रास्ते में पड़ी कोई भी चीज को उठाकर इस्तेमाल करने से पहले इस खबर को ध्यान से पढ़ें। खेत पर पड़ी एक खाली बोतल को उठाकर उसमें पानी भरकर पीना दादी और उसके दो पोतों को घातक साबित हुआ। वो बोतल पेस्टिसाइड की थी। उस बोतल से पानी पीते ही तीनों की तबीयत बिगड़ गई। अनजाने में हुई इस घटना में 10 साल के बच्चे की जान चली गई। वहीं, 65 साल की दादी और 8 साल के दूसरे पोते का इलाज चल रहा है। 


जींद, हरियाणा. यह घटना एक सबक है। जाने-अनजाने हुई लापरवाही जिंदगी पर कैसे भारी पड़ जाती है, यह इसका उदाहरण है। रास्ते में पड़ी कोई भी चीज उठाकर इस्तेमाल करने से पहले इस खबर को ध्यान से पढ़ें। खेत पर पड़ी एक खाली बोतल को उठाकर उसमें पानी भरकर पीना दादी और उसके दो पोतों को घातक साबित हुआ। वो बोतल पेस्टिसाइड की थी। उस बोतल से पानी पीते ही तीनों की तबीयत बिगड़ गई।

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अनजाने में हुई इस घटना में 10 साल के बच्चे की जान चली गई। वहीं, 65 साल की दादी और 8 साल के दूसरे पोते का इलाज चल रहा है। घटना बुधवार शाम को लुदाना गांव में हुई।

खेत से गेहूं की बाली चुगने गए थे तीनों...
पुलिस के मुताबिक 65 वर्षीय संतरा देवी अपने दो पोतों सागर(10) और रोहित(8) के साथ खेत पर गेहूं की बाली चुगने(बीनने) गई थीं। घर लौटते समय बच्चों को प्यास लगी। उन्होंने दादी से कहा। इस बीच दादी की नजर दूर खेत में पड़ी एक खाली बोतल पर पड़ी। दादी ने उसे उठाया और पास के एक ट्यूबवेल से पानी भरा। उन्होंने बच्चों को पिलाया और फिर खुद भी पीया। पानी पीते ही तीनों की हालत बिगड़ने लगी। उन्हें सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान सागर की मौत हो गई। रोहित व उसकी दादी को गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। संतरा देवी के पति वेदप्रकाश ने बताया कि उसके बेटे कपिल के तीन पुत्र हैं। सागर सबसे बड़ा था। सागर पांचवीं कक्षा में पढ़ता था।