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हर 2 मिनट में 1 की जान लील रहा कोरोना, US के बाद इस देश में मचाया तांडव; दिख रहीं सिर्फ लाशें ही लाशें

First Published Jun 22, 2020, 2:41 PM IST
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साओ पाउलो. दुनियाभर में कोरोना वायरस के 90 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 4.7 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। दुनिया के तमाम देशों में अभी कोरोना का कहर जारी है। इनमें से एक ब्राजील भी है। ब्राजील में अब तक 50 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यहां अब तक 10 लाख केस सामने आ चुके हैं। ब्राजील में अस्पतालों में शवों के ढेर हैं। यहां तक की कब्रिस्तान में भी जगह नहीं बची है। यहां पुरानी क्रबों को खोदकर कंकाल निकालकर कंटेनर में रखे जा रहें हैं ताकि नए शवों को दफनाया जा सके। 

ब्राजील में पिछले 24 घंटे में 600 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। यानी यहां हर 2 मिनट में एक शख्स की कोरोना से जान जा रही है।

ब्राजील में पिछले 24 घंटे में 600 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। यानी यहां हर 2 मिनट में एक शख्स की कोरोना से जान जा रही है।

ब्राजील में कोरोना से पहली मौत 17 मार्च को हुई थी। 21 जून तक 50 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। यानी औसत हर रोज 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। 
 

ब्राजील में कोरोना से पहली मौत 17 मार्च को हुई थी। 21 जून तक 50 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। यानी औसत हर रोज 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। 
 

ब्राजील अमेरिका के बाद दूसरा सबसे प्रभावित देश है। अमेरिका में कोरोना से अब तक 1.22 लाख लोगों की मौत हुई है। जबकि 23 लाख लोग संक्रमित मिले हैं। 

ब्राजील अमेरिका के बाद दूसरा सबसे प्रभावित देश है। अमेरिका में कोरोना से अब तक 1.22 लाख लोगों की मौत हुई है। जबकि 23 लाख लोग संक्रमित मिले हैं। 

ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो ने कोरोना वायरस को एक छोटा फ्लू समझने की भूल की। इसके चलते उनकी आलोचना हो रही है। 

ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो ने कोरोना वायरस को एक छोटा फ्लू समझने की भूल की। इसके चलते उनकी आलोचना हो रही है। 

वहीं, राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो का कहना है कि शटडाउन से कोरोना संक्रमण के मुकाबले ज्यादा नुकसान होता। 

वहीं, राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो का कहना है कि शटडाउन से कोरोना संक्रमण के मुकाबले ज्यादा नुकसान होता। 

विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण के मामले आधिकारिक आंकड़ों की तुलना में सात गुना अधिक हो सकते हैं। इसके अलावा ब्राजील कम जांच के चलते भी विशेषज्ञों के निशाने पर है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण के मामले आधिकारिक आंकड़ों की तुलना में सात गुना अधिक हो सकते हैं। इसके अलावा ब्राजील कम जांच के चलते भी विशेषज्ञों के निशाने पर है। 

यहां इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत की वजह से कब्रिस्तान में जगह कम पड़ रही है। हाल ही ये हो गया है कि यहां पहले से दफन शवों को निकालकर नए शवों को दफन किया जा रहा है।

यहां इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत की वजह से कब्रिस्तान में जगह कम पड़ रही है। हाल ही ये हो गया है कि यहां पहले से दफन शवों को निकालकर नए शवों को दफन किया जा रहा है।

लोगों को दफनाने के लिए दोबारा जगह बनाई जा सके, इसलिए लिए यहां कब्रों को खोदा जा रहा है। लोगों की हड्डियों को निकालकर उन्हें भरकर मेटल के कंटेनर में भरा जा रहा है।

लोगों को दफनाने के लिए दोबारा जगह बनाई जा सके, इसलिए लिए यहां कब्रों को खोदा जा रहा है। लोगों की हड्डियों को निकालकर उन्हें भरकर मेटल के कंटेनर में भरा जा रहा है।

साओ पाउलो मुंसिपल फ्यूनरल सर्विस ने हाल ही में एक बयान जारी कर कहा था, जिन लोगों की मौत 3 साल पहले हुई है, उनके अवशेषों को निकालकर बैग में भरा जा रहा है। सके बाद इन्हें कंटेनर में रखा जाएगा। इसके लिए 12 कंटेनर खरीदे गए हैं।
 

साओ पाउलो मुंसिपल फ्यूनरल सर्विस ने हाल ही में एक बयान जारी कर कहा था, जिन लोगों की मौत 3 साल पहले हुई है, उनके अवशेषों को निकालकर बैग में भरा जा रहा है। सके बाद इन्हें कंटेनर में रखा जाएगा। इसके लिए 12 कंटेनर खरीदे गए हैं।
 

साओ पाउलो मुंसिपल फ्यूनरल सर्विस ने हाल ही में एक बयान जारी कर कहा था, जिन लोगों की मौत 3 साल पहले हुई है, उनके अवशेषों को निकालकर बैग में भरा जा रहा है। सके बाद इन्हें कंटेनर में रखा जाएगा। इसके लिए 12 कंटेनर खरीदे गए हैं।
 

साओ पाउलो मुंसिपल फ्यूनरल सर्विस ने हाल ही में एक बयान जारी कर कहा था, जिन लोगों की मौत 3 साल पहले हुई है, उनके अवशेषों को निकालकर बैग में भरा जा रहा है। सके बाद इन्हें कंटेनर में रखा जाएगा। इसके लिए 12 कंटेनर खरीदे गए हैं।
 

साओ पालो में सभी तरह के प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। इसके चलते पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मॉल में काफी भीड़ हो रही है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का भी उल्लंघन हो रहा है।

साओ पालो में सभी तरह के प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। इसके चलते पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मॉल में काफी भीड़ हो रही है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का भी उल्लंघन हो रहा है।

कुछ जानकारों का मानना है कि ब्राजील में अगस्त में कोरोना पीक पर होगा। ब्राजील के सभी शहर कोरोना की चपेट मे हैं। ब्राजील में अब तक 50000 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा मौतें इसी देश में हुई हैं।

कुछ जानकारों का मानना है कि ब्राजील में अगस्त में कोरोना पीक पर होगा। ब्राजील के सभी शहर कोरोना की चपेट मे हैं। ब्राजील में अब तक 50000 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा मौतें इसी देश में हुई हैं।

साओ पाउलो के विला फॉर्मोसा में लैटिन अमेरिका का सबसे बड़ा कब्रिस्तान है। इसमें जहां तक नजर जाती है, सिर्फ कब्रें ही नजर आती हैं। अब यहां दोबारा से कब्रों को खोदा जा रहा है।

साओ पाउलो के विला फॉर्मोसा में लैटिन अमेरिका का सबसे बड़ा कब्रिस्तान है। इसमें जहां तक नजर जाती है, सिर्फ कब्रें ही नजर आती हैं। अब यहां दोबारा से कब्रों को खोदा जा रहा है।

कब्रों से अवशेषों को निकालकर नई लाश के लिए जगह बनाई जा रही है। इस कब्रिस्तान में काम करने वालों में भी डर का माहौल है। उनका कहना है कि पता नहीं आगे क्या होगा?

कब्रों से अवशेषों को निकालकर नई लाश के लिए जगह बनाई जा रही है। इस कब्रिस्तान में काम करने वालों में भी डर का माहौल है। उनका कहना है कि पता नहीं आगे क्या होगा?

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