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झारखंड विधानसभा: चौथे चरण में 15 सीटों पर चुनाव, क्या 12 सीटों पर फिर कब्जा कर पाएगी BJP

चौथे चरण की 15 विधानसभा सीटों पर 221 प्रत्याशी मैदान में है, जहां पर 16 दिसंबर को मतदान होंगे यह पूरा इलाका कोयलांचल और आद्योगिक बेल्ट में आता है

Jharkhand Legislative Assembly 15 seats in fourth phase BJP again in 12 seats kpm
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New Delhi, First Published Dec 14, 2019, 11:34 AM IST
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रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव में तीन चरणों में 50 सीटें पर वोटिंग हो चुकी है और बाकी 31 सीटों पर अगले दो चरण में चुनाव होने हैं। अब चौथे चरण की 15 विधानसभा सीटों पर 221 प्रत्याशी मैदान में है, जहां पर 16 दिसंबर को मतदान होंगे। यह पूरा इलाका कोयलांचल और आद्योगिक बेल्ट में आता है। चौथा चरण में सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा बीजेपी की है, क्योंकि पार्टी का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है।

झारखंड के चौथे चरण की 15 सीटों पर चुनाव होना है। इनमें मधुपुर, देवघर (एससी), बगोदर, जमुआ (एससी), गांडेय, गिरिडीह, डुमरी, बोकारो, चंदनक्यारी (एससी), सिंदरी, निरसा, धनबाद, झरिया, टुंडी और बाघमारा सीट शामिल है।

बता दें कि 2014 के विधानसभा चुनाव में चौथे चरण की इन 15 विधानसभा सीटों में से बीजेपी ने 12 सीटें जीतकर विपक्ष को धराशाही कर दिया था। एक सीट बीजेपी की सहयोगी रही आजसू ने जीती थी। जबकि, जेएमएम को एक सीट और एक सीट मासस को मिली थी। इस तरह से चौथे चरण में बीजेपी को जहां अपना किला बचाने की चुनौती है तो विपक्ष के पास इस चरण में अपनी सीटें बढ़ाने की चिंता है।

रघुवर सरकार कें मंत्री की प्रतिष्ठा दांव पर

झारखंड के चौथे दौर में रघुवर सरकार के दो मंत्रियों की साथ दांव पर लगी है। इनमें मधुपुर सीट से मंत्री राज पलिवार एक बार फिर बीजेपी के चुनावी मैदान में उतरे हैं, जिनके खिलाफ जेएमएम से पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी ताल ठोंक रहे हैं। चंदनक्यारी सीट से मंत्री अमर बाउरी एक बार फिर बीजेपी से चुनावी मैदान में हैं, जिनका मुकाबला पूर्वी मंत्री उमाकांत रजक से है जो आजसू के टिकट पर चुनौती दे रहे हैं। देवघर सीट से विधायक नारायण दास भी एक बार फिर बीजेपी से चुनाव लड़ रहे हैं, जिनके खिलाफ आरजेडी ने पूर्व मंत्री सुरेश पासवान को उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

बगोदर सीट सीपीआई (एमएल) का गढ़

बगोदर सीट सीपीआई (एमएल) की परंपरागत सीट रही है, जिसे 2014 में बीजेपी ने मोदी लहर में कमल खिलाने में कामयाब रही थी। इस बार सीपीआई (एमएल) से दो बार के विधायक रहे विनोद सिंह एक बार फिर मैदान में है, जिनके खिलाफ बीजेपी ने अपने मौजूदा विधायक नागेंद्र महतो को उतारा है।

गांडेय सीट पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सरफराज अहमद ने इस बार जेएमएम से चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं। जबकि, डुमरी से पूर्व मंत्री लालचंद महतो, टुंडी से जेएमएम के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री मथुरा महतो और बाघमारा सीट से पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।

सबसे दिलचस्प मुकाबला

चौथे चरण में सबसे दिलचस्प मुकाबला झरिया सीट पर देखने को मिल रहा है, जहां दो बहु एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में है। इस बार बीजेपी से मौजूदा विधायक संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह चुनाव लड़ रही हैं, तो उनके सामने कांग्रेस ने संजीव के चचेरे भाई नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह को उतारा है। नीरज सिंह की हत्या के बाद उनका राजनीतिक उत्तराधिकार पूर्णिमा सिंह संभाल रही है।

(प्रतीकात्मक फोटो)
 

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