Asianet News Hindi

बाबूलाल मरांडी सर्वसम्मति से चुने गए BJP विधायक दल के नेता, बनेंगे नेता प्रतिपक्ष

8 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री मुरलीधर राव को झारखंड विधान सभा में पार्टी विधायक दल के नेता के चयन के लिए केन्द्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था।

Babulal Marandi unanimously elected BJP Legislature Party leader, will become leader of opposition kpm
Author
Ranchi, First Published Feb 24, 2020, 6:05 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

रांची. हाल में भाजपा में अपने दल झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) का विलय करने वाले झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को सोमवार को यहां भाजपा विधायक दल का सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया। इसके बाद भाजपा ने विधानसभा में सबसे बड़ा विपक्षी दल होने के नाते मरांडी को विपक्ष का नेता बनाए जाने की विधानसभा अध्यक्ष से अनुशंसा की।

पार्टी ने मरांडी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की अनुशंसा की

केन्द्रीय पर्यवेक्षक तथा पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री मुरलीधर राव की उपस्थिति में मरांडी को आज यहां सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया। राव ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी विधायकों की बैठक हुई जिसमें एक आपराधिक मामले में भूमिगत चल रहे बाघमारा के विधायक ढुल्लू महतो को छोड़कर अन्य सभी 25 नवनिर्वाचित विधायक उपस्थित थे। बैठक में मरांडी को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया। भाजपा के दिल्ली स्थित केन्द्रीय कार्यालय के महासचिव अरुण सिंह ने कहा कि मरांडी के विधायक दल का नेता चुने जाने से पार्टी में सभी प्रसन्न हैं। विधायक दल की बैठक में मरांडी के नेता पद पर निर्वाचन के तुरंत बाद पार्टी ने विधानसभा सचिवालय को बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की अनुशंसा वाला पत्र भी सौंप दिया।

BJP दल के नेता चुनने के लिए मुरलीधर राव को बनाया गया था पर्यवेक्षक

इससे पूर्व 18 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री मुरलीधर राव को झारखंड विधान सभा में पार्टी विधायक दल के नेता के चयन के लिए केन्द्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था।

नवंबर-दिसंबर 2019 में राज्य विधानसभा के लिए हुए चुनाव में भाजपा की हार हुई थी और उसे सिर्फ 25 सीटों से संतोष करना पड़ा था, जबकि 2014 के चुनाव में भाजपा ने अकेले 37 सीट जीती थीं। इस वर्ष जनवरी 2020 में राज्य में नवनिर्वाचित विधानसभा के पहले सत्र में भाजपा ने अपने विधायक दल के नेता का चुनाव नहीं किया जिससे सदन में विपक्ष का नेता मनोनीत नहीं किया जा सका।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios