ईरान ने वादे के बावजूद खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों में दुबई में 1 की मौत हुई और बहरीन, सऊदी अरब व कुवैत में नुकसान हुआ। खाड़ी देशों ने जवाबी कार्रवाई की, वहीं इज़रायल-अमेरिका ने भी ईरान पर हमले तेज कर दिए।

नई दिल्ली: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान का वो वादा खोखला निकला, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर खाड़ी देशों से ईरान पर हमला नहीं हुआ तो वो उन पर हमला नहीं करेंगे। ईरान ने रात भर खाड़ी देशों पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले जारी रखे। दुबई में एक गाड़ी पर ड्रोन का मलबा गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। बहरीन के मनामा में कई घरों और इमारतों में आग लग गई। वहीं, सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर एक बार फिर हमला हुआ।

UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "UAE को कमज़ोर देश समझने की भूल न करें। हम कोई आसान शिकार नहीं हैं, UAE एक मज़बूत देश है।" सऊदी अरब ने बताया कि उसने अपनी हवाई सीमा में घुसे आठ ड्रोनों को मार गिराया। कुवैत और कतर ने भी साफ किया कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर ज़रूरी कदम उठाएंगे। दूसरी तरफ, ईरान पर इज़रायल और अमेरिका के साझा हमले भी पिछली रात तेज हो गए। इज़रायल का दावा है कि उसने इस्फ़हान प्रांत में दो एयरबेस और ईरानी सेना के कई फ्यूल डिपो तबाह कर दिए हैं।

बहरीन में पहला हमला वहां के बड़े कमर्शियल सेंटर, सलमान पोर्ट पर हुआ। इसके बाद राजधानी मनामा के रिहायशी इलाकों और कुछ अपार्टमेंट्स पर भी हमले हुए। कतर का दावा है कि उसकी तरफ आ रही छह बैलिस्टिक मिसाइलों और दो क्रूज़ मिसाइलों को डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। सऊदी अरब में सेना ने आठ ड्रोन मार गिराए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी में ये हमला रियाद के हाई-सिक्योरिटी ज़ोन 'डिप्लोमैटिक क्वार्टर' को निशाना बनाकर किया गया था। कुवैत भी इन हमलों से अछूता नहीं रहा। वहां देश की एक अहम सरकारी इमारत, सोशल इंश्योरेंस हेडक्वार्टर पर हमला हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इन जगहों पर बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।