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गरीबी से तंग आ गया था: पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पीड़ितों को एक तेज धार वाले टूल से मारा गया। जीवित बचे व्यक्ति की पहचान फवाद के रूप में हुई है, जो महिला का पति और मारी गई लड़कियों का पिता है। पुलिस के मुताबिक, फवाद हत्याकांड का मुख्य संदिग्ध है। पुलिस अधिकारी ने कहा, "संदिग्ध पेशे से एक प्राइवेट मसाला बेचने वाली कंपनी में सेल्स मैनेजर है। उसने अपनी पत्नी और बेटियों की हत्या करने के बाद आत्महत्या करने की कोशिश की।"

( शख्स ने अपनी पत्नी हुमा और तीन बेटियों समरा, फातिमा, और नेहा की हत्या करने के बाद आत्महत्या का प्रयास किया। बच्चियों की उम्र16,12 और 10 साल थी। फैमिली मलीर की शम्सी सोसाइटी में रहती थी)

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एसएसपी कोरांगी ने कहा कि हत्याओं के बाद घर को अंदर से बंद कर दिया गया था। इससे जाहिर होता है कि फवाद ने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस ने घटनास्थल से एक चाकू बरामद किया है। क्राइम सीन यूनिट साक्ष्य जुटाने के लिए हत्या स्थल पर पहुंच गई थी। जांचकर्ता पड़ोसियों और आसपास के अन्य निवासियों के बयान भी दर्ज कर रहे हैं।

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एसएसपी कोरंगी के मुताबिक, घटना परिवार का अंदरूनी मामला है। उन्होंने दावा किया कि संदिग्ध ने पहले बेटियों और बाद में पत्नी की हत्या की। पुलिस को शवों और घायल व्यक्ति को निकालने के लिए गेट तोड़कर घर में घुसना पड़ा। फवाद का परिवार पहली मंजिल पर रहता था, जबकि उसका भाई इमारत की दूसरी मंजिल पर रहता है। संदिग्ध फवाद ने पुलिस को दिए अपने शुरुआती बयान में कहा कि वह फाइनेंसियल इश्यू के कारण परेशान था और पत्नी को समझाते-समझाते थक गया था।

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मां-बाप को लड़ते देख बेटियां रोने लगी थीं: फवाद ने पुलिस के बताया-“मेरी बड़ी बेटी लड़ाई के कारण रोने लगी थी। उसने कहा कि हमारे झगड़े उन्हें(बच्चों को) परेशान करते हैं।” जब पति-पत्नी के बीच झगड़ा हो रहा था, तब छोटी दोनों बेटियां सोने की तैयारी कर रही थीं।

फवाद ने पुलिस को आगे बताया कि लंच के बाद उनकी पत्नी ने उनके साथ बदसलूकी की। उसने अपनी बेटियों की हत्या करना कबूल किया। उसने बताया कि जब उसकी पत्नी बाथरूम में थी, तब उसकी बेटियों को मार डाला। फवाद ने कहा-"मैं पैसे के कारण परेशान था। फिर सभी और खुद को मारने का फैसला किया।" 

इन्वेस्टर को भेजी तस्वीरें: अपने बयान के दौरान किसी अनजान इन्वेस्टर जिक्र करते हुए फवाद ने कहा, 'मैंने अपने इन्वेस्टर को तस्वीरें भेजीं और लिखा कि मैंने अपने परिवार को खत्म कर दिया। मैंने निवेशक को लिखा कि अब मैं खुद को मार रहा हूं।" एसएसपी कोरांगी साजिद सदोज़ाई  ने कहा कि उन्हें यकीन है कि फवाद ने ही ये हत्याएं की हैं। एसएसपी ने घर में किसी अन्य के आने और पीड़ितों की हत्या करने की संभावना से इनकार किया, क्योंकि परिवार एक घर के एक छोटे से हिस्से में रहता था, जिसमें दो कमरे थे और पीछे से कोई प्रवेश द्वार नहीं है। सीनियर पुलिस अधिकारी ने लोकल मीडिया को बताया, "घर का निरीक्षण करने और परिस्थितिजन्य साक्ष्य देने के बाद, मुझे यकीन है कि फवाद ने ये हत्याएं की हैं।" उन्होंने कहा, "एक कमरे से हमें तीन शव मिले- महिला और दो बच्चे-और दूसरे कमरे से हमें एक बच्चे का शव मिला।"

एसएसपी सदोजाई ने कहा कि संदिग्ध की मां और भाभी जो उनके नीचे वाले हिस्से में रहती हैं, दरवाजा तोड़कर उनके कमरों में घुस गईं।" फवाद की मां ने भी पुलिस से कहा कि उसे विश्वास है कि फवाद ने ये हत्याएं की हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि मां ने अधिकारियों को बताया कि दंपति के बीच संबंध कभी भी इस हद तक नहीं बिगड़े कि वह अपनी पत्नी की हत्या कर दे, हालांकि वे अक्सर लड़ते थे। एसएसपी सदोजाई ने कहा कि यह संभव है कि पीड़ितों को मारने से पहले नशीला पदार्थ दिया गया हो, क्योंकि घर में खून की मात्रा को देखते हुए उन्हें अपनी जान बचाने चिल्लाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया। हालांकि फवाद की भाभी ने पुलिस को बताया है कि उन्होंने फवाद की पत्नी की एक चीख सुनी थी। पीड़ितों के नशे में होने के बारे में उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद इसकी पुष्टि की जा सकती है।

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फवाद को चार महीने से नहीं मिली तनख्वाह: फवाद की मां ने बताया कि दोहर 1:30 बजे तक सब कुछ ठीक था। लड़कियां स्कूल और कॉलेज भी जाती थीं।" मां ने कहा कि उसने चीखें सुनीं और ऊपर कॉल किया, लेकिन किसी ने नहीं उठाया।

मां ने कहा-“जब मैं ऊपर गई, तो दरवाजा नहीं खुला। जब हमने दरवाजे को जोर से हिलाया, तो वो खुल गया। मैंने अंदर जाकर देखा, तो बच्चियां वहीं पड़ी थीं, जहां आमतौर पर सोती होंगी। दूसरे कमरे में मेरी बहू को कंबल से ढंका हुआ था।”

फवाद की मां ने कहा कि उनके बेटे और बहू ने कभी किसी बात की शिकायत नहीं की। उन्होंने कहा-“आज, मेरी सभी पोतियां मुझसे मिलीं और पढ़ाई के लिए निकल गईं। जब मैं अंदर गई, तो मेरा बेटा फवाद भी घायल पड़ा हुआ था।" उन्होंने कहा, "मेरे बेटे को चार महीने से वेतन नहीं मिला था।"