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साक्षात कृष्णजी ने बचाई अपनी सवारी की जान, लॉकडाउन में गाय खाकर पार्टी करना चाहता था किसान, लेकिन...

First Published Apr 19, 2020, 2:58 PM IST
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हटके डेस्क: कहते हैं ना कि जिसके ऊपर भगवान की कृपा होती है, उसका मौत भी कुछ नहीं बिगाड़ पाता। ऐसा ही  एक मामला थाईलैंड से सामने आया, जहां एक गाय की जान तीन गोलियां लगने के बाद भी बच गई। इस गाय को उसके मांस के लिए मारा जा रहा था लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाया। कोरोना के कारण लगाए लॉकडाउन में पार्टी के लिए लोग इस गाय को मारने जा रहे थे, लेकिन एक-दो नहीं, तीन गोलियां भी गाय का कुछ नहीं बिगाड़ पाई। इसके बाद इसे भगवान का इशारा समझ लोगों ने गाय को छोड़ दिया। 

थाईलैंड में दुनिया के हर देश की ही तरह कोरोना का कहर फैला है। यहां भी कोरोना के कारण लॉकडाउन किया गया है। 

थाईलैंड में दुनिया के हर देश की ही तरह कोरोना का कहर फैला है। यहां भी कोरोना के कारण लॉकडाउन किया गया है। 

इस बीच थाईलैंड के त्रांग में लोग एक रिवाज के तहत गाय को मारकर पार्टी करने वाले थे।  पार्टी की सारी तैयारियां की  जा चुकी है। 

इस बीच थाईलैंड के त्रांग में लोग एक रिवाज के तहत गाय को मारकर पार्टी करने वाले थे।  पार्टी की सारी तैयारियां की  जा चुकी है। 

वहां रहने वाले 43 साल के सोमपॉरन नजिन ने अपनी गाय को मारने का फैसला किया। उसने गया को मारने के लिए उसके ऊपर गोली चलाई। 

वहां रहने वाले 43 साल के सोमपॉरन नजिन ने अपनी गाय को मारने का फैसला किया। उसने गया को मारने के लिए उसके ऊपर गोली चलाई। 

गोली गाय के चमड़े को भेद नहीं पाई। उसने गाय पर 22 एमएम के हैंडगन से गोली चलाई थी। इसके बाद किसान ने उसी से दो गोलियां और चलाई। लेकिन गाय को कुछ नहीं हुआ। 
 

गोली गाय के चमड़े को भेद नहीं पाई। उसने गाय पर 22 एमएम के हैंडगन से गोली चलाई थी। इसके बाद किसान ने उसी से दो गोलियां और चलाई। लेकिन गाय को कुछ नहीं हुआ। 
 

इसके बाद चौथे अटेम्प्ट में किसान ने अपने दोस्त की मदद ली। दोनों ने मिलकर शॉटगन से गाय पर निशाना लगाया। इस बार गाय नीचे बैठ गई। 
 

इसके बाद चौथे अटेम्प्ट में किसान ने अपने दोस्त की मदद ली। दोनों ने मिलकर शॉटगन से गाय पर निशाना लगाया। इस बार गाय नीचे बैठ गई। 
 

दोनों दोस्त अपनी जीत का जश्न मनाने लगे। लेकिन  जब दोनों थोड़ी देर बाद पीछे पलटे तो गाय वहां से भाग चुकी थी। सबने गाय को ढूंढा लेकिन वो नहीं मिली। 

दोनों दोस्त अपनी जीत का जश्न मनाने लगे। लेकिन  जब दोनों थोड़ी देर बाद पीछे पलटे तो गाय वहां से भाग चुकी थी। सबने गाय को ढूंढा लेकिन वो नहीं मिली। 

15 दिन के बाद गाय वहीं मिली, जहां उसे गोली मारी गई  थी। किसान ने गाय को बूचड़खाने में ले जाकर मारना चाहा, लेकिन वहां भी गाय बच गई। 
 

15 दिन के बाद गाय वहीं मिली, जहां उसे गोली मारी गई  थी। किसान ने गाय को बूचड़खाने में ले जाकर मारना चाहा, लेकिन वहां भी गाय बच गई। 
 

इसके बाद किसान गाय को घर ले आया। और उसे भगवान का अवतार मान छोड़ दिया। गाय अब खुलेआम गांव में घूमती है। 
 

इसके बाद किसान गाय को घर ले आया। और उसे भगवान का अवतार मान छोड़ दिया। गाय अब खुलेआम गांव में घूमती है। 
 

लोगों ने गाय का नाम बूनरॉड रख दिया है, जिसका मतलब है किस्मत से बचना। 

लोगों ने गाय का नाम बूनरॉड रख दिया है, जिसका मतलब है किस्मत से बचना। 

इस लकी गाय की हर जगह चर्चा हो रही है। गाय को देखने के लिए काफी दूर से भी लोग पहुंच रहे हैं।  
 

इस लकी गाय की हर जगह चर्चा हो रही है। गाय को देखने के लिए काफी दूर से भी लोग पहुंच रहे हैं।  
 

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