हैं, जो उसने ऑनलाइन ख़रीदे थे। 
 

आज टैबी के ऊपर डेढ़ लाख का कर्ज है। साथ ही वो अब अपने घर से भी हाथ धो बैठी है। हालत ऐसी है कि अब उसके पास सिर्फ ब्रांडेड कपड़े बचे हैं, जो उसने ऑनलाइन ख़रीदे थे। 
 

टैबी ने लोगों को बताया कि जिसे वो अपनी सुविधा का ऑप्शन समझते हैं, वही पे लेटर दरअसल, एक जाल होता है, जिसमें लोगों को फंसाया जाता है। टैबी ने अपनी सारी शॉपिंग यूके के एक एप Klarna से की थी। 

टैबी ने लोगों को बताया कि जिसे वो अपनी सुविधा का ऑप्शन समझते हैं, वही पे लेटर दरअसल, एक जाल होता है, जिसमें लोगों को फंसाया जाता है। टैबी ने अपनी सारी शॉपिंग यूके के एक एप Klarna से की थी। 

टैबी ने धीरे-धीरे इतनी शॉपिंग कर ली कि उसके पार पेमेंट करने के लिए पैसे ही नहीं बचे। उसने बताया कि वो इसके जाल में फंसती ही चली गई। आज उसके पास एक रुपया नहीं बचा है। 

टैबी ने धीरे-धीरे इतनी शॉपिंग कर ली कि उसके पार पेमेंट करने के लिए पैसे ही नहीं बचे। उसने बताया कि वो इसके जाल में फंसती ही चली गई। आज उसके पास एक रुपया नहीं बचा है। 

टैबी ने धीरे-धीरे इतनी शॉपिंग कर ली कि उसके पार पेमेंट करने के लिए पैसे ही नहीं बचे। उसने बताया कि वो इसके जाल में फंसती ही चली गई। आज उसके पास एक रुपया नहीं बचा है। 

टैबी ने धीरे-धीरे इतनी शॉपिंग कर ली कि उसके पार पेमेंट करने के लिए पैसे ही नहीं बचे। उसने बताया कि वो इसके जाल में फंसती ही चली गई। आज उसके पास एक रुपया नहीं बचा है। 

टैबी के इस मामले को शेयर करने के बाद ऐसे कई लोग सामने आए, जो इस ऑप्शन के जाल में फंस चुके हैं। सबने एक ही बात कही कि उन्हें इस ऑप्शन ने कंगाल बना दिया। कुछ लोगों को तो इस वजह से पैनिक अटैक्स भी आए। 

टैबी के इस मामले को शेयर करने के बाद ऐसे कई लोग सामने आए, जो इस ऑप्शन के जाल में फंस चुके हैं। सबने एक ही बात कही कि उन्हें इस ऑप्शन ने कंगाल बना दिया। कुछ लोगों को तो इस वजह से पैनिक अटैक्स भी आए। 

इसके बाद कई लोगों ने इस ऑप्शन के कारण खुद के पास अब सिर्फ बची हुई ब्रांडेड चीजों की लिस्ट सोशल मीडिया पर शेयर की। अब सोशल मीडिया पर इन ऑनलाइन फर्म्स के खिलाफ कैंपेन चलाया जा रहा है। 

इसके बाद कई लोगों ने इस ऑप्शन के कारण खुद के पास अब सिर्फ बची हुई ब्रांडेड चीजों की लिस्ट सोशल मीडिया पर शेयर की। अब सोशल मीडिया पर इन ऑनलाइन फर्म्स के खिलाफ कैंपेन चलाया जा रहा है। 

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