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झारखंड चुनाव: ये हैं थर्ड फेज की हाई प्रोफाइल सीटें, जंग फतह करना BJP की सबसे बड़ी चुनौती

झारखंड विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण की 17 सीटों पर 12 दिसंबर को मतदान होगा इस चरण में 309 उम्मीदवार चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं

Many high profile leaders at risk  BJP tussle to win political battle kpm
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New Delhi, First Published Dec 11, 2019, 10:47 AM IST
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रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण की 17 सीटों पर 12 दिसंबर को मतदान होगा। इस चरण में 309 उम्मीदवार चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं। इस चरण में कई हाई प्रोफाइल नेताओं की साख दांव पर लगी है, जिनमें से आजसू प्रमुख सुदेश महतो और जेवीएम प्रमुख बाबूलाल मरांडी को अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा तो रघुवर सरकार के मंत्री नीरा यादव और सीपी सिंह को सियासी जंग फतह करने की चुनौती है।

सिल्ली सीट: सुदेश महतो की टिका है सियासी भविष्य

सिल्ली विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे सुदेश महतो एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरे हैं, जिसके चलते यह सीट काफी हाई प्रोफाइल मानी जा रही है। सुदेश महतो को खिलाफ बीजेपी ने अपना प्रत्याशी न देकर भले ही राहत दी हो, लेकिन जेएमएम ने जिस तरह से एक बार फिर सीमा महतो को उतारा है। इसके सुदेश महतो के लिए यह सीट जीतना एक बड़ी चुनौती बन गई।

बता दें कि पिछली बार 2014 में विधानसभा का चुनाव आजसू प्रमुख सुदेश महतो जेएमएम के अमित महतो से करीब 29 हजार मतो से हार गए थे। अमित महतो के सजायाफ्ता हो जाने के कारण यह सीट एक बार फिर खाली हुई और उपचुनाव में सुदेश महतो को एक बार फिर हार का मुंह देखना पड़ा था। उपचुनाव में अमित महतो की पत्नी सीमा महतो ने हराया था। सुदेश महतो के सामने इस बार फिर जेएमएम विधायक सीमा महतो मैदान में हैं, जिसके चलते यहां की सियासी संग्राम काभी कांटे का माना जा रहा है।

रांची सीट: सीपी सिंह की साख दांव पर

रांची विधानसभा का चुनावी घमासान इस बार चार बार विधायक रहे नगर विकास मंत्री सीपी सिंह के लिए इस बार सियासी राह काफी कठिन मानी जा रही है। सीपी सिंह के खिलाफ जेएमएम ने महुआ माजी और आजसू ने वर्षा गाड़ी को मैदान में उतारा है। महुआ माजी साहित्यकार और महिला आयोग की अध्यक्ष रही हैं। पिछले चुनाव में हार गई थी, लेकिन इस बार बदले हुए सियासी समीकरण में महुआ माजी ने सीपी सिंह के लिए मजबूत चुनौती पेश कर रही हैं।

धनवार सीट: मरांडी के सियासी भविष्य

धनवार विधानसभा सीट से जेवीएम प्रमुख बाबूलाल मरांडी मैदान में उतरने से यह सीट काफी हाई प्रोफाइल मानी जा रही है। जेवीएम प्रमुख के खिलाफ बीजेपी ने आईजी रहे लक्ष्मण प्रसाद सिंह को मैदान में उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। जबकि, जेएमएम ने निजामुद्दीन अंसारी और माले से राजकुमार यादव मैदान में है।  इसके चलते माले को अपना गढ़ बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है तो मरांडी को जीतने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है।

रामगढ़: सुनीता चौधरी को जीत की आस

रामगढ़ विधानसभा सीट चंद्रप्रकाश चौधरी जीतकर मंत्री बनते रहे हैं, लेकिन 2019 के चुनाव में गिरिडीह संसदीय सीट से जीतकर वो सांसद बन गए हैं। ऐसे में इस बार के चुनाव में रामगढ़ सीट पर चंद्रप्रकाश चौधरी की पत्नी सुनीता चौधरी आजसू के टिकट पर भाग्य आजमा रही हैं। गठबंधन टूट जाने के कारण बीजेपी ने भी यहां से उम्मीदवार दिया है। बीजेपी ने रणंजय सिंह को प्रत्याशी बनाया है जबकि, कांग्रेस से ममता देवी मैदान में है, जिन्हें जेएमएम और आरजेडी का समर्थन हासिल है।

कोडरमा सीट: नीरा यादव के खिलाफ चुनौती

कोडरमा विधानसभा सीट पर रघुवर दास सरकार में शिक्षा मंत्री नीरा यादव एक बार फिर बीजेपी से चुनावी मैदान में उतरी हैं। इसके चलते यह सीट काफी हाई प्रोफाइल माना जा रहा है। नीरा यादव के खिलाफ विपक्ष ने जबरदस्त घेराबंदी किया है। आरजेडी ने बाबू लाल चौधरी को मैदान में उतारा है, जिन्हें कांग्रेस और जेएमएम का समर्थन हासिल हैं। जबकि, बीजेपी की सहयोगी रही आजसू ने शालिनी गुप्ता को मैदान में उतारकर नीरा यादव की मुश्किलें बढ़ा दी है। यही वजह है कि नीरा यादव को इस सीट पर जीत के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। 

(प्रतीकात्मक फोटो)
 

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