झारखंड के प्रसिद्ध जगन्नाथपुरी मेले में नवजात बच्चों और जानवरों के शवों की नुमाइश करने का शॉकिंग मामला सामने आया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि; शव असली हैं या रबर की डॉल।  

रांची। जगन्नाथपुरी मेले में शवों की नुमाइश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मेले में यह तमाशा पिछले कई दिनों से चल रहा था। कुछ लोग 10-10 रुपए के टिकट पर लोगों को शवों का तमाशा दिखा रहे थे। दर्शकों की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ा है। हालांकि पहले यह कहा गया कि ये किसी नवजात बच्चों या जानवरों के शव नहीं है, बल्कि रबर की डॉल हैं। इन्हें हूबहू दिखाने के लिए पेंट करके ऐसा बनाया गया है। पुलिस ने इन्हें जब्त करके रिम्स में जांच के लिए भेजा है, ताकि असलियत सामने आ सके।

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-दरअसल, बुधवार को कुछ लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। पुलिस ने पूछताछ के लिए कोलकाता से यहां आए वकील माइटी, पिंटू माइटी और प्रभात सिंह को थाने में बैठा रखा है। पुलिस ने 4 बच्चों और कई जानवरों के कथित शव बरामद किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन लोगों ने माना कि ये असली शव हैं। वे कोलकाता से इन्हें खरीदकर लाए थे। गरीब परिवार के लोगों ने पैसों के लालच में अपने नवजात बच्चों के शव इन्हें बेचे थे।

-उधर, जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के कोषाध्यक्ष लाल प्रवीर नाथ शाहदेव ने कलेक्टर को खत लिखकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। समिति के अध्यक्ष कलेक्टर हैं। 

-बताते हैं कि दो साल पहले देवघर में भी दर्जनभर से ज्यादा अविकसित बच्चों के शव केमिकल सॉल्यूशन में शीशे के जार में बंद मिले थे। पिछले साल सितंबर में कोलकाता में भी ऐसा ही मामला सामने आया था।