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दुनिया में अगर कहीं नरक है, तो ये है, जानिए फिर क्यों चर्चाओं में है अमेरिका की एक खौफनाक जेल

First Published Feb 16, 2021, 11:31 AM IST
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दुनिया में अगर कहीं 'नरक' है, तो वो अब भी अमेरिका में है! यह कोई कहानी नहीं, बल्कि बात दुनिया की सबसे रहस्यमयी और खतरनाक जेल ग्वांतनामो की हो रही है। यह जेल दुनियाभर में चर्चाओं का केंद्र रही है। यहां कैदियों को जिस अमानवीय तरीके से टॉर्चर किया जाता रहा है, वो रूह कंपाता है। यह जेल अब फिर से मीडिया की प्रमुख खबरों में शामिल है। रॉयटर्स एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्र्रपति जो बाइडेन इस 'नरक' पर ताला डालने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इससे पहले सरकार रिव्यू करेगी। इसके बाद कुछ महीनों में यह जेल बंद की जा सकती है। बाइडेन ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी इस जेल को बंद करने की बात कही थी। मानवाधिकार कार्यकर्ता इसे अमेरिका के माथे पर एक कलंक मानते हैं। माना जा रहा है कि इस जेल में अभी पाकिस्तान और अफगानिस्तान के कई आतंकी सहित करीब 40 खूंखार अपराधी कैद हैं। न्यूयॉर्क के 9/11(11 सितंबर, 2001) आतंकी हमले के बाद ग्वांतनामो बे जेल को खोला गया था। यह जेल यातना का खतरनाक सेंटर बनकर सामने आई। इसके कैदियों की पहचान है नारंगी पोशाक। जानते हैं क्या है यह नरक..

20 जनवरी, 2002 को कैरेबियाई देश क्यूबा के ग्वांतनामो में यह जेल खोली गई थी। क्यूबा में यूएस नेवल बेस पर मौजूद ये सैन्य जेल दुनिया की सबसे महंगी और सबसे खतरनाक जेल मानी जाती है। यहां ऐसे कैदियों को लाकर रखा जाता है, जिन पर जेनेवा सम्मेलन के नियम या अमेरिकी कानून लागू नहीं होता। इस जेल में अलग-अलग देशों के अब भी कई कैदी बंद हैं। 2002 में इस जेल से छूटे अफगानिस्तान के तीन कैदियों ने जेल की खौफनाक सच्चाई बताई थी। 


(यह तस्वीर 12 फरवरी, 2021 को रिलीज हुई लीगल ड्रामा फिल्म-The Mauritanian के एक दृश्य से ली गई है। यह फिल्म इसी जेल पर बनी है)

20 जनवरी, 2002 को कैरेबियाई देश क्यूबा के ग्वांतनामो में यह जेल खोली गई थी। क्यूबा में यूएस नेवल बेस पर मौजूद ये सैन्य जेल दुनिया की सबसे महंगी और सबसे खतरनाक जेल मानी जाती है। यहां ऐसे कैदियों को लाकर रखा जाता है, जिन पर जेनेवा सम्मेलन के नियम या अमेरिकी कानून लागू नहीं होता। इस जेल में अलग-अलग देशों के अब भी कई कैदी बंद हैं। 2002 में इस जेल से छूटे अफगानिस्तान के तीन कैदियों ने जेल की खौफनाक सच्चाई बताई थी। 


(यह तस्वीर 12 फरवरी, 2021 को रिलीज हुई लीगल ड्रामा फिल्म-The Mauritanian के एक दृश्य से ली गई है। यह फिल्म इसी जेल पर बनी है)

ग्वांतनामो बे जेल (Guantanamo Bay detention camp) को क्यूबा की जिस जमीन पर खोला गया, उसे अमेरिका ने 1930 में लीज पर लिया था। ग्वांतनामो बे जेल में तब 779 कैदियों को पिंजरेनुमा बाड़ों में बंद करके रखा गया था। राष्ट्रपति बनने के बाद बराक ओबामा ने इस जेल को बंद कराने की कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे।

ग्वांतनामो बे जेल (Guantanamo Bay detention camp) को क्यूबा की जिस जमीन पर खोला गया, उसे अमेरिका ने 1930 में लीज पर लिया था। ग्वांतनामो बे जेल में तब 779 कैदियों को पिंजरेनुमा बाड़ों में बंद करके रखा गया था। राष्ट्रपति बनने के बाद बराक ओबामा ने इस जेल को बंद कराने की कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे।

इस जेल की ज्यादातर सूचनाएं बाहर नहीं आ पातीं। कहते हैं कि जेल में बंद हर कैदी पर सरकार सालाना 5 करोड़ रुपए खर्च करती है। इसी जेल में 9/11 की साजिश रचने वाले पाकिस्तानी आतंकवादी खालिद शेख मुहम्मद को भी रखा गया था। उसकी तरह अन्य आतंकवादियों को भी अमेरिका ने यही लाकर रखा था।

(Getty Images)

इस जेल की ज्यादातर सूचनाएं बाहर नहीं आ पातीं। कहते हैं कि जेल में बंद हर कैदी पर सरकार सालाना 5 करोड़ रुपए खर्च करती है। इसी जेल में 9/11 की साजिश रचने वाले पाकिस्तानी आतंकवादी खालिद शेख मुहम्मद को भी रखा गया था। उसकी तरह अन्य आतंकवादियों को भी अमेरिका ने यही लाकर रखा था।

(Getty Images)

2002 से पहले ग्वांतनामो बे जेल में कैदियों के साथ क्या होता रहा है, किसी को मालूम नहीं था। लेकिन एक कैदी ने छूटने के बाद खुलासा किया था कि यहां उसे बेड़ियों में जकड़कर रखा जाता था। कैदियों को पिंजरेनुमा बाड़ों में बंद किया जाता था। 2002 में जेल की कुछ तस्वीरें वायरल हुई थीं।
 

2002 से पहले ग्वांतनामो बे जेल में कैदियों के साथ क्या होता रहा है, किसी को मालूम नहीं था। लेकिन एक कैदी ने छूटने के बाद खुलासा किया था कि यहां उसे बेड़ियों में जकड़कर रखा जाता था। कैदियों को पिंजरेनुमा बाड़ों में बंद किया जाता था। 2002 में जेल की कुछ तस्वीरें वायरल हुई थीं।
 

जब बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति थे, तब उन्होंने  ग्वांतनामो बे जेल को दुनिया की सबसे महंगी जेल बताया था। इस जेल को खोलने के पीछे अमेरिका का सिर्फ एक मकसद था कि कोई भी चरमपंथी अमेरिका पर आंख न उठाए।

जब बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति थे, तब उन्होंने  ग्वांतनामो बे जेल को दुनिया की सबसे महंगी जेल बताया था। इस जेल को खोलने के पीछे अमेरिका का सिर्फ एक मकसद था कि कोई भी चरमपंथी अमेरिका पर आंख न उठाए।

ग्वांतनामो बे जेल में कैदियों को सिर्फ शारीरिक टॉर्चर नहीं किया जाता था, बल्कि उन्हें मानसिक यातनाएं भी दी जाती थीं। लेकिन इसकी ज्यादातर बातें कभी बाहर नहीं आ सकीं। अब इसे बंद करने की कवायद चल रही है, तो ये फिर से चर्चाओं में है।

ग्वांतनामो बे जेल में कैदियों को सिर्फ शारीरिक टॉर्चर नहीं किया जाता था, बल्कि उन्हें मानसिक यातनाएं भी दी जाती थीं। लेकिन इसकी ज्यादातर बातें कभी बाहर नहीं आ सकीं। अब इसे बंद करने की कवायद चल रही है, तो ये फिर से चर्चाओं में है।

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