Why do I Feel Sleepy after Eating: खाना खाने के बाद अचानक नींद क्यों आने लगती है? जानिए शरीर में पाचन के दौरान होने वाले ऐसे बदलाव, जो आपको ऑफिस में भी सुस्त कर सकते हैं।
Digestion and Sleepiness: दोपहर का खाना खाने के बाद अक्सर आंखें भारी होने लगती हैं? ऑफिस में कंप्यूटर के सामने बैठे-बैठे नींद आने लगती है या घर पर खाना खाने के बाद बस थोड़ी देर लेटने का मन करता है। इसे आमतौर पर खाने के बाद आने वाली नींद या Postprandial Sleepiness कहते हैं। यह अक्सर किसी बीमारी का साइन नहीं होती। खाना खाने के बाद बॉडी में पाचन, हार्मोन और माइंड की एक्टिवनेस में कई बदलाव होते हैं, जिनकी वजह से कुछ लोगों को सुस्ती महसूस होती है।
खाना खाने के बाद बॉडी में क्या होता है?
जैसे ही हम खाना खाते हैं, बॉडी का डाइनजेशन तंत्र एक्टिव हो जाता है। पेट और आंतें भोजन को तोड़ने और उससे पोषक तत्व निकालने का काम स्टार्ट करती हैं। इसी दौरान बॉडी में कई हार्मोन और सिग्नल एक्टिव होते हैं, जो भूख कम करने और पेट भरा हुआ महसूस कराने में हेल्प करते हैं। यही बदलाव कुछ लोगों में आराम और नींद जैसा एहसास पैदा करता है। इसे ऐसे समझें - आपने एक भारी लंच किया, पेट भर गया और उसके बाद बॉडी को आराम की जरूरत महसूस होने लगी। इसलिए ऑफिस में लंच के बाद आने वाली सुस्ती सिर्फ आपकी कल्पना नहीं है।
दोपहर में नींद और खाना, दोनों का असर एक साथ
खाने के बाद नींद आने की एक वजह सिर्फ खाना नहीं है। हमारे बॉडी की अपनी Body Clock यानी Circadian Rhythm भी होती है। दिन में एक समय ऐसा आता है जब जागने की क्षमता स्वाभाविक रूप से थोड़ी कम हो सकती है। यही कारण है कि दोपहर के भोजन के बाद अगर आप पहले से कम सोए हैं, लगातार काम कर रहे हैं या सुबह से थके हुए हैं, तो नींद और ज्यादा महसूस होती है। नींद और भोजन दोनों बॉडी की एनर्जी और जागने-सोने की व्यवस्था से जुड़े हुए हैं।
क्या ज्यादा खाना खाने से नींद ज्यादा आती है?
कई लोगों में हां, खासकर जब खाना बहुत भारी हो। बड़ी मात्रा में भोजन करने के बाद पेट ज्यादा भरा हुआ महसूस होता है और पाचन तंत्र काफी एक्टिव हो जाता है। लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि हर बार ज्यादा कैलोरी खाने से नींद आ ही आएगी।
क्या चावल खाने से ज्यादा नींद आती है?
अक्सर लोग कहते हैं - चावल या ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाने से नींद आती है। यह बात कुछ हद तक सही है लेकिन मामला इतना सीधा नहीं है। कुछ अध्ययनों में ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन के बाद subjective sleepiness यानी खुद को ज्यादा नींद महसूस होने की बात सामने आई है। वहीं दूसरे रिसर्च में भोजन के अलग-अलग घटकों (Components) के बीच बहुत स्पष्ट अंतर नहीं मिला। इसलिए यह कहना कि “चावल खाते ही नींद आती है” सबपर लागू नहीं होता।
फैट वाला भारी खाना भी सुस्ती बढ़ा सकता है
पूरी तरह तला-भुना या बहुत ज्यादा फैट वाला खाना खाने के बाद भी कुछ लोगों को ज्यादा सुस्ती महसूस हो सकती है। हाई-फैट भोजन के बाद 2-3 घंटे में लोगों ने ज्यादा नींद और थकान महसूस की थी। रिसर्चर ने इसे पाचन से जुड़े हार्मोन CCK (Cholecystokinin) में बदलाव से भी जोड़ा। उदाहरण के लिए, अगर कोई शक्स बहुत ज्यादा पूड़ी-सब्जी, तला भोजन, मिठाई और दूसरी भारी चीजें एक साथ खाता है, तो खाने के बाद सुस्ती महसूस हो सकता है।
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“Turkey खाने से नींद आती है” क्या सच है?
विदेशों में एक लोकप्रिय धारणा है- टर्की खाने से नींद आती है क्योंकि उसमें Tryptophan नाम का अमीनो एसिड होता है। लेकिन सिर्फ टर्की को नींद का कारण मानना सही नहीं है। Harvard Health के अनुसार- सामान्य मात्रा में टर्की में मौजूद ट्रिप्टोफैन इतना नहीं होता कि अकेले उससे “नींद का हमला” हो जाए। बड़े और भारी भोजन के बाद आने वाली सुस्ती ज्यादा महत्वपूर्ण वजह हो सकती है।
खाना खाने के बाद नींद कम कैसे करें?
अगर खाना खाने के बाद रोज बहुत ज्यादा सुस्ती आती है, तो लाइफ स्टाइल में कुछ बदलाव कर सकते हैं...
- पहला, बहुत ज्यादा भारी भोजन एक साथ खाने से बचें।
- दूसरा, खाने में सब्जियां, दाल, साबुत अनाज और प्रोटीन जैसे संतुलित ऑप्शन पर जाएं।
- तीसरा, बहुत ज्यादा रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और मीठे भोजन को सीमित करें। कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ तेजी से बढ़ने वाली शुगर के बाद आने वाली ऊर्जा की गिरावट को कम करने में मदद कर सकते हैं।
- चौथा, खाना खाने के बाद तत्काल बिस्तर पर सोने ना जाएं, इसकी जगह हल्की एक्टीविटीज कर लें। खाना खाने और सोने में थोड़ा गैप रखें।
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कब यह सामान्य नहीं माना जाना चाहिए?
कभी-कभार खाना खाने के बाद नींद आना आम बात हो सकती है। लेकिन अगर हर भोजन के बाद बहुत ज्यादा नींद आती है, दिनभर अजीब सी सुस्ती रहती है या पर्याप्त रात की नींद लेने के बावजूद बार-बार झपकी आती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ज्यादा दिन की नींद कभी-कभी किसी बॉडी के अंदर हो रही किसी गंभीर बीमारी का अलार्म हो सकता है।
