प्राइवेट जेट और ऐशो-आराम के पीछे छुपा है अरबपतियों की इन 5 अजीब आदतों का वो रहस्यमयी सच, जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते! जानिए क्यों खुद अपना टिफिन पैक करते हैं ये रईस और क्या है इनका असली राज।

Rich People Habits: जब भी हमारे दिमाग में दुनिया के सबसे अमीर लोगों या अरबपतियों का ख्याल आता है, तो एक ऐसी तस्वीर उभरती है जिसमें प्राइवेट जेट, आलीशान विला, महंगी पार्टियां और नौकरों-चाकरों की लंबी फौज होती है। हम मान लेते हैं कि सफलता की बुलंदियों पर बैठे ये लोग आम इंसानों से बिल्कुल अलग, एक जादुई और ऐशो-आराम से भरी दुनिया में रहते हैं। हॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्मों ने भी रईसों की इसी छवि को हमारे दिलों-दिमाग में पक्का किया है। लेकिन क्या यह सच है? 'दौलत के इस चक्रव्यूह' के पीछे का सच बेहद चौंकाने वाला और रहस्यमयी है। हकीकत यह है कि अरबपति भी हाड़-मांस के इंसान हैं और उनकी भी कुछ ऐसी गुप्त और अजीब आदतें होती हैं जो आपको पूरी तरह हैरान और परेशान कर सकती हैं। आइए जानते हैं दुनिया के सबसे अमीर लोगों के जीवन के वो 5 अनसुना और रहस्यमयी सच।

1. भीड़ से बगावत: जब दुनिया दाएं मुड़ती है, तो ये बाएं क्यों चल देते हैं?

सफलता का सबसे पहला और गहरा नियम यह नहीं है कि आप दूसरों से कितना बेहतर काम कर रहे हैं, बल्कि यह है कि आप वह खेल ही नहीं खेल रहे हैं जो बाकी दुनिया खेल रही है। रईस लोग कभी भी चूहा-दौड़ (Rat Race) का हिस्सा नहीं बनते।

  • वॉरेन बफेट ने अपनी बेहिसाब दौलत तब बनाई, जब उन्होंने उन कंपनियों में निवेश किया जिनसे पूरी दुनिया डरकर भाग रही थी।
  • बिल गेट्स ने जब शुरुआत की, तो उन्होंने बाजार में चल रहे आम प्रोग्राम्स पर ध्यान नहीं दिया; उन्होंने कुछ ऐसा बनाया जिसके बारे में लोगों ने कभी सोचा भी नहीं था।

ये लोग बड़ा जोखिम उठाते हैं और अपने अनोखे विज़न पर भरोसा रखते हैं, भले ही शुरुआत में दुनिया उनके विचारों का मजाक उड़ाए।

2. 33 अरब डॉलर की नेटवर्थ और ₹25 लाख की कार? मितव्ययिता का वो अजीब सच

हम अक्सर सोचते हैं कि अरबपति सिर्फ फिजूलखर्ची करते हैं, लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उलट है। दुनिया के कई बड़े रईस अपनी आमदनी से बेहद कम खर्च में जीने के लिए जाने जाते हैं।

  • फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग आज भी एक साधारण 30,000 डॉलर (लगभग 25 लाख रुपये) की फॉक्सवैगन GTI कार चलाते हैं।
  • गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन को आज भी आम लोगों की तरह कॉस्टको (CostCo) जैसे डिस्काउंट स्टोर से खरीदारी करते देखा जा सकता है।
  • भारत के दिग्गज कारोबारी अजीम प्रेमजी (नेटवर्थ 12.2 अरब डॉलर) आज भी बिजनेस ट्रिप के दौरान बैंगलोर एयरपोर्ट आने-जाने के लिए साधारण ऑटो-रिक्शा का इस्तेमाल करते हैं।

3. अपना लंच खुद पैक करने वाले अरबपति: आत्मनिर्भरता या कोई गुप्त सनक?

फिल्मों में दिखाया जाता है कि अमीर लोग अपने हाथ से पानी का गिलास तक नहीं उठाते और उनके आगे-पीछे सहायकों की लंबी फौज होती है। लेकिन असल जिंदगी के आंकड़े कुछ और ही दास्तान बयां करते हैं।

डिश नेटवर्क के चेयरमैन चार्ली एर्गेन की कुल संपत्ति लगभग 16.3 अरब डॉलर है, लेकिन वह आज भी रोज सुबह दफ्तर जाने के लिए अपना लंच (सैंडविच और गेटोरेड) खुद अपने हाथों से पैक करते हैं। ये अरबपति बड़े काम के लिए टीम जरूर रखते हैं, लेकिन अपनी निजी जिंदगी में किसी पर असहाय या आलसी बनकर निर्भर नहीं रहते।

4. करोड़ों की बर्बादी का खौफनाक सफर: आखिर क्यों बार-बार फेल होते हैं ये रईस?

एक आम धारणा यह है कि इन लोगों ने जो भी छुआ, वो सोना बन गया। सच तो यह है कि ये लोग आम इंसानों से कहीं ज्यादा बड़े पैमाने पर असफल होते हैं, क्योंकि इनके फैसले और डील्स बहुत बड़ी होती हैं। होटल किंग किर्क केरकोरियन ने अपने लंबे करियर में कई बार करोड़ों रुपये कमाए और गंवाए। साल 2008 की मंदी के दौरान उन्होंने फोर्ड के स्टॉक्स में भारी नुकसान झेला, फिर भी वे कभी रुके नहीं। अरबपति जानते हैं कि असफलता बड़ी सफलता के रास्ते का सिर्फ एक पड़ाव है, इसलिए वे जोखिम लेने से कभी नहीं डरते।

5. जंक फूड से तौबा और 125 साल जीने का मायावी फॉर्मूला

असीमित पैसा होने के बावजूद अमीर लोग शानदार और भारी दावतों से दूर रहते हैं। एक रिसर्च के मुताबिक, 70% अमीर लोग रोज 300 से कम जंक फूड कैलोरी लेते हैं, जबकि 76% अमीर हफ्ते में कम से कम चार दिन कड़ी कसरत करते हैं। डोल फूड्स के 90 वर्षीय चेयरमैन डेविड मर्डॉक, जो पिछले 30 सालों से पूरी तरह शाकाहारी हैं, आज भी नियमित रूप से योग, घुड़सवारी और वेट ट्रेनिंग करते हैं। उन्हें पूरा भरोसा है कि अपने इस सख्त और हेल्दी लाइफस्टाइल की बदौलत वे 125 साल तक जीवित रहेंगे।