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अमेरिका के बाद अब इस देश में हिंसा, 2016 में हुई अश्वेत की मौत के विरोध में सड़कों पर उतरे हजारों लोग

First Published Jun 4, 2020, 3:22 PM IST
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पेरिस। पुलिस हिरासत में अश्वेत अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका में लगातार हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। यहां हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। ऐसा ही एक मामला फ्रांस में भी उठा है। जिसकी वजह से 20 हजार लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने लगे। प्रोटेस्ट के दौरान यहां भी लोग आपा खो बैठे और हिंसा शुरू कर दी। पुलिस ने भीड़ को शांत कराने के लिए आंसू गैस छोड़ी। दरअसल 2016 में फ्रेंच पुलिस की कस्टडी में भी एक अश्वेत युवक की मौत हो गई थी। जिसके न्याय की मांग को लेकर लोग सड़कों पर उतरे हैं। फ्रांस के 24 साल के एडम ट्राउरे को भी तीन पुलिस अधिकारियों ने घुटनों से दबा रखा था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। हालांकि, पुलिस ने यह सफाई दी थी कि एडम की मौत हर्ट अटैक की वजह से हुई थी। वहीं लोगों का कहना है कि पुलिस ने दो मेडिकल रिपोर्ट बनावाई हैं, एडम की मौत दम घुटने से हुई थी।

आई कांन्ट ब्रीद के लगाए नारे
जॉर्ज फ्लॉयड ने मरने से पहले कहा था कि आई कान्ट ब्रीथ, मैं सांस नहीं ले सकता। इन्हीं शब्दों के नारे फ्रांस में भी लगाए जा रहे हैं। पुलिस ने भीड़ को अलग करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। 20 हजार से ज्यादा लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने उतरे। कई जगह आग और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। जहां एक तरफ कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के आदेश जारी हो रहे हैं, वहीं लोग इस तरह के प्रोटेस्ट में इकट्ठे हो रहे हैं।

आई कांन्ट ब्रीद के लगाए नारे
जॉर्ज फ्लॉयड ने मरने से पहले कहा था कि आई कान्ट ब्रीथ, मैं सांस नहीं ले सकता। इन्हीं शब्दों के नारे फ्रांस में भी लगाए जा रहे हैं। पुलिस ने भीड़ को अलग करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। 20 हजार से ज्यादा लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने उतरे। कई जगह आग और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। जहां एक तरफ कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के आदेश जारी हो रहे हैं, वहीं लोग इस तरह के प्रोटेस्ट में इकट्ठे हो रहे हैं।

प्रोटेस्ट कर रहे लोगों ने कुछ सामानों की तोड़फोड़ कर उनमें आग लगा दी। इसके बाद वे आग के सामने घुटनों के बल बैठकर नारे लगाते रहे। प्रोट्स्ट कर रहे लोगों को हटाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। लोग नस्लभेद को लेकर पुलिस से नाराज हैं और विरोध प्ररदर्शन कर रहे हैं।

प्रोटेस्ट कर रहे लोगों ने कुछ सामानों की तोड़फोड़ कर उनमें आग लगा दी। इसके बाद वे आग के सामने घुटनों के बल बैठकर नारे लगाते रहे। प्रोट्स्ट कर रहे लोगों को हटाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। लोग नस्लभेद को लेकर पुलिस से नाराज हैं और विरोध प्ररदर्शन कर रहे हैं।

प्रोटेस्ट कर रहे लोगों ने कुछ जगह हिंसा भी की। लोग यहां जमकर तोड़फोड़ करते नजर आए।

प्रोटेस्ट कर रहे लोगों ने कुछ जगह हिंसा भी की। लोग यहां जमकर तोड़फोड़ करते नजर आए।

दंगे भड़कने से पहले हजारों लोग प्रोटेस्ट करने के लिए कोर्ट हाउस के बाहर जमा हुए थे।

दंगे भड़कने से पहले हजारों लोग प्रोटेस्ट करने के लिए कोर्ट हाउस के बाहर जमा हुए थे।

आगजनी की घटनाओं के बाद पुलिस को कई जगह बेरिकेट्स लगाने पड़े। भीड़ ने सड़कों पर ट्रेफिक भी जाम कर रखा था।

आगजनी की घटनाओं के बाद पुलिस को कई जगह बेरिकेट्स लगाने पड़े। भीड़ ने सड़कों पर ट्रेफिक भी जाम कर रखा था।

पुलिस ने जैसे ही आंसू गैस के गोले भीड़ के ऊपर फेंके तो लोग भागते नजर आए।

पुलिस ने जैसे ही आंसू गैस के गोले भीड़ के ऊपर फेंके तो लोग भागते नजर आए।

पुलिस ने सड़कों पर लोगों के आने-जाने के कुछ रास्ते बंद कर दिए। कई रास्तों पर बैरिकेट्स लगा दिए गए हैं। पुलिस के मुताबिक इन तरीकों से भीड़ पर काबू पाया जा सकता है।

पुलिस ने सड़कों पर लोगों के आने-जाने के कुछ रास्ते बंद कर दिए। कई रास्तों पर बैरिकेट्स लगा दिए गए हैं। पुलिस के मुताबिक इन तरीकों से भीड़ पर काबू पाया जा सकता है।

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