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अच्छी खबर: दुनिया को मिलेगा कोरोना से छुटकारा, जल्द मिल सकती है वैक्सीन, ये 4 देश चल रहे सबसे आगे
नई दिल्ली. दुनियाभर में कोरोना का कहर है। अब तक 1.5 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, महामारी की चपेट में आकर 6 लाख लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। कोरोना के संकट से निपटने के लिए दुनिया के तमाम देश वैक्सीन बनाने में जुटे हैं। इनमें से 23 वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल हो गए हैं। वहीं, कुछ वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल के फेज में पहुंच चुकी हैं। हम आपको ऐसी ही चार वैक्सीनों के बारे में बता रहे हैं, जो अभी सबसे आगे चल रही हैं....

ऑक्सफोर्ड सबसे आगे
कोरोना वैक्सीन की दिशा में सबसे आगे ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी को माना जा रहा है। वैक्सीन बनाने में जुटे एक वैज्ञानिक ने बताया, उनकी वैक्सीन सुरक्षित है साथ ही शरीर में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बनाने में भी सफल रही है इस ट्रायल से पहले अप्रैल और मई में ब्रिटेन के 5 अस्पतालों में 18-55 उम्र के 1077 लोगों को यह वैक्सीन दी गई थी। इसके नतीजे काफी अच्छे आए थे। अब तीसरे चरण में ब्राजील में 5 हजार लोगों पर इसका ट्रायल चल रहा है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही ऑक्सफोर्ड को कामयाबी मिल सकती है।
रूस:
रूस के सेचेनोव यूनिवर्सिटी (Sechenov First Moscow State Medical University) की वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल में सफल पाई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, वैक्सीन को 38 वालंटियर्स पर क्लिनिकल ट्रायल पूरा किया था। साथ ही इसके ट्रायल रूस की सेना भी सरकारी गमलेई नेशनल रिसर्च सेंटर में भी किए थे। सेंटर के हेड अलेक्जेंडर ने बताया कि उम्मीद है कि सिविल सर्किलेशन के लिए यह वैक्सीन 12-14 अगस्त तक आ जाएगी। उनके मुताबिक, प्राइवेट कंपनियां सितंबर में बड़े पैमाने पर इसका प्रोडक्शन शुरू कर देंगी।
चीन को भी मिल सकती है सफलता
चीन की साइनोफार्म की वाक्सीन का तीसरा ट्रायल शुरू हो गया है। इसके तहत अबू धाबी में 15000 लोगों को पहली डोज दे दी गई है। तीसरे चरण के ह्यूमन ट्रायल को बहुत ही सख्त नियमों के तहत कराया जा रहा है। चीनी कंपनी का दावा है कि 28 दिन के अंदर दो बार इस वैक्सीन की डोज देने पर 100% लोगों में एंडीबॉडी डेवलप हुए हैं। चीन का दावा है कि यह वैक्सीन इस साल के अंत तक बाजार में आ सकती है।
अमेरिका
कोरोना वैक्सीन बनाने की दिशा में अमेरिका ने भी एक कदम आगे बढ़ाया है। अमेरिकी दवा कंपनी मॉडर्ना इंक (Moderna) और नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ द्वारा बनाई जा रही वैक्सीन अपने पहले टेस्ट में पास हो गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि पहले टेस्ट में नतीजे सकारात्मक मिले हैं। इससे लोगों में प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत हुई है। उन्होंने कहा, अब हम स्पष्ट तौर पर कह सकते हैं कि जल्द ही लोगों को वैक्सीन मिलेगी। इस वैक्सीन के 27 जुलाई से 30 हजार लोगों पर परीक्षण किया जाएगा।
भारत में क्या है स्थिति?
भारत में कोरोना वैक्सीन (covaxin) का ट्रायल शुरू हो चुका है। दिल्ली के एम्स के अलावा हैदराबाद के निम्स में भी इसका ट्रायल शुरू हो गया है। वहीं, भुवनेश्वर में बुधवार को ट्रायल शुरू होगा। आईसीएमआर ने पहले और दूसरे चरण के परीक्षण के लिए 12 सेंटर्स को चुना है। पहले चरण में 375 वालंटियर्स को वैक्सीन दी जाएगी। दूसरे चरण में 750 लोगों को शामिल किया जाएगा जिनकी उम्र 12 से 65 साल के बीच होगी।
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