हॉलीवुड फिल्में किसी ना किसी तरह से लोगों को प्रेरित करती आई हैं। मेकर्स हर बार कुछ नया दर्शकों को दिखाने की कोशिश करते रहते हैं।

मुंबई. हॉलीवुड फिल्में किसी ना किसी तरह से लोगों को प्रेरित करती आई हैं। मेकर्स हर बार कुछ नया दर्शकों को दिखाने की कोशिश करते रहते हैं। इसी तरह आज रिलीज हुई फिल्म 'द लॉयन किंग' भी है। जो बच्चों का मनोबल बढ़ाती है। यह एक मनोरंजक पारिवारिक फिल्म है। जिसने लोगों को सीट से बांधे रखा। 

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दो भाईयों की है कहानी 

'द लॉयन किंग' की कहानी जंगल के राजा मुसाफा और उसके भाई स्कार की कहानी है। जो मुसाफा की जगह लेना चाहता है यानी वो जंगल का राजा बनना चाहता है। लेकिन मुसाफा के बेटे सिम्बा का जन्म उसके सपनों पर पानी फेर देता है। हालांकि किसी भी तरीके से स्कार जंगल का राजा बनना चाहता है फिर चाहे उसे बड़े भाई की जान और भतीजे को देश से क्यों ना निकालवाना पड़े। सिम्बा को अपने जीवन में कई कठिनाईयों से गुजरना पड़ता उसे सबक भी मिलता है कि 'ये देखो कि तुम कहां जा रहे हो ये नहीं कि तुम कहां से आ रहे हो।' ये लाइन अपने आप में ही बहुत कहती है। 

आर्यन खान ने किया है डेब्यू

द लॉयन किंग से शाहरुख खान के बेटे का बॉलीवुड में बतौर वॉइस ओवर आर्टिस्ट डेब्यू हुआ है। इसमें इनके अलावा श्रेयस तलपड़े और संजय मिश्रा जैसे कलाकारों ने अपनी आवाज दी है। आर्यन खान ने मूवी में सिम्बा की आवाज दी है। 'आयरमैन' और 'द जंगल बुक' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में बनाने वाले जॉन फैर्व्यू ने डायरेक्शन किया है।