2007 के एक 'खूनी खेल' से जुड़ी है नंदीग्राम की कहानी, यहीं से ममता ने फूंका था लेफ्ट के विरुद्ध आंदोलन

First Published Mar 5, 2021, 10:19 AM IST

कोलकाता, पश्चिम बंगाल. ममता बनर्जी 11 मार्च को महाशिवरात्रि के मौके पर नंदीग्राम से अपना नामांकन दाखिल करेंगी। यहां से उन्हें तृणमूल छोड़कर भाजपा गए शुभेंदु ने चुनौती है। 11 तारीख को शिवरात्रि है। नंदीग्राम ममता बनर्जी की वो राजनीतिक रणभूमि है, जिसने उन्हें 34 साल पुराने लेफ्ट के शासन को उखाड़ फेंकने में मदद दिलाई। मामला 2007 की एक घटना से जुड़ा है। लेफ्ट सरकार ने सलीम ग्रुप को स्पेशल इकोनॉमिक जोन नीति के तहत नंदीग्राम में रसायन केंद्र(केमिकल हब) की स्थापना की अनुमति दी थी। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो पुलिस ने विद्रोह को कुचलने गोलीबारी कर दी। इससे 14 ग्रामीणों की मौत हो गई। ममता इस घटना के विरोध में मुखर हुईं। नतीजा, लेफ्ट जमींदोज हो गया।