MalayalamNewsableKannadaKannadaPrabhaTeluguTamilBanglaHindiMarathiMyNation
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • ताज़ा खबर
  • न्यूज
  • वेब स्टोरी
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • बिज़नेस
  • सरकारी योजनाएं
  • खेल
  • धर्म
  • ज्योतिष
  • फोटो
  • Home
  • World News
  • घर में रहने के बजाय पार्टियां कर रहे स्वीडन के बेफिक्र लोग, पीएम ने कहा- हजारों मौतों के लिए तैयार रहें

घर में रहने के बजाय पार्टियां कर रहे स्वीडन के बेफिक्र लोग, पीएम ने कहा- हजारों मौतों के लिए तैयार रहें

स्टॉकहोल्म. दुनिया के 199 देश कोरोना वायरस की चपेट में हैं। अब तक करीब 69 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। यूरोप इस महामारी से बुरी तरह से प्रभावित है। यूरोप के इटली, स्पेन, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस हर तरफ हाहाकार मचा है। कोरोना को फैलने से रोकने के लिए दुनियाभर के तमाम देशों में लॉकडाउन किया गया है। लेकिन यूरोप में एक ऐसा भी देश है, जहां लोग अभी भी कोरोना को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यहां ना सरकार ने लॉकडाउन का कोई ऐलान किया है। यहां तमाम केस सामने आने के बावजूद लोग पार्टियां कर रहे हैं। पार्कों में भी 500-500 लोग इकट्ठा हो रहे हैं।

4 Min read
Author : Asianet News Hindi
| Updated : Apr 14 2020, 06:18 PM IST
Share this Photo Gallery
  • FB
  • TW
  • Linkdin
  • Whatsapp
  • GNFollow Us
117

हम बात कर रहे हैं, यूरोप के देश स्वीडन की है। यहां लोग अभी भी पार्टी करते और इकट्ठा होते नजर आ रहे हैं। अब स्वीडन के प्रधानमंत्री स्टीफन लफ्वेन ने लोगों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, अगर स्वीडन के लोग अपना रवैया नहीं सुधारते और कोरोना वायरस को गंभीरता से नहीं लेते तो हजारों मौतों के लिए तैयार रहें। इसके बावजूद हालात जैसे के तैसे हैं।

217
स्वीडन के सिर्फ लोग ही नहीं, सरकार भी कोरोना के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रही है। प्रधानमंत्री का यह बयान तब 2300 डॉक्टर और शैक्षणिक विद्वानों ने सरकार पर कोरोना को गंभीरता से ना लेने और कोई ठोस कदम ना उठाने का आरोप लगाया।
317

अब प्रधानमंत्री ने लोगों से हजारों मौतों के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। जहां यूरोप के लगभग सभी देशों में लॉकडाउन है और लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं, वही, स्वीडन में लोग अभी भी सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। यहां लोगों की भीड़ आसानी से देखने को मिल रही है।

417
यहां बार, स्कूल और दफ्तर सभी खुले हुए हैं। 500-500 लोग एक जगह पर जुट रहे हैं। यहां सिर्फ जिम्मेदार लोगों ने ही खुद को घर पर आइसोलेशन में रखा है। पिछेल हफ्ते 2000 से ज्यादा डॉक्टर और विद्वानों ने खुला खत लिखकर सरकार को आगाह किया था और कड़े कदम उठाने को कहा।
517
ऐसा नहीं है कि स्वीडन में अभी तक कोरोना का कोई मामला सामने नहीं आया हो। यहां अब तक 6830 केस सामने आए हैं। वहीं, 401 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, स्वीडन की तुलना में कई ऐसे देश हैं, जहां इससे कम मामले सामने आए हैं, फिर भी वहां लॉकडाउन जैसे कड़े कदम उठाए गए हैं।
617
स्वीडन की राजधानी में स्टॉकहोल्म में कोरोना संक्रमण के 50 मामले सामने आने के बाद यहां भी लॉकडाउन करने की मांग उठ रही है।
717
हालांकि, स्वीडन में अन्य यूरोपी देश इटली और स्पेन की तरह संक्रमण नहीं फैला है। लेकिन इसमें कभी भी वृद्धि हो सकती है।
817
हालांकि, सरकार ने हाल ही में कहा है कि लोग जितना हो सके, घर से काम करें और जिनकी उम्र 70 साल से ऊपर है, वे घर पर रहें। हालांकि, अभी तक यहां लॉकडाउन जैसा कोई कदम नहीं उठाया गया है।
917
स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोल्म में अभी भी लोग खुले तौर पर रेस्टोरेंट में पार्टी करते नजर आ रहे हैं। जबकि स्वीडन के लगभग सभी पड़ोसी देशों में लॉकडाउन लगा हुआ है।
1017
स्वीडन की सोशल डेमोक्रेटिक नेतृत्व वाले गठबंधन की सरकार ने सिर्फ अभी तक यूनिवर्सिटियों और कॉलेजों को बंद किया है और रेस्तरां और बारों में आदेश दिया है कि वे लोगों की टेबल पर जाकर ही सर्व करें।
1117
इसके अलावा यहां पब्लिक गैदरिंग पर रोक है। लेकिन 50 या उससे ज्यादा लोगों पर। यह यूरोप के अन्य देशों की तुलना में काफी हल्का है। ब्रिटेन में 2 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है।
1217
वहीं, स्वीडन में 16 साल से कम उम्र के बच्चे अभी भी स्कूल जा रहे हैं। यहां रेस्टोरेंट और बार में अभी भी भीड़ देखी जा सकती है। लोग पार्टी करते हुए नजर आ रहे हैं।
1317
हालांकि, स्वीडन में अन्य देशों की तुलना में कोरोना वायरस देर में पहुंचा। यहां पहली मौत 11 मार्च को हुई। उस वक्त ब्रिटेन में कोरोना वायरस से 8 जबकि, इटली में 800 लोगों की मौत हो चुकी थी।
1417
स्वीडन के सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, यहां कोरोना से हर एक मिलियन लोगों पर 14 की मौत हुई है। वहीं, इटली में यह 192 और स्पेन में यह 157 है।
1517
हालांकि, जानकारों की मानें तो यह आंकड़े भ्रमित करने वाले हैं। दरअसल, यह कमी इसलिए है क्योंकि कोरोना का संक्रमण स्वीडन में देर से शुरू हुआ।
1617
वहीं, स्वीडन के पड़ोसी डेनमार्क, फिनलैंड और नॉर्वे की बात करें को यहां अभी तक काफी कम मौतें हुई हैं। फिर भी इन देशों की सरकार ने कड़े प्रतिबंध लगाते हुए लॉकडाउन कर रखा है।
1717
स्वीडन में सिर्फ सरकार ही नहीं, लोग भी काफी लापरवाह नजर आ रहे हैं। यहां शनिवार को पार्कों, बार और रेस्टोरेंट में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जबकि स्वीडन के पड़ोसी देशों में लगातर मौतों के आंकड़े बढ़ रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

About the Author

AN
Asianet News Hindi
एशियानेट न्यूज़ हिंदी डेस्क भारतीय पत्रकारिता का एक विश्वसनीय नाम है, जो समय पर, सटीक और प्रभावशाली खबरें प्रदान करता है। हमारी टीम क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर गहरी पकड़ के साथ हर विषय पर प्रामाणिक जानकारी देने के लिए समर्पित है।

Latest Videos
Recommended Stories
Recommended image1
क्या भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा? म्यूनिख कॉन्फ्रेंस से एस. जयशंकर का चौंकाने वाला जवाब
Recommended image2
पाकिस्तानी विद्वान का इंटरव्यू वायरल, कहा- मेरे सिर्फ 19 बच्चे, सबसे छोटा अभी-अभी आया है...
Recommended image3
PM मोदी को तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह का न्योता-क्या ढाका जाएंगे भारतीय प्रधानमंत्री?
Recommended image4
Bangladesh: क्या तारिक रहमान के शपथ समारोह में जाएंगे PM मोदी? न्योता देने की तैयारी
Recommended image5
‘हमें अपने हिंदू राजा वापस चाहिए’-नेपाल में चुनाव से पहले क्यों गूंज रहा है राजशाही का नारा?
NEWS
Hindi NewsLatest News in HindiWorld News in HindiBreaking News in HindiTechnology News in HindiAuto News in HindiToday News in HindiNational News in Hindi
SPORTS
Sports News in HindiCricket News in Hindi
ENTERTAINMENT
Bollywood News in HindiEntertainment News in HindiTV News in HindiSouth Cinema NewsBhojpuri News
BUSINESS
Business News in HindiMoney News in Hindi
CAREER
Sarkari NaukriSarkari YojanaCareer News in Hindi
ASTROLOGY
Aaj Ka RashifalRashifal in HindiTarot Card ReadingNumerology in HindiReligion News in Hindi
STATES
Rajasthan News in HindiUP News in HindiUttarakhand News in HindiDelhi News in HindiMaharashtra News in HindiPunjab News in HindiMP News in HindiBihar News in HindiJharkhand News in HindiHaryana News in HindiChhattisgarh News in Hindi
Asianet
Follow us on
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • Download on Android
  • Download on IOS
  • About Website
  • Terms of Use
  • Privacy Policy
  • CSAM Policy
  • Complaint Redressal - Website
  • Compliance Report Digital
  • Investors
© Copyright 2026 Asianxt Digital Technologies Private Limited (Formerly known as Asianet News Media & Entertainment Private Limited) | All Rights Reserved