Onion and Garlic in Fasting: हिंदू धर्म में व्रत के दौरान प्याज-लहुसन के भोजन से परहेज किया जाता है। वहीं साधु-संत आजीवन प्याज और लहसुन नहीं खाते। इसके पीछे एक खास धार्मिक मान्यता छिपी है।
Why No Onion Garlic: भारत में नवरात्रि, एकादशी, शिवरात्रि, सोमवार और कई अन्य व्रतों के दौरान लोग प्याज-लहसुन खाने से परहेज करते हैं। मन में सवाल आता है आखिर ऐसा क्यों किया जाता है? क्या इसके पीछे सिर्फ धार्मिक मान्यता है या आयुर्वेद और लाइफ स्टाइल से जुड़ी भी कोई वजह है? आइए जानते हैं व्रत में प्याज-लहसुन क्यों नहीं खाया जाता?
क्या हिंदू धर्म में प्याज-लहसुन खाने की मनाही है?
हिंदू धर्म में व्रत का मकसद सिर्फ भूखे रहना नहीं, बल्कि मन, वाणी और इंद्रियों पर संयम रखना माना गया है। इसलिए व्रत के दौरान ऐसे भोजन को प्राथमिकता दी जाती है, जिसे सात्विक भोजन कहा जाता है। परंपराओं में प्याज और लहसुन को तामसिक या कुछ मतों में राजसिक प्रवृत्ति वाला भोजन माना जाता है। इस वजह से व्रत और पूजा के समय इनसे परहेज किया जाता है।
साधु-संत क्यों नहीं खाते प्याज-लहसुन वाला भोजन?
साधु-संतों का जीवन धर्म और आध्यात्म पर आधारित होता है। इनके लिए ध्यान और जप करना दैनिक जीवन का महत्पूर्ण अंग होता है। मान्यता के अनुसार प्याज-लहसुन का सेवन मन में चंचलता और उत्तेजना बढ़ा सकता है। इसलिए साधु-संत ऐसा भोजन पसंद करते हैं, जो मन को शांत और स्थिर रखने में सहायक माना जाए।
सात्विक भोजन क्या होता है?
सात्विक भोजन वह माना जाता है जो मन को शांत, हल्का और एकाग्र रखने में मदद करे। व्रत के दौरान आमतौर पर लोग खाते हैं…
- फल
- दूध और दही
- मखाना
- सिंघाड़े का आटा
- कुट्टू का आटा
- साबूदाना
- सूखे मेवे
यह भोजन पूजा और ध्यान के लिए ज्यादा सही माना जाता है।
आयुर्वेद क्या कहता है?
आयुर्वेद में प्याज और लहसुन के कई औषधीय गुण बताए गए हैं। इन्हें पाचन, हार्ट संबंधी और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए फायदेमंद माना जाता है। लेकिन आयुर्वेद यह भी बताता है कि इनका इंपैक्ट बॉडी और मन पर उत्तेजक (Stimulating) हो सकता है। इसी वजह से कुछ आध्यात्मिक साधनाओं और व्रत के दौरान इनसे बचने की सलाह दी जाती है। यानी आयुर्वेद इन्हें नुकसान करने वाला नहीं मानता, बल्कि इनके उपयोग को व्यक्ति की जरूरत और परिस्थिति के अनुसार देखता है।
क्या साइंस भी यही कहता है?
साइंस की नजह से प्याज और लहसुन पोषक तत्वों से भरपूर फूड प्रोडक्ट हैं। इनमें पाए जाते हैं…
- एंटीऑक्सीडेंट
- सल्फर यौगिक (Sulfur Compounds)
- विटामिन C
- फाइबर
- कई प्रकार के लाभकारी पौध-आधारित तत्व
WHO इन्हें संतुलित आहार का पार्ट मानता है। इसलिए व्रत में इन्हें न खाने का कारण मुख्य रूप से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है।
