झारखंड के घाटशिला जिले से शर्मनाक घटना सामने आई है। जहां आंख की रोशनी बेहतर करने के लिए गए बुजुर्ग की असली आंख ही निकाल ली। इसके बाद असली आंख की जगह कंचे की गोली लगा दी। यह सब फ्री ऑपरेशन के नाम पर किया गया।

रांची (झारखंड). आए दिन इलाज के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही की खबरें सामने आती रहती हैं। लेकिन झारखंड से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला आया है, जिसने हर किसी की नींद उड़ाकर रख दी है। यहां एक बुजुर्ग कम दिखने पर अपना इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंचा हुआ था। जहां आंख की रोशनी बेहतर करने के नाम पर ऑपरेशन कर असली आंख निकाल ली। इसके बाद आंख की जगह पर कंचे की गोली लगा दी गई। मामला राज्य के के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता तक जा पहुंचा है।

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ऐसे मामले का हुआ खुलासा
दरअसल, यह शर्मनाक मामला घाटशिला जिले के उतरी मऊभंडार पंचायत के कीताडीह गांव का है। जहां 70 साल के बुजुर्ग गंगाधर सिंह अपने 8 साथियों के साथ पिछली साल केसीसी आई हॉस्पिटल जमशेदपुर पहुंचे थे। सभी गांव की आंगनबाड़ी सेविका सोमवारी माली के सहयोग से पहुंचे थे। ऑपरेशन होने के बाद गंगाधर सिंह घर लौट गए, लेकिन उनकी दाईं आंख में दर्द होने लगा। इसके बाद वह दोबारा अस्पताल लौटे और करीब दो महीने तक यहां इलाज चला। दोबारा इलाज के बाद वह अपने घर वापस चले गए।

आंख में खुजली चली तो हाथ में आ गई कांच की गोली
गंगाधर की आंख पर पट्टी बंधी हुई थी। एक दिन उनकी आंख में खुजली चली तो उन्होंने आंख को मसलना शुरू कर दिया। पता चला कि खुजाते वक्त आंख हाथ में आ गई। लेकिन यह आंख नहीं, कांच की गोली थी। इसके बाद मामला उजागर हो गया और मीडिया में छा गया। कैसे आंख के ऑपरेशन के नाम पर गड़बड़ी और धोखाधड़ी की गई। फिर पीड़ित युवक ने पुलिस थाने में अस्पताल और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ मामला दर्ज कराया। खबर लगते ही ऑपरेशन कराने वाली महिला आंगनबाड़ी सेविका फरार हो गई। वहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

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