राजनीति में आने के लिए  लोग क्या-क्या नहीं करते? नौक्षम चौधरी इसका सटीक उदाहरण हैं। उन्हें मेवात की पुन्हाना सीट से भाजपा ने टिकट दिया है। नौक्षम लंदन में जॉब करती थीं। लेकिन MLA बनने की ख्वाहिश के चलते वे अच्छी-खासी जॉब छोड़कर भारत चली आईं।

मेवात. हरियाणा में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में एक दिलचस्प कहानी सामने आई है। विधानसभा सीटों के लिए भाजपा ने उम्मीदवारों की जो पहली सूची जारी की, उनमें एक नाम से सबको चौंका दिया। भाजपा ने कई दिग्गजों को टिकट नहीं दिया, वहीं पुन्हाना विधानसभा सीट से 26 साल की नौक्षम चौधरी को टिकट देकर सबको चौंका दिया है। हैरानी की बात है कि इस सीट से मौजूदा विधायक रहीश खान टिकट के प्रबल दावेदार थे। इस क्षेत्र में उनके परिवार का खासा दबदबा है। हालांकि रहीश निर्दलीय चुनाव जीते थे। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए थे। हरियाणा सरकार ने उन्हें वक्फ बोर्ड का चेयरमैन बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। लाजिमी है, ऐसे में उनका टिकट काटकर नौक्षम चौधरी को टिकट देना लोगों को हैरान कर रहा है।

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एक महीने पहले ही भाजपा में आई हैं नौक्षम

नौक्षम एक महीने पहले यानी 25 अगस्त को अपने पैतृक गांव पैमाखेड़ा में आयोजित भाजपा के एक कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। यहां उन्होंने विधिवत तरीके से भाजपा की सदस्यता ले ली थी। नौक्षम एक संभ्रांत परिवार से आती हैं। उनके पिता रिटायर जज हैं। वहीं मां आइएएस हैं। सीएम की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान नौक्षम ने शक्ति प्रदर्शन करके टिकट की प्रबल दावेदारी की थी। नौक्षम दिल्ली के मिरांडा कॉलेज में छाक्ष संघ की नेता रही हैं। इसके बाद वे लंदन चली गईं। बताते हैं कि नौक्षम को 10 भाषाएं आती हैं। वे लंदन में एक करोड़ रुपए सालाना के पैकेज पर जॉब करती थीं।