पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल 55 PKR/लीटर महंगा हो गया है। नई कीमतें पेट्रोल 321.17 PKR और डीजल 335.86 PKR हैं। यह वृद्धि अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेजी और IMF की शर्तों के कारण हुई है। अब कीमतें साप्ताहिक रूप से बदलेंगी।

इस्लामाबाद: पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान पर महंगाई का एक और बड़ा बम फूटा है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक झटके में 55 पाकिस्तानी रुपये (PKR) प्रति लीटर की ज़बरदस्त बढ़ोतरी कर दी है। यह फैसला पाकिस्तान की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था के लिए किसी कच्चे बम जैसा है। इस बड़े इजाफे के बाद, पाकिस्तान में पेट्रोल की नई कीमत 321.17 PKR प्रति लीटर और डीजल की कीमत 335.86 PKR प्रति लीटर हो जाएगी।

ARY न्यूज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी की वजह से सरकार को देश में ईंधन के दाम बढ़ाने पड़े हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण तेल बाज़ारों में उथल-पुथल मची हुई है और सप्लाई बाधित होने का डर बना हुआ है। इसी बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच इस्लामाबाद ने यह कदम उठाया है।

कीमतें क्यों बढ़ीं?

पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के मुताबिक, इस मूल्य वृद्धि के दो मुख्य कारण हैं। पहला, 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के कथित संयुक्त हमले के बाद मध्य पूर्व में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या और ईरान की जवाबी कार्रवाई की खबरों ने वैश्विक तेल बाज़ार की सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। दूसरा बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कड़ी शर्तें हैं। कर्ज के जाल में फंसे पाकिस्तान को लोन देने के लिए IMF ने ईंधन पर दी जाने वाली सब्सिडी खत्म करने और बाज़ार दर के अनुसार कीमतें तय करने का निर्देश दिया है।

अब हर हफ्ते बदलेंगे दाम!

पाकिस्तान सरकार ने फैसला किया है कि अब से वैश्विक तेल बाज़ार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए हर हफ्ते ईंधन की कीमतों की समीक्षा की जाएगी। इस फैसले से आम लोगों पर महंगाई का बोझ और बढ़ने की आशंका है।

पेट्रोल पंपों पर किलोमीटर लंबी लाइनें!

कीमतें बढ़ने की आधिकारिक घोषणा होते ही लाहौर और कराची जैसे बड़े शहरों में लोग पेट्रोल पंपों पर टूट पड़े। गाड़ियों की किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बनावटी कमी पैदा करने वाले डीलरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। एक तरफ जहां पोलैंड जैसे देश हथियार खरीदने के लिए सोना बेच रहे हैं, वहीं पाकिस्तान ईंधन के लिए संघर्ष कर रहा है। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का खतरा सच साबित हुआ, तो सऊदी अरब और UAE से आने वाली तेल सप्लाई ठप हो जाएगी, जिससे पाकिस्तान की हालत और भी खराब हो सकती है।