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मिल गई कोरोना की दवा! 1061 मरीजों को दी गई हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन, 98% मरीज हुए ठीक

First Published Apr 11, 2020, 4:30 PM IST
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पेरिस. कोरोना वायरस के संकट से पूरी दुनिया जूझ रही है। लोगों को कोरोना के दवा की तलाश है। इन सब के बीच तत्काल राहत देने के लिए इलाज के रूप में दो दवाओं की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। इनका नाम हाइड्रोक्सी-क्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन है। इस दवा से ही फ्रांस, चीन, भारत समेत अधिकांश देशों में इलाज हो रहा है और मरीज तेजी से ठीक भी हो रहे हैं। भारत इस दवा का सबसे बड़ा उत्पादक है। जिसकी वजह से अमेरिका, ब्राजील समेत दुनिया के कई देश इस दवा की मांग कर रहे हैं। 

फ्रांस में कोरोना के 1061 मरीजों पर लगातार 3 दिनों तक इन दोनों दवाओं के जरिए इलाज किया गया। नौंवे दिन जब जांच की गई तो 973 मरीज (91.7%) पूरी तरह संक्रमणमुक्त हो गए। नतीजों में यह भी पता चला कि इस इलाज से किसी भी तरह का कार्डियक खतरा नहीं है और इसके सेवन से मरीज 98% तक पूरी तरह ठीक हो गए।

फ्रांस में कोरोना के 1061 मरीजों पर लगातार 3 दिनों तक इन दोनों दवाओं के जरिए इलाज किया गया। नौंवे दिन जब जांच की गई तो 973 मरीज (91.7%) पूरी तरह संक्रमणमुक्त हो गए। नतीजों में यह भी पता चला कि इस इलाज से किसी भी तरह का कार्डियक खतरा नहीं है और इसके सेवन से मरीज 98% तक पूरी तरह ठीक हो गए।

फ्रांस के मार्सिले में आईएचयू मेडिटरीन इंफेक्शन के जाने-माने संक्रमण रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर दिदिएर रोल्ट ने बताया कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन दवा कोरोना के खिलाफ कारगर है या नहीं, इस बात का पता लगाने के लिए हमने स्टडी की।

फ्रांस के मार्सिले में आईएचयू मेडिटरीन इंफेक्शन के जाने-माने संक्रमण रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर दिदिएर रोल्ट ने बताया कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन दवा कोरोना के खिलाफ कारगर है या नहीं, इस बात का पता लगाने के लिए हमने स्टडी की।

रोल्ट ने बताया कि 3 मार्च से 9 अप्रैल 2020 तक 59,655 नमूने की जांच के बाद हमने 38,617 मरीजों की कोविड-19 की जांच की। इसमें से 3165 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए। उन्होंने बताया कि इनमें से 1061 मरीजों का हमने अपने इंस्टीट्यूट में इलाज किया।

रोल्ट ने बताया कि 3 मार्च से 9 अप्रैल 2020 तक 59,655 नमूने की जांच के बाद हमने 38,617 मरीजों की कोविड-19 की जांच की। इसमें से 3165 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए। उन्होंने बताया कि इनमें से 1061 मरीजों का हमने अपने इंस्टीट्यूट में इलाज किया।

सभी मरीजों की औसत उम्र 43.6 वर्ष थी और इनमें 492 पुरुष थे। 10 दिनों तक इसी दवा से हमने इलाज किया तो पाया कि 973 मरीज पूरी तरह ठीक हो गए। किसी भी मरीज में कार्डियक का किसी भी तरह का खतरा नहीं पाया गया।

सभी मरीजों की औसत उम्र 43.6 वर्ष थी और इनमें 492 पुरुष थे। 10 दिनों तक इसी दवा से हमने इलाज किया तो पाया कि 973 मरीज पूरी तरह ठीक हो गए। किसी भी मरीज में कार्डियक का किसी भी तरह का खतरा नहीं पाया गया।

प्रो. रोल्ट ने बताया कि बचे 88 मरीजों में से 47 मरीजों में संक्रमण के लक्षण लंबे समय तक चलते रहे, जबकि 10 मरीजों को आईसीयू में रखना पड़ा। इस दौरान आईसीयू में 5 मरीजों की मौत हो गई। इनकी उम्र 74 से 95 साल के बीच थी। जबकि बचे मरीजों को ठीक होने तक अस्पताल में ही डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

प्रो. रोल्ट ने बताया कि बचे 88 मरीजों में से 47 मरीजों में संक्रमण के लक्षण लंबे समय तक चलते रहे, जबकि 10 मरीजों को आईसीयू में रखना पड़ा। इस दौरान आईसीयू में 5 मरीजों की मौत हो गई। इनकी उम्र 74 से 95 साल के बीच थी। जबकि बचे मरीजों को ठीक होने तक अस्पताल में ही डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

भारत में भी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन-एजिथ्रोमाइसिन के जरिए कोरोना वायरस का इलाज हो रहा है। आईसीएमआर ने 11 करोड़ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और 25 लाख एजिथ्रोमाइसिन टैबलेट कोरोना के इलाज में जुटे डॉक्टर्स और स्वास्थ्य कर्मियों को मुहैया कराई है।

भारत में भी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन-एजिथ्रोमाइसिन के जरिए कोरोना वायरस का इलाज हो रहा है। आईसीएमआर ने 11 करोड़ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और 25 लाख एजिथ्रोमाइसिन टैबलेट कोरोना के इलाज में जुटे डॉक्टर्स और स्वास्थ्य कर्मियों को मुहैया कराई है।

आईसीएमआर ने स्पष्ट किया है कि यह दवा फिलहाल उन्हीं मरीजों को दी जा रही है, जो आईसीयू में हैं या वेंटिलेटर पर हैं। दवा कब और कितनी देनी है, यह निर्णय इलाज में जुटे डॉक्टर्स को लेना है। कोरोना जैसे लक्षण वाले मरीजों को यह दवा नहीं दी जा रही है।

आईसीएमआर ने स्पष्ट किया है कि यह दवा फिलहाल उन्हीं मरीजों को दी जा रही है, जो आईसीयू में हैं या वेंटिलेटर पर हैं। दवा कब और कितनी देनी है, यह निर्णय इलाज में जुटे डॉक्टर्स को लेना है। कोरोना जैसे लक्षण वाले मरीजों को यह दवा नहीं दी जा रही है।

भारत में कोरोना की स्थितिः भारत में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। यहां संक्रमित मरीजों की संख्या 7684 हो गई है। जबकि अब तक 250 लोगों की मौत हो चुकी है। देश के 32 राज्यों में कोरोना का संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1574 तक पहुंच गई है।

भारत में कोरोना की स्थितिः भारत में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। यहां संक्रमित मरीजों की संख्या 7684 हो गई है। जबकि अब तक 250 लोगों की मौत हो चुकी है। देश के 32 राज्यों में कोरोना का संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1574 तक पहुंच गई है।

स्पेन में 24 घंटे में 634 मौतें, 5 हजार नए केसचीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोना वायरस ने दुनिया के हर कोने में तबाही मचाई है। कोई भी देश इससे बच नहीं पाया है। स्पेन में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 1 लाख 58 हजार 273 हो गई है। जबकि अब तक 16 हजार 81 लोगों की मौत हो चुकी है। स्पेन में पिछले 24 घंटे में 5 हजार 51 नए केस सामने आए हैं। वहीं, 634 लोगों ने दम तोड़ दिया है। इससे पहले गुरुवार को यहां 655 लोगों की मौत हुई थी।

स्पेन में 24 घंटे में 634 मौतें, 5 हजार नए केसचीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोना वायरस ने दुनिया के हर कोने में तबाही मचाई है। कोई भी देश इससे बच नहीं पाया है। स्पेन में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 1 लाख 58 हजार 273 हो गई है। जबकि अब तक 16 हजार 81 लोगों की मौत हो चुकी है। स्पेन में पिछले 24 घंटे में 5 हजार 51 नए केस सामने आए हैं। वहीं, 634 लोगों ने दम तोड़ दिया है। इससे पहले गुरुवार को यहां 655 लोगों की मौत हुई थी।

अमेरिका में 24 घंटे में 2 हजार मौतेंः कोरोना के कहर से अमेरिका में भयंकर तबाही के मुहाने पर खड़ा है। एक ओर जहां संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं, मरने वालों का भी ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। यहां 24 घंटे में दो हजार 34 लोगों की मौत हुई है। जबकि 33752 नए केस सामने आए हैं। जिसके बाद अमेरिका में संक्रमण का आंकड़ा 5 लाख 2 हजार 876 हो गई है। वहीं, मरने वालों की संख्या 18 हजार 747 हो गई है।

अमेरिका में 24 घंटे में 2 हजार मौतेंः कोरोना के कहर से अमेरिका में भयंकर तबाही के मुहाने पर खड़ा है। एक ओर जहां संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं, मरने वालों का भी ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। यहां 24 घंटे में दो हजार 34 लोगों की मौत हुई है। जबकि 33752 नए केस सामने आए हैं। जिसके बाद अमेरिका में संक्रमण का आंकड़ा 5 लाख 2 हजार 876 हो गई है। वहीं, मरने वालों की संख्या 18 हजार 747 हो गई है।

इटली में 24 घंटे में 570 मरीजों की मौतः चीन के बाद कोरोना वायरस ने इटली में तेजी से पांव पसारे हैं। यहां 24 घंटे में 570 लोगों की मौत हुई है, जबकि संक्रमण के करीब चार हजार मामले सामने आए हैं। यहां अब तक कोरोना के एक लाख 47 हजार मरीज मिल चुके हैं। इससे पहले यहां 9 मार्च से 3 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाया गया था, जिसे 13 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया।

इटली में 24 घंटे में 570 मरीजों की मौतः चीन के बाद कोरोना वायरस ने इटली में तेजी से पांव पसारे हैं। यहां 24 घंटे में 570 लोगों की मौत हुई है, जबकि संक्रमण के करीब चार हजार मामले सामने आए हैं। यहां अब तक कोरोना के एक लाख 47 हजार मरीज मिल चुके हैं। इससे पहले यहां 9 मार्च से 3 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाया गया था, जिसे 13 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया।

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