Russia Ukraine War:बच्चों को मरता देखकर फटा जा रहा मांओं का कलेजा; अब कोई महफूज नहीं
वर्ल्ड न्यूज डेस्क. रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध (Russia Ukraine War) अब मासूमों की भी जान लेने लगा है। अपनी आंखों के सामने मिसाइलों के हमले से बच्चों के चीथड़े उड़ते देखकर मांओं का कलेजा फटा जा रहा है। युद्ध का 3 मार्च को 8वां दिन है। इस भीषण युद्ध में अब तक 2000 से अधिक लोगों की मौत की खबर है। रूस के हमले में तहखाने में छुपे लोग भी अब नहीं बच पा रहे हैं। ऐसे ही एक धमाके में कई मासूमों की जान चली गई। हालांकि विस्फोट के दौरान तहखाने में आश्रय लिए हुए 6 बच्चों सहित 12 लोगों को बचाया लिया गया। देखें कुछ तस्वीरें...

रूसी सैनिकों द्वारा यूक्रेन के शहरों में गोलाबारी, स्कूलों, किंडरगार्टन और नर्सरी को निशाना बनाने के साथ हजारों लोग यूक्रेन की पश्चिमी सीमाओं की ओर भाग रहे हैं। यूक्रेन के पश्चिमी पड़ोसियों- पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया, रोमानिया और मोल्दोवा के बॉर्डर पर हजारों यूक्रेनी मदद की उम्मीद में खड़े हैं।
यूक्रेन के ओखतिर्का और खार्किव में रूसी हमले की वजह से भारी नुकसान की खबर है। यूक्रेन का दावा है कि खार्किव में तीन स्कूल और एक चर्च हमले में तबाह हो गए हैं। दर्जनों रिहायशी इमारतें रूसी हमले में नष्ट हो गई हैं।
बता दें कि बता दें कि 24 फरवरी को भारतीय समयानुसार सुबह 8.30 बजे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन(Russian President Vladimir Putin) ने यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई का ऐलान किया था। इसके बाद रूस की सेना ने यूक्रेन पर हवाई हमले शुरू कर दिए।
रूसी सेना यूक्रेन की राजधानी कीव को चारों तरफ से घेर लिया है। रूसी सेना न्यूक्लियर पावर प्लांट की ओर बढ़ रही है। इस बीच यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के पास धमाके सुनाई पड़े।
संयुक्त राष्ट्र(UN) की यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र मानवधिकार निगरानी मिशन के अनुसार 1 मार्च की आधी रात तक उसने यूक्रेन में रूसी आक्रमण की शुरुआत के बाद से 752 नागरिक हताहतों की संख्या दर्ज की है। हालांकि मीडिया यह संख्या 2000 से अधिक बता रहे हैं। शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) के अनुसार, 24 फरवरी को रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण की शुरुआत के बाद से 836,000 से अधिक लोग यूक्रेन छोड़ चुके हैं। फोटो क्रेडिट- (कोस्त्यंतिन चेर्निच्किन)
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