ICU के अंदर खींची गई ये तस्वीरें, कुछ इस तरह कोरोना मरीजों का इलाज करते हैं डॉक्टर्स
हटके डेस्क। कोरोना वायरस से जहां एक तरफ पूरी दुनिया तबाह है, वहीं डॉक्टरों और नर्सों ने कोरोना के मरीजों का इलाज करने में दिन-रात लग कर यह दिखा दिया है कि डॉक्टर वाकई भगवान का दूसरा रूप होते हैं। दुनिया भर में अब तक इसके 33 लाख मामले सामने आ चुके हैं, वहीं 2.34 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। ब्रिटेन में भी कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। यहां 1 लाख, 77 हजार, 454 लोग संक्रमित पाए गए हैं, वहीं अब तक 27 हजार 510 लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन ब्रिटेन में नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के डॉक्टरों और नर्सों ने कोरोना के मरीजों के इलाज में दिन-रात एक कर दिया है। वे लगातार 12-12 घंटे तक आईसीयू में कोरोना पीड़ितों के इलाज में लगे हैं। फोटोग्राफर क्रिस्टोफर बॉबेन ने स्कॉटलैंड के हेयरमायर्स हॉस्पिटल के आईसीयू की कुछ तस्वीरें ली हैं, जहां कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज हो रहा है। नेशनल हेल्थ सर्विस ने उन्हें तस्वीरें लेने की परमिशन दी। ये तस्वीरें दिखाती हैं कि डॉक्टर किन स्थितियों में काम कर रहे हैं। पीपीई सूट पहने हुए डॉक्टर्स और हेल्थकेयर वर्कर्स लगातार मरीजों के बीच में रहते हुए संक्रमण के खतरे से भी जूझते रहते हैं। हेयरमायर्स हॉस्पिटल में डॉक्टर ऑस्टिन रैटरे आईसीयू में 30 नर्सिंग स्टाफ, क्लिनिकल सपोर्ट स्टाफ, 3 कन्सल्टेंट और 2 जूनियर डॉक्टरों के साथ रात भर मरीजों के इलाज में लगे रहते हैं। देखें तस्वीरें।

हेयरमायर्स हॉस्पिटल में डॉक्टर ऑस्टिन रैटरे आईसीयू में 30 नर्सिंग स्टाफ, क्लिनिकल सपोर्ट स्टाफ, 3 कन्सल्टेंट और 2 जूनियर डॉक्टरों के साथ रात की शिफ्ट में मरीजों का इलाज करते हैं।
एनएचएस स्टाफ के इक्विपमेंट पर उनके नाम लिखे होते हैं, ताकि मरीज और उनके सहयोगी स्टाफ उन्हें आसानी से पहचान सकें।
एक नर्स हाल ही में वेंटिलेटर से हटाए गए मरीज की जांच कर रही है। यहां आइसोलेशन की स्ट्रिक्ट पॉलिसी अपनाई जाती है। मरीज के फैमिली मेंबर उससे मिलने यहां नहीं आ सकते।
आईसीयू में कोमा में जा चुके एक मरीज को डॉक्टर मॉनिटर कर रहे हैं।
ये एनेस्थेटिक ट्रेनी केटी मैगरी हैं। 12 घंटे तक लगातार पीपीई सूट पहने रहने और मास्क लगाए रहने से इनके चेहरे पर गहरे निशान पड़ गए हैं।
एक डॉक्टर यह देख रहा है कि उसकी टीम ने ठीक से पीपीई पहना है या नहीं। यहां सुरक्षा में जरा-सी चूक भारी पड़ सकती है।
डॉक्टरों की टीम एक साथ मरीज की हालत को डिस्कश करती है। इसके बाद उसके इलाज के लिए अगला कदम आगे बढ़ाया जाता है।
एक डॉक्टर मरीज के चेस्ट एक्स-रे की जांच कर रहा है। इससे पता चल जाता है कि फेफड़े में कहीं पानी तो नहीं है।
कोरोना वायरस के एक मरीज को आईसीयू स्टाफ चेस्ट एक्स-रे के लिए ले जा रहा है।
कोरोना वायरस की मरीज यह बुजुर्ग महिला आईसीयू में काफी दिन बिताने के बाद अब स्वस्थ हो रही है।
इस मरीज में ऑक्सीजन लेवल अचानक खतरनाक रूप से कम हो गया। डॉक्टर इस कोशिश में लगे हैं कि उसे सांस लेने में आसानी हो सके।
बहुत ही गंभीर रूप से बीमार इस मरीज को सांस लेने में बहुत दिक्कत हो रही है। डॉक्टर एक पम्प के जरिए उसे सांस लेने में मदद करने की कोशिश कर रहे हैं।
आईसीयू चार्ज नर्स गंभीर रूप से बीमार एक मरीज की सांस लेने की प्रॉसेस को मॉनिटर कर रही है।
आईसीयू में भर्ती एक गंभीर मरीज के इलाज में लगे डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ।
कोरोना वायरस का यह मरीज वेंटिलेटर के बिना 23 दिनों तक सांस नहीं ले सका।
शिफ्ट खत्म होने के बाद यह आईसीयू नर्स पूरे पीपीई सूट में फोटोग्राफर को पोज दे रही है।
एक डॉक्टर मरीज को लगाए गए उपकरणों को एडजस्ट कर रहा है। साथ ही, वह उसके वाइटल स्टैटिक्स की भी जांच कर रहा है।
आईसीयू में एडिमट किए गए एक मरीज की जांच करने में लगे डॉक्टर और नर्सें।
आईसीयू में एक गंभीर मरीज का इलाज करते डॉक्टर। इस मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। डॉक्टर उसे कृत्रिम तरीके से सांस देने की कोशिश में लगे हैं।
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