ईडी के फर्जी इंस्पेक्टर बनकर डीटीओ से मिलने आए व्यक्ति को जब अधिकारी की पहुंच का पता चला तो वह भागने लगा। वहां के कर्मचारियों ने पकड़ा पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार, मामले में पूछताछ की जा रही है। 

दुमका. झारखंड के दुमका जिले में बुधवार को एक अजीबोगरीब घटना सामने आई। खुद को ईडी का फर्जी इंस्पेक्टर बताकर डीटीओ से मिलने आए शैलेंद्र कुमार को वहां ऑफिस में मौजूद कर्मचारियों ने पकड़ लिया और नगर थाना की पुलिस के हवाले कर दिया। शैलेन्द्र कुमार बड़ी चालाकी से सबकी आंखों में धूल झोंकते हुए डीटीओ पी बारला के कमरे तक पहुंच गया। डीटीओ से बातचीत के दौरान उसने कहा कि उसका नाम शैलेंद्र कुमार है और वह अभी जमशेदपुर में काम करता है। उसका एक बेटा छत्तीसगढ़ में आईएएस अधिकारी है। डीअीओ पी बारला को उसकी बातों पर संदेह हुआ तो उन्हानें ईडी के फर्जी इंस्पेक्टर बनकर आए युवक से कहा कि निगरानी के एसपी और डीएसपी उनके मित्र हैं। इस पर शैलेन्द्र थोड़ा परेशान हो गया। जब डीटीओ ने उसके सामने निगरानी के एसपी को फोन लगाना शुरू किया तो वह कार्यालय से भाग खड़ा हुआ। स्थापना कार्यालय से फर्जी इंस्पेक्टर के भागने के बाद डीटीओ ने कार्यालय कर्मियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद वहां मौजूद कर्मचारियों ने पीछा कर सिंधी चौक से उसे पकड़ लिया और नगर थाना की पुलिस के हवाले कर दिया। 

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यह है मामला
बुधवार 6 जुलाई की दोपहर को एक व्यक्ति जिला परिवहन पदाधिकारी के प्रधान लिपिक से मिला और बताया कि वह ईडी का इंस्पेक्टर है। डीटीओ से बात करनी है। ईडी का नाम सुनकर लिपिक ने बताया कि डीटीओ इस समय स्थापना के प्रभारी हैं और कलेक्ट्रेट भवन में स्थित ऑफिस में हैं। क्लर्क ने उसे समाहरणालय तक ले गए और कार्यालय बताकर लौट आए। जब तक डीटीओ के कक्ष में घुसने लगा तो बॉडीगार्ड ने रोक दिया। पूछा तो बताया कि वह निगरानी से आया है और अधिकारी से मुलाकात करनी है। अंगरक्षक ने उसे अंदर भेज दिया। डीटीओ पी बारला को उसने नाम शैलेंद्र कुमार बताया और कहा कि रांची से आया है। डीटीओ को उसकी बात पर शक हुआ और कहा कि निगरानी के एसपी और डीएसपी उनके मित्र हैं। जब उन्होंने उनके सामने निगरानी एसपी को फोन लगाना शुरू किया तो वह कार्यालय से निकल भागा। एसपी ने डीटीओ को बताया कि शैलेंद्र नाम का व्यक्ति जमशेदपुर निगरानी विभाग में हैं और अभी वह बैठक में है। 

आधार कार्ड चेक करने पर आया सच सामने
 डीटीओ ने बताया कि व्यक्ति के पास से उसका आधार कार्ड में मिला है, जिसमें उसका पता पलामू के विश्रामपुर लिखा हुआ है। लिपिक को उसके खिलाफ सनहा दर्ज कराने को कहा गया है। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है। आरोपित का असली नाम महेंद्र चौबे है।