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Howdy Modi: ह्यूस्टन में शो की तैयारियों के बीच आईं बारिश की तस्वीरें

First Published Sep 20, 2019, 12:07 PM IST
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ह्यूस्टन. अमेरिका में ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारतीय अमेरिकियों को संबोधित करेंगे, यह कार्यक्रम रविवार 22 सितंबर को होगा। लेकिन इस कार्यक्रम से पहले ही ह्यूस्टन में एक उष्णकटिबंधीय तूफान ने भारी तबाही मचाई है।

'हाउडी, मोदी' कार्यक्रम टेक्सास के ह्यूस्टन में NRG स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।

'हाउडी, मोदी' कार्यक्रम टेक्सास के ह्यूस्टन में NRG स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।

भारतीय समय अनुसार रात 8:30 बजे से 11:30 बजे तक चलेगा। 3 घंटे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में 50,000 से अधिक लोग उपस्थित रहेंगे।

भारतीय समय अनुसार रात 8:30 बजे से 11:30 बजे तक चलेगा। 3 घंटे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में 50,000 से अधिक लोग उपस्थित रहेंगे।

‘ट्रॉपिकल डिप्रेशन इमेल्डा’ गुरुवार को टेक्सास पहुंचा जिसके कारण यहां भारी बारिश हुई, बिजली आपूर्ति ठप हो गई और टेक्सास में लोगों को घरों के भीतर रहने की हिदायत दी गई।

‘ट्रॉपिकल डिप्रेशन इमेल्डा’ गुरुवार को टेक्सास पहुंचा जिसके कारण यहां भारी बारिश हुई, बिजली आपूर्ति ठप हो गई और टेक्सास में लोगों को घरों के भीतर रहने की हिदायत दी गई।

टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने दक्षिण पूर्वी टेक्सास की 13 काउंटी में आपातकाल की घोषणा कर दी है।

टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने दक्षिण पूर्वी टेक्सास की 13 काउंटी में आपातकाल की घोषणा कर दी है।

राष्ट्रीय मौसम सेवा ने बताया कि जिन इलाकों में सर्वाधिक बारिश हुई है, वहां अब इसमें कमी आ रही है लेकिन फोर्ट बेंड, हैरिस और गालवेस्टन काउंटी के कुछ इलाकों में हर घंटे दो से तीन इंच की अतिरिक्त बारिश हो रही है।

राष्ट्रीय मौसम सेवा ने बताया कि जिन इलाकों में सर्वाधिक बारिश हुई है, वहां अब इसमें कमी आ रही है लेकिन फोर्ट बेंड, हैरिस और गालवेस्टन काउंटी के कुछ इलाकों में हर घंटे दो से तीन इंच की अतिरिक्त बारिश हो रही है।

आयोजन में मदद करने वाले एक स्वयंसेवक अचलेश अमर ने ‘पीटीआई’ को बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 1500 से अधिक स्वयंसेवी दिन-रात काम कर रहें हैं।

आयोजन में मदद करने वाले एक स्वयंसेवक अचलेश अमर ने ‘पीटीआई’ को बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 1500 से अधिक स्वयंसेवी दिन-रात काम कर रहें हैं।

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