अब धीरे-धीरे कंडोम और पिल्स आउटडेटेड हो जाएंगे। बर्थ कंट्रोल के लिए एक नया कॉन्ट्रासेप्टिव पैच जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने बनाया है, जिसका सफल प्रयोग किया जा चुका है। 

हेल्थ डेस्क। अब धीरे-धीरे कंडोम और पिल्स आउटडेटेड हो जाएंगे। बर्थ कंट्रोल के लिए एक नया कॉन्ट्रासेप्टिव पैच जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने बनाया है, जिसका सफल प्रयोग किया जा चुका है। सबसे पहले इस पैच का इस्तेमाल चूहों पर कर के देखा गया। इसके बाद 10 महिलाओं पर इसका प्रयोग किया गया। इस प्रयोग में इसे पूरी तरह कारगर पाया गया। जिन 10 महिलाओं को यह पैच लगाया गया, उनमें से किसी पर इसका कोई गलत असर नहीं पड़ा। इसके बारे में कहा जा रहा है कि यह उन गरीब देशों की महिलाओं के लिए ज्यादा कारगर हो सकता है, जहां महिलाओं को आसानी से कॉन्ट्रासेप्टिव्स नहीं मिल पाते।

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कैसे काम करता है पैच
इस पैच को महिलाओं की स्किन से चिपका दिया जाता है। इसमें माइक्रो नीडल्स लगी होती हैं, जिनसे महिलाओं के शरीर में गर्भनिरोधक दवा धीरे-धीरे जाती रहती है। इसे लगाने से किसी तरह का कोई दर्द नहीं होता। दवा का रिसाव अपने आप होता रहता है। सिडनी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रेचल स्किनर ने कहा है कि यह माइक्रोनीडल पैच पूरी तरह से सुरक्षित है और इसका कोई साइड इफेक्ट एक्सपेरिमेंट में सामने नहीं आया है। 

ज्यादातर महिलाएं रेग्युलर पिल्स नहीं ले पातीं 
देखा गया है कि गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करने वाली महिलाएं नियमित तौर पर इसे नहीं ले पातीं। कई बार वे इसे लेना भूल जाती हैं। इससे अनचाहा गर्भ ठहरने की संभावना बहुत ज्यादा होती है। वहीं, इन गोलियों के साइड इफेक्ट भी सामने आए हैं। इनसे हार्मोनल चेंज भी देखने में आया है। इन गोलियों को पूरी तरह सेफ नहीं माना जाता। जहां तक कंडोम का सवाल है, ज्यादातर पुरुष इसका इस्तेमाल करने में कोताही बरतते हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में तो इसका इस्तेमाल बहुत ही कम किया जाता है। 

जल्दी ही कॉन्ट्रासेप्टिव पैच उपलब्ध होगा
वैज्ञानिकों का कहना है कि जल्दी ही यह पैच इस्तेमाल के लिए उपलब्ध होगा। गाइनोकोलॉजिस्ट्स और मेडिकल साइंटिस्ट्स ने भी इसे पूरी तरह सुरक्षित माना है। यह ज्यादा खर्चीला भी नहीं है। एक बार लगाने पर यह पैच एक साल के लिए कारगर रहेगा।