कोरोना से दुनिया को बचाएगा ये देश, दो चरणों में सफल हुई इस वैक्सीन को माना जा रहा रामबाण

First Published 15, Jun 2020, 9:30 AM

बीजिंग. पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है। अब तक 79 लाख लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, 4.35 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। दुनियाभर में तमाम कंपनियां कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटी हैं। ऐसे में वैक्सीन बनाने वाली चीनी कंपनी सिनोवैक बायोटेक ने दावा किया है कि उनका टीका शुरुआती दो चरणों में सफल रही है। कंपनी ने कहा, दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के नतीजे सकारात्मक आए हैं। 

<p>बीजिंग की कंपनी ने कहा, वैक्सीन के दोनों चरणों के परिणाम सकारात्मक आए हैं। यह इम्युनिटी बढ़ाने में कामयाब रहा है। टीके के दूसरे चरण में 743 लोगों पर ट्रायल किया गया। इनकी उम्र 18 से 59 साल थी। </p>

बीजिंग की कंपनी ने कहा, वैक्सीन के दोनों चरणों के परिणाम सकारात्मक आए हैं। यह इम्युनिटी बढ़ाने में कामयाब रहा है। टीके के दूसरे चरण में 743 लोगों पर ट्रायल किया गया। इनकी उम्र 18 से 59 साल थी। 

<p>कंपनी ने दावा किया है कि पहले चरण में 143 लोगों पर टीके का परीक्षण किया गया। दूसरे चरण में 600 लोगों को शामिल किया गया। इन लोगों को वैक्सीन के दो इंजेक्शन लगाए गए थे। 14 दिन तक किसी में कोई साइड इफेक्ट नहीं दिखा।  </p>

कंपनी ने दावा किया है कि पहले चरण में 143 लोगों पर टीके का परीक्षण किया गया। दूसरे चरण में 600 लोगों को शामिल किया गया। इन लोगों को वैक्सीन के दो इंजेक्शन लगाए गए थे। 14 दिन तक किसी में कोई साइड इफेक्ट नहीं दिखा।  

<p>कंपनी ने कहा, जल्द ही इस रिपोर्ट को चीन के राष्ट्रीय चिकित्सा उत्पाद प्रशासन को सौंपा जाएगा। कंपनी ने इस दवा का नाम कोरोनावैक रखा है। </p>

कंपनी ने कहा, जल्द ही इस रिपोर्ट को चीन के राष्ट्रीय चिकित्सा उत्पाद प्रशासन को सौंपा जाएगा। कंपनी ने इस दवा का नाम कोरोनावैक रखा है। 

<p>कंपनी के सीईओ वेइदोंग इन ने कहा, दो चरणों में पता चला है कि कोरोनावैक सुरक्षित है। यह प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है। दो चरणों का पूरा होना एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह कोरोना से जंग में अहम साबित होगा।</p>

कंपनी के सीईओ वेइदोंग इन ने कहा, दो चरणों में पता चला है कि कोरोनावैक सुरक्षित है। यह प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है। दो चरणों का पूरा होना एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह कोरोना से जंग में अहम साबित होगा।

<p>सिनोवैक ने भी दावा किया है कि वैक्सीन बनाने की दिशा में काफी आगे बढ़ चुकी है। उसका वैक्सीन 99 फीसदी तक असरदार साबित होगा। बायोटेक कम्पनी सिनोवेट का कहना है कि हमने वैक्सीन के 100 मिलियन डोज तैयार करने का लक्ष्य रखा है।</p>

सिनोवैक ने भी दावा किया है कि वैक्सीन बनाने की दिशा में काफी आगे बढ़ चुकी है। उसका वैक्सीन 99 फीसदी तक असरदार साबित होगा। बायोटेक कम्पनी सिनोवेट का कहना है कि हमने वैक्सीन के 100 मिलियन डोज तैयार करने का लक्ष्य रखा है।

<p>एकेडमिक जर्नल साइंस में प्रकाशित शोध के मुताबिक, कम्पनी ने वैक्सीन का नाम "कोरोनावेक" रखा है। ट्रायल में पाया गया है कि यह बंदर को कोरोना वायरस से सुरक्षित रखती है।</p>

एकेडमिक जर्नल साइंस में प्रकाशित शोध के मुताबिक, कम्पनी ने वैक्सीन का नाम "कोरोनावेक" रखा है। ट्रायल में पाया गया है कि यह बंदर को कोरोना वायरस से सुरक्षित रखती है।

<p><strong>तीसरे चरण में पहुंची अमेरिकी वैक्सीन</strong><br />
इसी क्रम में अमेरिका की मशहूर बायोटेक कंपनी मॉडर्ना अपनी वैक्सीन का फाइनल ट्रायल जुलाई में करेगी। कंपनी का दावा है कि वैक्सीन बनाने के फाइनल स्टेज में है और जुलाई में करीब 30 हजार लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल किया जाएगा। <br />
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तीसरे चरण में पहुंची अमेरिकी वैक्सीन
इसी क्रम में अमेरिका की मशहूर बायोटेक कंपनी मॉडर्ना अपनी वैक्सीन का फाइनल ट्रायल जुलाई में करेगी। कंपनी का दावा है कि वैक्सीन बनाने के फाइनल स्टेज में है और जुलाई में करीब 30 हजार लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल किया जाएगा। 
 

<p>कंपनी ने बताया कि इस दौरान कुछ लोगों को रियल शॉट दिया जाएगा। जबकि कुछ को डमी शॉट दिया जाएगा। इसके बाद यह देखा जाएगा कि कौन से लोग ज्यादा संक्रमित हैं।</p>

कंपनी ने बताया कि इस दौरान कुछ लोगों को रियल शॉट दिया जाएगा। जबकि कुछ को डमी शॉट दिया जाएगा। इसके बाद यह देखा जाएगा कि कौन से लोग ज्यादा संक्रमित हैं।

<p>अमेरिका की मॉडर्ना थेराप्युटिक्स बायोटेक्नोलॉजी कंपनी कोरोना की वैक्सीन बनाने में जुटी हुई है। कंपनी का मकसद है कि ऐसी वैक्सीन बनाई जाए, जो लोगों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएगी। इससे कोरोना वायरस के खिलाफ शरीर को लड़ने की क्षमता मिलेगी और व्यक्ति कोरोना को हरा सकेगा।</p>

अमेरिका की मॉडर्ना थेराप्युटिक्स बायोटेक्नोलॉजी कंपनी कोरोना की वैक्सीन बनाने में जुटी हुई है। कंपनी का मकसद है कि ऐसी वैक्सीन बनाई जाए, जो लोगों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएगी। इससे कोरोना वायरस के खिलाफ शरीर को लड़ने की क्षमता मिलेगी और व्यक्ति कोरोना को हरा सकेगा।

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